5G नेटवर्क के आगमन से कितना बदल जायेगा जीवन?

जौनपुर

 05-06-2021 10:32 AM
संचार एवं संचार यन्त्र वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

मोबाइल नेटवर्क कि गति बढ़ने के साथ-साथ छोटी-बड़ी कंपनियों कि नेटवर्थ (कुल संपत्ति) भी बढ़ रही है, अमेज़न और फ्लिप्कार्ट जैसी इंटरनेट आधारित कंपनियों की इंटरनेट के बिना कल्पना करना असंभव है, आज यह कंपनियां दुनिया की शीर्षस्थ शिखर पर हैं। भारत भी पूरी दुनिया के साथ कदम ताल करते हुए धीरे-धीरे हाई स्पीड इंटरनेट जनरेशन 5G को अपना रहा है, जानते हैं कि 5G क्या है?, और कैसे यह आपकी जीवन शैली को बदलेगा अथवा प्रभावित करेगा?
5G 5वीं पीढ़ी का इंटरनेट गति आधारित मोबाइल नेटवर्क है। यह 1G, 2G, 3G और 4G नेटवर्क के बाद नवीनतम वैश्विक वायरलेस मानक ( Wireless Standard) है। अपनी पिछली पीढियों के विपरीत 5G एक नए नेटवर्क का निर्माण करने में सक्षम है, जो लगभग सभी उपकरणों और मशीनों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करेगा। 5G के साथ तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करना एक अलग ही अनुभव होगा, जहां वायरलेस तकनीक के माध्यम से ज़बरदस्त इंटरनेट स्पीड (मल्टी-जीबीपीएस पीक डेटा स्पीड), नेटवर्क में कम बाधाएं , अधिक विश्वसनीयता, विशाल नेटवर्क कवरेज क्षमता, और VR, ड्रोन तथा अन्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से आभाषी और वास्तविक दुनिया में बेहद कम फर्क रह जायेगा। इसकी क्षमता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं, कि 5G नेटवर्क के साथ इंटरनेट के डाउनलोड स्पीड 10GB प्रति सेकंड हो जाएगी। GSM एसोसिएशन के अनुसार 2025 तक दुनिया भर में 5G नेटवर्क के 1.7 बिलियन से अधिक ग्राहक जुड़ने का अनुमान है। भारतीय परिवेश में यह कई मायनों में अहम योगदान निभा सकता है।
वर्तमान में शहरीकरण एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। संयुक्त राष्ट्र के शहरीकरण पराधारित आंकड़ों के अनुसार अभी दुनिया कि आबादी लगभग, 7.6 अरब हैं, जिनमें से 4.2 अरब लोग शहरी इलाकों में रहते हैं और 3.4 अरब ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, निश्चित ही यह आंकड़ा भविष्य में निरंतर बढेगा। जनसँख्या के साथ ही लोगों में अमीरी- गरीबी का फासला भी बढेगा, जिसका प्रमुख कारण दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का अभाव रहेगा अथवा ऐसा हो रहा है।
परंतु पांचवी पीढ़ी 5G के विस्तार के साथ ही कई भोगोलिक असमानताएं सुलझ सकती हैं, जैसे इस तकनीक के आ जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में संचार व्यवस्था अधिक मजबूत होगी साथ ही लोग वेश्विक स्तर पर एक दुसरे से एक स्थाई और भरोसे मंद नेटवर्क के सहारे जुड़े रहेंगे, जिससे डेटा आधारित कार्य दूर दराज के इलाको से भी संपन्न करना संभव होगा। और दूरस्थ क्षेत्रों के लोग घर से काम करने में सक्षम होंगे। 5G में कम बिजली की आवश्यकता, उच्च क्षमता, कम विलंबता, हाई बैंडविड्थ (High Bandwidth) और बढ़ी हुई विश्वसनीयता जैसी बेहतर क्षमताएं हैं।
