Post Viewership from Post Date to 21-Apr-2022
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
439 28 467

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

हनुमान जी के जन्‍म से जुड़ी विभिन्‍न मान्‍यताएं

जौनपुर

 16-04-2022 08:44 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

अंजनेरी पर्वत में जन्‍मे हनुमान जी के जन्म दिवस को पूरे भारत में हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है।इसे चैत्र महीने में मनाया जाता है, और यह त्योहार एक दिन या 41 दिनों तक चलता है। हनुमान जी की माँ, अंजना वास्तव में एक अप्सरा थीं, जिसका नाम पुंजिकस्तला था। पुंजिकस्तला के रूप में, उसने एक बार एक ऋषि को क्रोधित किया था, जिसके परिणामस्‍वरूप ऋषि ने इन्‍हें वानर के रूप में जन्‍म लेने का श्राप दिया।
जब पुंजिकस्तला ने क्षमा मांगी, तो ऋषि ने कहा कि वह एक पुत्र को जन्म देने के बाद अपना वास्‍तविक रूप फिर से प्राप्त कर लेगी। इसलिए, उसने अंजना नाम के एक बंदर के रूप में जन्म लिया और वानर प्रमुख और बृहस्पति के पुत्र केसरी से विवाह किया।केसरी सुमेरु नामक स्थान के राजा थे। अंजना ने संतान प्राप्ति के लिए रुद्र से 12 वर्षों तक गहन प्रार्थना की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर रुद्र ने उन्हें वह पुत्र प्रदान किया। कुछ मान्‍यताओं के अनुसार हनुमान स्‍वयं भगवान रूद्र के अवतार हैं। हनुमान को अक्सर वायु देव (पवन देवता) का पुत्र कहा जाता है; हनुमान के जन्म के दौरान वायु की भूमिका के प्रति कई अलग-अलग मान्‍यताएं हैं। एकनाथ की भावार्थ रामायण (16 वीं शताब्दी इस्‍वी) में वर्णित एक कहानी में कहा गया है कि जब अंजना पुत्र प्राप्ति के लिए रुद्र की पूजा कर रही थी, तब अयोध्या के राजा दशरथ भी पुत्र प्राप्ति के लिए 'पुत्रकामेष्टि यज्ञ' का अनुष्ठान कर रहे थे। परिणामस्वरूप, वहां पर अग्नि देव प्रकट हुए और उन्‍हें प्रसाद स्‍वरूप हलवा प्रदान किया जिसे उन्‍हें अपनी तीनों पत्नियों में वितरित किया, जिससे राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। दैवीय नियम से, हलवे का कुछ अंश उड़ते हुए उस जंगल में जा गिरा जहां अंजना पूजा कर रही थी। वायु देव ने उस हलवे को अंजना के हाथों में सौंपा और अंजना ने उसका सेवन किया। परिणामस्वरूप उनके घर हनुमान का जन्म हुआ। एक अन्य परंपरा के अनुसार अंजना और उनके पति केसरी ने एक बच्चे के लिए रुद्र की प्रार्थना की। रुद्र के निर्देश से, वायु ने अपनी पुरुष ऊर्जा अंजना के गर्भ में स्थानांतरित कर दी। तदनुसार, हनुमान की पहचान वायु के पुत्र के रूप में की जाती है।
हनुमान की उत्पत्ति की एक और कहानी विष्णु पुराण और नारदीय पुराण में उल्‍लेखित है। नारद, एक राजकुमारी से मुग्ध होकर, भगवान विष्णु के पास गए, और कहा मुझे हरि की छवि प्रदान करो, ताकि राजकुमारी उन्हें स्वयंवर में माला पहनाए। उन्होंने हरि (हरि संस्‍कृ‍त भाषा में बंदर का दूसरा नाम है और विष्णु का भी है) मुख के लिए कहा। इस प्रकार विष्णु ने उन्हें एक वानर का मुख प्रदान किया। इस बात से अनजान, नारद राज दरबार में पहुंचे वानर-समान चेहरे को देखकर वहां पर मौजूद सभी लोग हँस पड़े। अपने इस अपमान को देखते हुए उन्‍होंने विष्‍णु को श्राप दे दिया कि एक दिन वे एक वानर पर निर्भर होंगे। विष्णु ने उत्तर दिया कि उसने जो किया है वह नारद की भलाई के लिए किया है, क्योंकि यदि वह वैवाहिक जीवन में प्रवेश करते तो वह अपनी शक्तियों को खो देते। विष्णु ने यह भी बताया कि संस्‍कृत भाषा में हरि का अर्थ वानर भी होता है। यह सुनकर, नारद ने विष्णु को श्राप देने के लिए पश्चाताप किया। लेकिन विष्णु ने उन्हें पश्चाताप न करने के लिए कहा क्योंकि श्राप एक वरदान के रूप में कार्य करेगा, क्योंकि इससे रुद्र के अवतार हनुमान का जन्म होगा, जिनकी सहायता के बिना राम (विष्णु का अवतार) रावण को नहीं मार सकते थे।
आज हनुमान जी के जन्‍मदिवस को एक त्योहार के रूप में भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग- अलग दिनों में मनाया जाता है। भारत के अधिकांश राज्यों में, त्योहार या तो चैत्र (आमतौर पर चैत्र पूर्णिमा के दिन) में मनाया जाता है, कर्नाटक में, हनुमान जन्मोत्सव मार्गशीर्ष महीने के दौरान शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है। यह दिन लोकप्रिय रूप से हनुमान व्रतम या वैशाख में जाना जाता है, जबकि केरल और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों में, यह धनु (तमिल में मार्गाज़ी कहा जाता है) में मनाया जाता है।भगवान हनुमान को बुराई के खिलाफ जीत हासिल करने और सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता वाले देवता के रूप में पूजा जाता है।हनुमान भगवान राम के प्रबल भक्त थे और राम के प्रति उनकी अटूट भक्ति के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं। हनुमान जी को मारुति, बजरंग बली और कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, हिंदुओं के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण और पूजनीय देवता हैं। वानर (बंदर) के रूप में जन्मे, हनुमान बहुत ही विद्वान हैं और उनके पास शरीर और मन दोनों का महान ज्ञान और शक्ति है। वह अपने आकार को बढ़ाने या घटाने की क्षमता रखते हैं, अपनी इच्छा के अनुसार, वह कितनी भी दूरी तक उड़ सकते हैं और इनका शरीर 'वज्र' के समान मजबूत है। यह चतुर और बुद्धिमान दोनों हैं। और इन कौशलों का उपयोग करके यह अपने भक्तों की बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं। इसलिए लोग उन्हें 'संकट मोचक' कहते हैं। हनुमान के जन्मदिन को हनुमान जयंती कहना थोड़ा अनुचित होगा, क्‍योंकि 'जयंती' शब्द मृत लोगों से जुड़ा है, लेकिन हनुमान अभी भी जीवित हैं। इसे हनुमान जन्मोत्सव कहा जाना चाहिए।हनुमान जन्मोत्सव पर, भक्त हनुमान मंदिर जाते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
वे हनुमान की मूर्ति के सामने बैठते हैं और हनुमान की स्तुति में हनुमान चालीसा और अन्य भजनों का जाप करते हैं। वे भगवान हनुमान को गुलाब के फूल और माला चढ़ाते हैं और हनुमान के सामने घी या सरसों के तेल से दीया जलाते हैं। उनके आशीर्वाद के रूप में, वे हनुमान की मूर्ति से नारंगी सिंदूर (सिंदूर) लेते हैं और अपने माथे पर तिलक लगाते हैं।कई मंदिरों में उनका जन्मदिन मनाने के लिए विशेष हवन किया जाता है। हवन और पूजा के बाद, एक लंगर (सामुदायिक दावत) का आयोजन किया जाता है, जहां भक्तों को हनुमान के प्रसाद के रूप में भोजन मिलता है। हनुमान ने बचपन से ही ब्रह्मचर्य का जीवन जीने का निश्चय कर लिया था। उन्हें 'बाल ब्रम्हाचारी' के रूप में जाना जाता है और उन्होंने कभी शादी नहीं की। इसलिए, ब्रह्मचारियों, पहलवानों और बॉडी बिल्डरों (body builders) के लिए इस त्योहार का बहुत महत्व है। इस दिन भक्त भगवान हनुमान की एक दिव्य प्राणी के रूप में पूजा करते हैं। लोग इस दिन और यहां तक कि पूरे मंगलवार को शराब और मांसाहारी भोजन का सेवन करने से बचते हैं।

