विभिन्न संस्कृतियों में फूलों की उपयोगिता

जौनपुर

 21-10-2021 08:27 AM
बागवानी के पौधे (बागान)

यदि कभी आपको ईश्वर के अस्तित्व पर थोड़ी सी भी शंका हो तो, प्रकृति में खिलने वाले उन सुंदर फूलों को देखिएगा। फूलों को इतनी बेमिसाल आकृति, मनमोहक सुगंध, और मन को हर लेने वाले खूबसूरत रंग मिलना, क्या महज संयोग की बात है! बिलकुल नहीं!
फूल कुदरत की ऐसी बेजोड़ संरचना है, यदि रोगी को दिया जाय तो वह चहचहाने लगे, महीनों से रूठे प्रेमी को दिया जाए, तो वो भी मुस्कुराने लगे। एक इंसान के जीवन में फूलों की उपयोगिता चाहकर भी नज़रंदारज नहीं की जा सकती। दुःख, सुख, अच्छा, बुरा चाहे कोई भी अवसर हो हर प्रयोजन के लिए एक खास फूल भेंट किया जा सकता है। अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति करने के लिए फूलों से बेहतर शायद ही कोई दूसरा माध्यम हो! आज मानवीय भावनाओं को संप्रेषति करने लिए किसी को फूल भेंट करना बेहद आम बात है। अपने अटूट प्रेम का इजहार करना हो या किसी मित्र के प्रति कृतज्ञता जाहिर करनी हो, साथ ही दूसरे कई प्रयोजनों के लिए भी फूल भेंट किये जाते हैं।
परंतु क्या ऐसा हमेशा से होता आ रहा है?
अन्य कई बहुचर्चित घटनाओं की भांति फूल देने का भी अपना एक समृद्ध इतिहास रहा है। प्राचीन ग्रीस (Greece), रोम (Rome), चीन और मिस्र के इतिहास, मिथकों और कहानियों से यह ज्ञात होता है की, कई दशकों पूर्व भी फूल सामाजिक रीति-रिवाजों का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं। आज की ही भांति प्राचीन समय में भी अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए फूल सबसे बेहतर माध्यम थे। साथ ही हिंदू और ग्रीक पौराणिक कथाओं में ईश्वर को फूल अर्पित करने की भी एक लंबी परंपरा रही है। ऐसा माना जाता है कि प्रत्येक प्रकार के फूल को अर्थ देने की परंपरा यूरोप और तुर्की से शुरू हुई थी। विक्टोरियन लोग भी इस प्रथा का व्यापक रूप से पालन करते थे। विक्टोरियन युग के दौरान, भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना अच्छा शिष्टाचार नहीं माना जाता था। अतः लोगों ने फूलों के गुलदस्ते देकर अपनी भावनाओं जाहिर किया। फूल भेंट करने के संदर्भ में विक्टोरियाई लोगों अपने कई नियम थे। हालांकि शुरआत में प्रेम का इजहार करने के लिए शुरू हुई फूल देने की प्रथा के अलावा आज भी विभिन्न अवसरों और प्रयोजनों के लिए फूल दिए जाते हैं। जैसे:
1. शादी के फूल।
2. अंतिम संस्कार के फूल।
3. जन्मदिन के फूल।
4. वर्षगांठ के फूल।
5. सहानुभूति के फूल।
6. रोगी को जल्दी ठीक होने की कामना के फूल।
हालांकि प्रयोजनों के अनुसार, फूल देने का शिष्टाचार और प्रकार भी बदल जाता है। अलग-अलग भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अलग-अलग पुष्प भेंट किये जाते हैं। उदाहरण के तौर पर , लाल कार्नेशन्स को गहरे प्रेम के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, सफेद कार्नेशन्स को शुद्ध प्रेम का प्रतीक माना जाता है, और पीले रंग के कार्नेशन्स को निराशा का प्रतीक माना जाता है। अतः अपने किसी भी प्रियजन के लिए फूल चुनने से पहले अनुभवी फूलवाले का परामर्श लेना भी आवश्यक है। क्यों की वह आपको अवसर के अनुरूप ही फूल देगा। फूलों के मानवीय प्रयोगों का एक प्रारंभिक उदाहरण प्राचीन मिस्र में लगभग 4,500 में मिलता है, जहां महिलाओं द्वारा अपने बालों को सजाने के लिए फूलों का इस्तेमाल किया जाता था। पोंधे के अन्य भागों जैसे बीज, फल, जड़, तना और पत्ते की तुलना में भले ही फूल आर्थिक रूप से कम धनार्जन देते हों, लेकिन फिर भी फूल कई महत्वपूर्ण सब्जियां और मसाले प्रदान करते हैं। जैसे फूलों की सब्जियों में ब्रोकोली (broccoli), फूलगोभी और आर्टीचोक्स (artichokes) शामिल हैं। और मसालों के संदर्भ में केसर को सबसे महंगे मसाले में गिना जाता है। कुछ अन्य फूल जैसे लौंग और केपर्स भी बहुपयोगी मसाले माने जाते हैं। हॉप्स (Hops) के फूलों का उपयोग बियर को विशिष्ट स्वाद प्रदान करने के लिए किया जाता है। सूखे और पिसे हुए गेंदे के फूलों का उपयोग जॉर्जियाई व्यंजनों में मसाले और रंग भरने वाले पदार्थ के रूप में भी किया