इस तकनीक का स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहद अहम योगदान होने जा रहा है। क्यों कि 5जी संचार क्षमताएं, रोगियों और डॉक्टरों के बीच बिना किसी संचार बाधा के वास्तविक (Live) समय में बातचीत करने में सक्षम होंगी। और एआर/वीआर/3डी इमेजिंग जैसी नयी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां सटीक उपचार प्रदान करने में चिकित्सकों की सहायता भी करेंगी, साथ ही रिमोट सर्जरी जैसी आधुनिक चिकित्सा प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। 5G तकनीक से रोबोट प्रोस्थेटिक्स का उपयोग करके उन्हें अधिक दूरी से भी निपूर्णता से संचालित किया जा सकता है। यदि आप इस पोस्ट को देश के दूरस्थ इलाकों से पढ़ रहे हैं तो आप इस बात से भली भांति अवगत होंगे कि आज भी जबकि नेटवर्क प्रदाता 3G और 4G हाई स्पीड इंटरनेट सेवा उपलब्ध करा रहे हैं, बावजूद इसके दूर दराज के क्षेत्रों में इंटरनेट बेहद धीमी गति से चलता है। परंतु 5G नेटवर्क के आ जाने से दूरस्थ क्षेत्रों कि इंटरनेट गति और कवरेज में क्रन्तिकारी बढ़ोतरी संभव है, खासतौर पर कृषि करने का खाका ही बदल सकता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार दुनिया भर के किसानों को 2006 की तुलना में 2040 में 70 प्रतिशत अधिक भोजन/अनाज उगाना होगा। चूँकि कि 5G और IoT (Internet of Things) के माध्यम से कृषि उपकरणों से रीयल-टाइम कनेक्टिविटी द्वारा फसल और मौसम का सटीक आकलन किया जा सकता है, साथ ही विभिन्न उपकरणों के प्रयोग से उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। यह कृषि उद्योग को और अधिक मजबूत करेगा, और हमें वैश्विक खाद्य मांग के साथ तालमेल बिठा सकने में सक्षम बनाएगा।
हालांकि अनेक सुविधाओं के बावजूद इस तकनीक को धरातल पर लागू करने में अपनी कुछ समस्याएं हैं, टेलिकॉम कंपनियों के सामने किये गए निवेश पर रिटर्न (ROI – Return on Investment) पाना सबसे बड़ी चुनोती है। 5G एक बेहद खर्चीली सेवा साबित होने जा रही है। जुनिपर रिसर्च का अनुमान है कि 2018 के अंत तक, संचार सेवा प्रदाताओं, हार्डवेयर आपूर्तिकर्ताओं और सार्वजनिक निकायों ने 5G अनुसंधान और विकास पर $60 बिलियन डॉलर खर्च किए। अनुमान है, कि अकेले 2018 में, उन्होंने वाणिज्यिक रोल-आउट परीक्षण नेटवर्क पर $ 30 बिलियन खर्च किए हैं। यहाँ कंपनियों के लिए यह बात ध्यान देने योग्य है कि क्या वह लोगों को वास्तव में कुछ ऐसा दे रहे हैं जिसकी उन्हें आवश्यकता है? क्यों कि "यदि आप कुछ ऐसा वितरित करते हैं जिसकी लोगों को आवश्यकता है, तो यह बाज़ार बेहत गतिशीलता से बढेगा। साथ ही चूँकि यह इंटरनेट उपभोक्ताओं के लिए एक नया प्रयोग और अनुभव होगा, इसलिए सेवा प्रदाताओं को नयी चुनौतियों के लिए भी तैयार रहना होगा।

संदर्भ
https://infy.com/2S7ZbKu
https://bit.ly/3i6JrCi
https://bit.ly/34HQpFL
https://bit.ly/2RgpPAH

चित्र संदर्भ

1.5G के लाभों का एक चित्रण (flickr)
2. 5G प्रद्दत सेवाओं का एक चित्रण (flickr)
3. 5G उपयोग करने का एक चित्रण (flickr)


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