जौनपुर में लागू होगा रोस्टर लॉकडाउन (Roster Lockdown), साथ ही जानिये क्या प्रभाव पड़ेगा आम आदमी की जेबों पर?

जौनपुर

 04-05-2021 10:31 AM
वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

डंके की चोट पर कहा जा सकता है की कोरोना महामारी ने अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी है। टीकाकरण की प्रक्रिया के बीच देश के विभिन्न हिस्सों से जमीनी तौर पर बड़े मानवीय और आर्थिक नुकसान की सूचनाएं मिल रही है। राज्य सरकारों के सामने लोगों का जीवन और देश की अर्थव्यवस्था बचाने की दोहरी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के तहत बाजार खोलने का नया नियम लागू किया गया है। जौनपुर के उदाहरण से इस प्रक्रिया को विस्तार पूर्वक समझते हैं।

देश में कोरोना की दूसरी लहर लोगों के जीवन के साथ-साथ उनकी जेबों पर भी काल बनकर टूटी है। दूसरी लहर बड़ी तेज़ी से और अधिक नुकसानदायक रूप में फ़ैल रही है। हमारा जौनपुर शहर भी महामारी की दूसरी लहर के प्रकोप से अछूता नहीं है। कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर से लोगो और अर्थव्यवस्था को बचाये रखने के उद्देश्य से आयुक्त वाणिज्य कर तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि क्षेत्र की दुकाने निर्धारित रोस्टर के तहत ही खुलेंगी। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि केवल कुछ चुनी हुई मूलभूत सेवाओं और उद्पादों की दुकानों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की सेवायें पूर्ण रूप से बंद कर दी जाएँगी। अधिकारीयों द्वारा यह फैसला बाजार में गैर ज़रूरी भीड़ को शिथिल करने के उद्द्येश्य से लिए गया है। यदि केवल ज़रूरी सामान लेने के लिए ही घरों से बाहर निकला गया तो निश्चित ही लोग एक दूसरे के संपर्क में कम से कम आएंगे और वायरस के प्रसार का खतरा उतना ही कम होगा। रोस्टर के अंतर्गत यह तय किया गया है की सोमवार 3 मई से बाजार प्रातः 9 बजे से लेकर सायंकाल 8 बजे तक ही खुले रखे जायेंगे। खाद्यान्न, किराना, दवा, पेट्रोल पंप, मोटर रिपेयरिंग वर्क्स की दुकानों को छोड़कर सभी अन्य दुकाने शिथिल रखी जाएंगी। व्यापारियों को सामाजिक दूरी, स्वच्छता, मास्क इत्यादि पहनने जैसे आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करना और कराना होगा। साथ ही दुकानदारों को यह भी सुनिश्चित करना होगा की दुकानों अथवा किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ इकठ्ठा न हो और सभी ग्राहकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने हेतु प्रेरित भी करना होगा।

31 दिसंबर 2019 को, चीनी सरकार ने पहली बार वुहान, चीन (Wuhan, China) में कोरोना वायरस की उपस्थिति की सूचना दी। शुरुआती जांच में इस बीमारी के लक्षण निमोनिया के समान पाए गए बाद में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इसे घातक कोरोना वायरस वायरस कोविड -19 घोषित किया। आज यह स्थिति इतने भयावह मोड़ पर पहुंच चुकी है की वाइरस से संक्रमितों की संख्या का सही-सही आंकलन करना असंभव हो गया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है की वाइरस के वैश्विक जोखिमों का मूल्यांकन बहुत अधिक है। वर्तमान में, दुनिया भर के लगभग 213 से अधिक देश Covid-19 के प्रकोप से ग्रस्त हैं. और यह वायरस 6.87% प्रति व्यक्ति की घातक दर से वृद्धि कर रहा है। आज विश्व का प्रत्येक महाद्वीप , 213 देश COVID-19 महामारी से ग्रस्त है। 27 अप्रैल 2020 तक पूरी दुनिया में COVID-19 के 2, 858, 635, पुष्ट मामले सामने आये हैं, तथा लगभग 196, 295 की मृत्यु हो गई है। अफ्रीका में, COVID-19 के आधिकारिक पुष्ट मामले 20, 316 थे तथा 839 जनों की मृत्यु हो चुकी है। जबकि दूसरी तरफ वैज्ञानिक COVID -19 संक्रमणों के इलाज हेतु दिन-रात वैक्सीन की खोज में लगे हैं, परन्तु अभी भी दूरी, निरंतर हाथ धोना , बड़े जन सम्मेलनों में भाग न लेने और मास्क पहनने जैसी सावधानियां ही प्रमुख समाधान के रूप में उभरी है।

कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए हम आर्थिक परिप्रेक्ष्य में कुछ कठोर बदलाव कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था को संतुलित करने के लिए वर्तमान में चिकित्सा क्षेत्र को केवल व्यापारिक हितों के दृष्टिकोण से न देखकर समय की मांग को समझना आवश्यक हो गया है। मुख्य रूप से स्वास्थ सेवाओं और आर्थिक हितों के बीच तालमेल बिठाना ज़रूरी हो गया है। अब समय आ गया है की सभी संगठित होकर सार्वजनिक स्वास्थ्य बनाये रखने हेतु भरपूर सहयोग करें। साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग को जनजीवन तथा अर्थव्यस्था को बचाने के लिए हर प्रकार के संसाधनों और आर्थिक खर्च करने में बिलकुल भी झिझकना नहीं। सरकारें आम आदमी पर पड़ने वाले कोविड -19 के प्रभाव को कम करने के लिए कई आर्थिक रूप में सहायक उपायों को अपना सकती हैं। इनमें धन-हस्तांरण अथवा बीमा प्रदान करने जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं , विशेष रूप से सभी चिकित्सा कर्मचारियों के लिए जो बिना अवकाश लिए निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार नीतिगत ब्याज दरों को कम कर सकती हैं, और व्यापारियों में धैर्य तथा विश्वास को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करती हैं। इस तरह के कई उपाय देश की सरकारों तथा सम्पन्न वर्ग द्वारा किये जा सकते है, जो देश के आम नागरिक को भयावह संकट में मदद कर सकती हैं।

संदर्भ:-
● https://bit.ly/3u4eEsY
● https://bit.ly/32YCjz3
● https://bit.ly/3nIakxj

चित्र संदर्भ:-
1.कोरोना वायरस का एक चित्रण (Unsplash)
2.बंद का एक चित्रण (Unsplash)
3.कोरोना मास्क का एक चित्रण (Unsplash)



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