जाता है। सिंहपर्णी और बड़ों के फूलों से अक्सर शराब बनाई जाती है। मधुमक्खियों द्वारा फूलों से एकत्र किये गए पराग से निर्मित शहद रोगियों के लिए वरदान साबित होता है। केवल इतना ही नहीं, दुनियाभर में सैकड़ों किस्म के ताज़ा फूलों को खाया भी जा सकता है। कुछ प्रमुख खाद्य फूलों में नास्टर्टियम (nasturtium), गुलदाउदी (chrysanthemum), कार्नेशन (carnation), कैटेल (cattail), जापानी हनीसकल (Japanese honeysuckle), कासनी (chicory), कॉर्नफ्लावर (cornflower), कैना और सूरजमुखी शामिल हैं। गुलदाउदी, गुलाब, चमेली, जापानी हनीसकल और कैमोमाइल जैसे फूलों को उनकी सुगंध और औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है।
फूलों का उपयोग प्रागैतिहासिक काल से अंतिम संस्कार की रस्मों में किया जाता रहा है। स्पेन (Spain) में एल मिरोन गुफा में एक महिला की कब्र पर पराग के निशान प्राप्त हुए हैं। यूरिपिड्स के नाटक द फोनीशियन वूमेन (The Phoenician Woman) में दर्ज प्राचीन यूनानियों ने मृतक के सिर को फूलों के एक मुकुट से सजाया हुआ था, उन्होंने कब्रों को पुष्पांजलि और फूलों की पंखुड़ियों से ढक दिया था। प्राचीन मिस्र की कब्रगाहों में फूलों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता था, वही मैक्सिकन अपने पूर्वजों की नक्शेकदम पर चलते हुए आज भी डे ऑफ डेड समारोह (Day of the Dead celebrations) में फूलों का प्रमुखता से उपयोग करते हैं। चीनी लेखन और मिस्र के चित्रलिपि के साथ-साथ ग्रीक और रोमन पौराणिक कथाओं में फूल देने के कई प्रसंग मौजूद हैं। फूल देने की प्रथा मध्य युग में फली-फूली जब जोड़ों ने फूलों के माध्यम से स्नेह प्रदर्शित किया। भारत में आपको हर सदाबहार गाने में फूल का जिक्र मिल जायेगा। उदारहण के तौर पर "फूल तुम्हे भेजा है खत में " नामक एक लोकप्रिय गाने में गीतकार इन्दीवर द्वारा फूल की अभिव्यक्ति की गई है। दशकों पुराना होने के बावजूद यह गाना आज भी युवाओं को मुँह जुबानी याद रहता है। भारत में हर अवसर पर फूलों का अत्यधिक महत्व होता है यहाँ फूलों का पारंपरिक या आध्यात्मिक महत्ता है। हमारी भारतीय संस्कृति का फूलों से गहरा संबंध है। भारत के, लोग अपने देवी-देवताओं को फूल अर्पित करने के पश्चात् अपने दिन की शुरुआत करते हैं। इसके अलावा, फूलों का उपयोग शादियों, पार्टियों जैसे अवसरों के साथ ही चिकित्सा पद्धतियों के लिए भी किया जाता रहा है। भारतीय संस्कृति में फूल शक्ति, पवित्रता और उदारता के प्रतीक माने जाते हैं। सुंदर और ताजे फूल को देखने वाले दर्शक पर उनका शांतिपूर्ण और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि प्राचीन काल से ही मानव जाति के इतिहास में फूलों का विशेष स्थान है। कमल भारतीय परंपरा में पवित्र फूल है। ब्रम्हा, विष्णु, देवी लक्ष्मी और सरस्वती जैसे भारतीय देवताओं के साथ संबंध होने के कारण इस फूल को पवित्र फूल माना जाता है। इसके अलावा शादी-विवाह के अवसर पर ताजे और सुंदर फूल अवसर की शोभा बढ़ा देते हैं, और उन्हें शुभ भी माना गया है। गुलाब, चमेली, गेंदा, कार्नेशन्स जैसे पारंपरिक फूलों उपयोग सजावट के लिए किया जाता है। दूसरी संस्कृतियों के सामान ही भारत में भी फूल आपके प्यार और भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्दति आयुर्वेद में भी , विभिन्न फूलों का उपयोग उपचार गुणों के रूप में किया जाता है। आप रोगी को बेहतर महसूस करने के लिए ताजे और सुंदर फूल दे सकते हैं।

संदर्भ

https://bit.ly/3mLn3z2
https://bit.ly/30pSmIe
https://bit.ly/3iYZ4ey
https://bit.ly/30rzbxG
https://en.wikipedia.org/wiki/Flower#Human_use

चित्र संदर्भ
1. हाथ में फूलों को पकडे बच्चे का एक चित्रण (istock)
2. ईश्वर को फूल अर्पित करती महिला का एक चित्रण (Onlineflowersandcakes)
3. जुलाई 2007 में टाम्परे पुष्प महोत्सव के दौरान टाम्परे सेंट्रल स्क्वायर (Tampere Central Square) का दृश्य (wikimedia)
4. वाराणसी के एक मंदिर में शिवलिंग पर फूल बिखेरती महिला का एक चित्रण (wikimedia)
5. ब्रह्म कमल का एक चित्रण (flickr)



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