संदर्भ:
https://bit.ly/3E83UiU
https://bit.ly/3O8PUu0
https://bit.ly/3rprhPT

चित्र संदर्भ
1. गोद में हनुमान जी को दर्शाता एक चित्रण (youtube, Lookandlearn)
2. अंजनी हनुमान धाम मंदिर, चोमू, राजस्थान में अंजनी की गोद में पुत्र हनुमान की एक मूर्ति को दर्शाता एक अन्य चित्रण (wikimedia)
3. अनेक मुखों के साथ हनुमान को दर्शाता एक चित्रण (Pixabay)
4. हनुमान जयंती पर मंदिर में भारी भीड़ को दर्शाता एक चित्रण (flickr)



***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • आज कपास की आसमान छूती कीमतें छोटी मिलों की स्थिरता, लाभ क्षमता के लिए नहीं अनुकूल
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     28-05-2022 09:18 AM


  • परिवहन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात AI
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-05-2022 09:37 AM


  • खाद्य यादों में सभी पांच इंद्रियां शामिल होती हैं, इस स्मृति को बनाती समृद्ध
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:17 AM


  • जौनपुर सहित यूपी के 6 जिलों से गुज़रती पवित्र सई नदी, क्यों कर रही अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष?
    नदियाँ

     25-05-2022 08:18 AM


  • जंगलों की मिटटी में मौजूद 500 मिलियन वर्ष पुरानी विस्तृत कवक जड़ प्रणालि, वुड वाइड वेब
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:38 AM


  • चंदा मामा दूर के पे होने लगी खनिज संसाधनों के लिए देशों के बीच जोखिम भरी प्रतिस्पर्धा
    खनिज

     23-05-2022 08:47 AM


  • दुनिया का सबसे तेजी से उड़ने वाला बाज है पेरेग्रीन फाल्कन
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:53 PM


  • क्या गणित से डर का कारण अंक नहीं शब्द हैं?भाषा के ज्ञान का आभाव गणित की सुंदरता को धुंधलाता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:05 AM


  • भारतीय जैविक कृषि से प्रेरित, अमरीका में विकसित हुआ लुई ब्रोमफील्ड का मालाबार फार्म
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:57 AM


  • क्या शहरों की वृद्धि से देश के आर्थिक विकास में भी वृद्धि होती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:49 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id