कोरोना महामारी के चलते व्यवसायों को ऑनलाइन रूप से संचालित करने की है अत्यधिक आवश्यकता

जौनपुर

 10-05-2021 09:41 PM
संचार एवं संचार यन्त्र

भारत के छोटे व्यवसायों, विशेष रूप से खुदरा विक्रेताओं ने बड़े ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं की अवैध गतिविधियों जैसे उत्पादों की कीमतें कम करने और अशिष्ट पेशेवर व्यवहार को रोकने के लिए कड़े प्रयास किए हैं,लेकिन वे भी अब ऑनलाइन क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि कोरोना महामारी के कारण लोग अपने घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं, तथा ऑनलाइन खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं।भले ही पिछले साल कोरोना महामारी को रोकने के लिए जो प्रतिबंध लगाए गए थे, उनमें सरकार द्वारा बाद में थोड़ी ढील भी दी गयी, लेकिन फिर भी लोगों ने ऑनलाइन खरीदारी को अधिक महत्व दिया।चूंकि लोगों को सस्ता डेटा उपलब्ध हो रहा है,तथा करोड़ों लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं, इसलिए ई-कॉमर्स (E-commerce) का अत्यधिक विस्तार हो रहा है।भारत में ई-कॉमर्स की अवधारणा की पहली शुरूआत 1990 के दशक के अंत में हुई, तथा इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (Indian Railway Catering and Tourism Corporation - IRCTC) एक सफल ई-कॉमर्स पोर्टल बनाने वाली पहली कंपनी बनी।

1999 में रेडिफ (Rediff) भारत में ई-कॉमर्स की शुरूआत करने वाला पहला शॉपिंग वेब पोर्टल बना। इसके 3-4 महीने बाद ई-कॉमर्स बाजार में इंडिया टाइम्स (India times) का प्रवेश हुआ, हालांकि दोनों ही कंपनियां ऑनलाइन शॉपिंग के लिए लोगों को आकर्षित करने में असफल रहीं। इसके बाद बाजी (Baazee) का प्रवेश हुआ, जहां लोग पुराने उत्पाद खरीद और बेच सकते थे। इसके तुरंत बाद ईबे (eBay) का भी आगमन हुआ। सन् 2002 में IRCTC का आगमन हुआ, जिसके माध्यम से लोग क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके अपनी टिकट ऑनलाइन बुक कर पाने में सक्षम हुए।2005 में मेकमाइट्रिप (MakeMyTrip) की शुरूआत हुई, जिसने यात्रियों को ऑनलाइन फ्लाइट टिकट की सुविधा उपलब्ध करवायी। इसके बाद 2006, 2007, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013 और 2014 के दौरान क्रमशः यात्राडॉटकॉम (Yatra.com), बुकमाइशो (BookMyShow), फ्लिप्कार्ट (Flipkart), मिंत्रा (Myntra), माइडाला (mydala), स्नेपडील (Snapdeal), ग्रुपऑन (Groupon), जैबॉन्ग (Jabong), ऐमज़ॉन (Amazon)जैसे ई-कॉमर्स बाजारों का निर्माण हुआ। कोरोना महामारी अभी भी पूरे विश्व में व्यापक है, जिससे विभिन्न व्यवसायों को अत्यधिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अपने उत्पादों को आकर्षक बनाए रखने के लिए व्यवसाय मालिकों को अपने उत्पाद कम दामों पर बेचने पड़ रहे हैं, ताकि उनके ग्राहक बड़ी ऑनलाइन कंपनियों के ग्राहक न बन जाएं। इस नुकसान से बचने के लिए लोगों को अपने व्यवसायों को ऑनलाइन रूप से संचालित करने की अत्यधिक आवश्यकता है, ताकि ग्राहक खुद को सुरक्षित महसूस कर उनके ऑनलाइन स्टोर से सामान खरीद सकें।ई-कॉमर्स व्यवसाय शुरू करना एक कठिन काम है, और इसके लिए आपको समय-समय पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने होते हैं। सबसे पहले आपको उस उत्पाद की खोज करनी होगी, जिसे आप सीधे अपने ग्राहक को बेचना चाहते हैं। इसके बाद आपको अपने इस विचार का मूल्यांकन करना होगा। मूल्यांकन के बाद उस उत्पाद को प्राप्त करने की आवश्यकता होगी, जिसे आप बेचना चाहते हैं। लेकिन इससे पूर्व आपको यह पता लगाना होगा, कि आप अपने उत्पाद को कहाँ और कैसे प्राप्त कर सकते हैं। उत्पाद को प्राप्त कर लेने तथा उसकी क्षमता का मूल्यांकन करने के बाद आपको अपनी बिजनेस योजना तैयार करनी होगी। बिजनेस योजना तैयार करते समय या उससे पूर्व आपको अपने प्रतिस्पर्धी पर भी शोध करना होगा, ताकि आप अपने बिजनेस को अपने प्रतिस्पर्धी के बिजनेस से अलग और अच्छा बना सकें। बिजनेस योजना आपके लिए एक तरह से रोडमैप की तरह काम करेगी, ताकि आप अपने विचारों और योजनाओं को एक साथ ला सकें। बिजनेस योजना आपको यह तय करने में मदद करेगी कि, आप किसे प्राथमिकता दें और अपने नए ग्राहक कैसे बनाएं। इसके बाद अगला महत्वपूर्ण चरण व्यवसाय को स्थापित करना है, जिसके लिए सबसे पहले आपको अपने व्यवसाय का नामकरण करना होगा।

