जौनपुर में कृषि व्यवसाय में उन्नति

जौनपुर

 04-02-2018 10:26 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

जौनपुर गंगा-यमुना दोआब में बसा एक कृषिप्रधान जिला है। यहाँ पर कृषि मुख्य व्यवसाय रहा है। शुरुवाती दौर से ही जमीन को ज्यादा से ज्यादा उपजाऊ बनाने के लिए यहाँ पर योग्य ऐसे सारे नुस्के अपनाये जाते थे। पहले खाद के तौर पर गोबर जैसे प्राकृतिक खाद का अधिकतर इस्तेमाल होता था और अगर गोबर ना हो तो भेड़-बकरियों का इस्तेमाल करना उसी तरह फूल-पत्ती से बने खाद का भी इस्तेमाल होता था। तब से आज भी सबसे ज्यादा खाद गन्ने के खेत को अग्रता से मिलता है और बाकि फिर गेहूं, मटर और जौ को। फ़सल का चक्रीकरण वैज्ञानिक तरीके से किया जाता है। धान्य और फलीदार फ़सल बारी-बारी लगाई जाती है तथा खरीफ की फ़सल के बाद वसंत हलकी फ़सल की जाती है। ये दो साल के लिए किया जाता था और तीसरे वर्ष के ग्रीष्म में उसे बोने के लिए तैयार किया जाता था। फिर शरद के मौसम में गेहूं या फिर बसंत में गन्ने की खेती के लिए तैयार किया जाता था। आज भी बहुतांश मात्रा में यही तरीका अपनाया जाता है। सी-डेप रिपोर्ट के अनुसार आज जौनपुर में कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए बहुतसी नयी योजनायें बनाई गयी हैं। इन योजनाओं में प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल, जमीन की उपज और कार्बन की मात्रा बढ़ाने के लिए सुविधाएं का ब्यौरा मौजूद हैं। कृमि-खाद, जमीन में गंधक का प्रबंधन, नालों और सिंचाई का सही उपयोग, किसानों के लिए तथा कृषि सिखने की चाह रखनेवाले युवाओं के लिए कृषि विज्ञान केंद्र आदि बहुतसी सुविधाएं उपलब्ध करायीं हैं। केला, आम, अमरुद, आलू, मकई इन सभी की उपज बढ़ाने हेतु नए तरीकों के साथ-साथ घर के आंगन में और पौधशालाओं में फल और सब्जियां उगाने के लिए सहाय किया जायेगा तथा फल संरक्षण कारखाना भी स्थापित करने की योजना है। आज जौनपुर का कृषि विज्ञान केंद्र बहुतसी अच्छी योजनाओं में कार्यरत है। वे किसान, खेती में रूचि होने वाली औरतें, युवाओं को प्रशिक्षण देते हैं साथ ही खेत पर जाकर प्रयोग तथा परिक्षण करना, नए खेती के साधनों एवं तरीकोंसे किसानों को अवगत कराना और उनको मदद करना, औरतों को खेती और उससे जुड़े कार्य के लिए स्वयंसिद्ध करना ये सभी कार्य होतें हैं तथा उन्होंने पौधा और धान के लिए स्वास्थ्य चिकित्सालय भी शुरू किया है। प्रस्तुत चित्र जौनपुर के खेतों का है। 1. जौनपुर ए गज़ेटियर, बीइंग वॉल्यूम xxviii 1908 https://archive.org/stream/in.ernet.dli.2015.12881/2015.12881.Jaunpur-A-Gazetteer-Being-Volume-Xxviii_djvu.txt 2. सी-डेप 2007 3. कृषि विज्ञान केंद्र, जौनपुर http://jaunpur.kvk4.in/index.html



RECENT POST

  • आखिर क्यों मनाया जाता है, अभियन्ता (इंजीनियर्स) दिवस
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:00 PM


  • जौनपुर में भी हुआ था सत्ता के लिए लोदी राजवंश में संघर्ष
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:00 AM


  • जौनपुर में फव्वारे लगाने से बढ़ सकती है शहर की शोभा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     13-09-2019 01:32 PM


  • जौनपुर से गुजरने वाली गोमती नदी में भी पायी जाती हैं, शार्क मछली
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM


  • कैमरा ऑब्स्क्योरा के द्वारा बनाया गया था 1802 में अटाला मस्जिद का छायाचित्र ?
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-09-2019 04:24 PM


  • मोहर्रम की प्रचलित प्रथा है ततबीर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     10-09-2019 02:15 PM


  • कीटनाशकों और मानव गतिविधियों की चपेट में आ रहे हैं हरियल कबूतर
    पंछीयाँ

     09-09-2019 12:14 PM


  • कौन है, समुद्र में पाया जाना वाला सबसे विशाल जीव
    समुद्री संसाधन

     08-09-2019 11:46 AM


  • जौनपुर के कृषि क्षेत्र में मशीनों के उपयोग से होगा लाभ
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     07-09-2019 11:11 AM


  • “कश्फ-उल महजूब” का सूफ़ीवाद और चिश्ती आदेश में महत्वपूर्ण प्रभाव
    ध्वनि 2- भाषायें

     06-09-2019 12:05 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.