सामान को ऑनलाइन बेचने हेतु वास्तविक उत्पाद खोजने के अलावा एक और चुनौतीपूर्णनिर्णय व्यवसाय या ब्रांड के लिए एक अच्छे नाम का चयन करना है। इसके बाद आपको एक प्रतीक चिन्ह या लोगो भी बनाना होगा।इन सब के बाद आपको खोज इंजन अनुकूलन (Search engine optimization) की मूल बातें समझनी होंगी, ताकि आप गूगल (Google) और अन्य खोज इंजनों के लिए अपनी साइट तथा पेज को सही तरीके से निर्मित कर सकें। खोज इंजन की बेहतर समझ के बाद आपको अपना स्टोर तैयार करना होगा। ग्राहकों तक पहुंचने के लिए आपको एक सेल्स चैनल चुनना होगा, जहां ग्राहक पहले से ही खरीदारी कर रहे होते हैं। अपने नए व्यवसाय को लॉन्च करने के बाद आपको मार्केटिंग के लिए अनेकों रणनीतियां सीखनी होंगी,ताकि अधिकाधिक लोग आपके ऑनलाइन स्टोर में पहुंच सकें तथा आपके उत्पादों की अधिकाधिक बिक्री सम्भव हो। ई-कॉमर्स बाज़ार में अपने उत्पादों को सूचीबद्ध करने के लिए सबसे पहले आपको एक विक्रेता के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होता है, जहां आपको अपने कुछ दस्तावेज भी सबमिट करने होंगे। इसके बाद पोर्टल पर अपना सेलर अकाउंट सेट करना होता है, जहां कुछ अन्य जानकारियां भी आपको भरनी होती हैं। सेलर से सम्बंधित सूचनाओं को भरने के बाद उत्पाद की कैटेगरी सेट करनी होती है। कुछ अन्य सूचनाएं जोड़ने के बाद उत्पादों को सूचीबद्ध करने का विकल्प प्राप्त होता है, जहां उत्पाद सूचीबद्ध करने होते हैं, तथा उनका मूल्य निर्धारित करना होता हैई-कॉमर्स से जुड़ना जहां अत्यधिक सरल है, वही इस क्षेत्र में टिके रहना एक कठिन कार्य भी है, क्योंकि ई-कॉमर्स को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है, जिनमें बेचने के लिए सही उत्पाद ढूंढना, ग्राहकों को आकर्षित करना, ऑनलाइन स्टोर में ग्राहकों की भीड़ को बनाए रखना, अपने उत्पादों की गुणवत्ता को बनाए रखना, सही तकनीक और साझेदार चुनना आदि शामिल हैं। हालांकि, कुछ चीजों पर ध्यान देकर ऑनलाइन व्यापार को सुरक्षित बनाए रखा जा सकता है। इसके लिए ग्राहकों के उत्पाद अनुभव पर जोर देना अत्यंत आवश्यक है। आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए उसका पुन: परीक्षण या पुनर्मूल्यांकन करते रहना चाहिए। आपके उत्पादों की गुणवत्ता निरंतर अच्छी बनी रहेगी, इसकी गारंटी देने के लिए आपको अपनी आपूर्ति श्रृंखला और ग्राहक अनुभव पर पूरा ध्यान देना होगा। अपने व्यवसाय को बनाए रखने के लिए आपको उसकी गति और स्तर को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। महामारी के इस दौर में यदि आप अपने व्यवसाय पर तीव्र गति से काम करते हैं, तो आप अपने व्यवसाय पर अच्छे अनुप्रयोग कर पाएंगे, जिससे आपके व्यवसाय की निरंतरता बनी रहेगी।

संदर्भ:
https://bit.ly/3ti7TSW
https://bit.ly/2QUgUVl
https://bit.ly/3b1bBdp
https://bit.ly/3egdDZq

चित्र संदर्भ:
1.नक़्शे तथा कोरोना वायरस का एक चित्रण (unsplash)
2.ऑफिस कर्मचारियों का एक चित्रण(unsplash)
3.ट्राली का एक चित्रण (unsplash)



RECENT POST

  • उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतीक चिन्ह दो मछली कोरिया‚ जापान और चीन में भी है लोकप्रिय
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     06-12-2021 09:42 AM


  • स्वतंत्रता के बाद भारत छोड़कर जाने वाले ब्रिटिश सैनिकों की झलक पेश करते दुर्लभ वीडियो
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     05-12-2021 08:40 AM


  • भारत से जुड़ी हुई समुद्री लुटेरों की दास्तान
    समुद्र

     03-12-2021 07:46 PM


  • किसी भी भाषा में मुहावरें आमतौर पर जीवन के वास्तविक तथ्यों को साबित करती है
    ध्वनि 2- भाषायें

     03-12-2021 10:42 AM


  • नीलगाय की समस्या अब केवल भारतीय किसान की ही नहीं बल्कि उन देशों की भी जिन्होंने इसे आयात किया
    निवास स्थान

     02-12-2021 08:44 AM


  • भारत की तुलना में जर्मनी की वोटिंग प्रक्रिया है बेहद जटिल
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     01-12-2021 08:55 AM


  • हिन्दी शब्द चाँपो औपनिवेशिक युग में भारत से ही अंग्रेजी भाषा में Shampoo बना
    ध्वनि 2- भाषायें

     30-11-2021 10:23 AM


  • जौनपुर के शारकी राजवंश के ऐतिहासिक सिक्के
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     29-11-2021 08:50 AM


  • भारत ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का खिताब छह बार अपने नाम किया, पहली बार 1966 में रीता फारिया ने
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     28-11-2021 12:59 PM


  • भारतीय परिवार संरचना के लाभ
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     27-11-2021 10:23 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id