समाज को जोड़ने वाले पदार्थ के रूप में कार्य करता है, हास्य

जौनपुर

 02-05-2021 12:50 PM
व्यवहारिक
शोध से पता चलता है, कि ऐसा आवश्यक नहीं है, कि किसी व्यक्ति के हंसने का कारण केवल कोई मजाक या हास्यजनक फिल्म हो, बल्कि वह कारण कोई दूसरा व्यक्ति भी हो सकता है। हम सहज रूप से जानते हैं, कि किसी को हंसते हुए देखने पर हमें भी तुरंत हंसी आ जाती है, लेकिन ऐसा होने के पीछे एक मानविकीय कारण है। एक अध्ययन से पता चलता है, कि हंसी और हास्य (चीजों की मनोरंजक गुणवत्ता को देखने या समझने की क्षमता) आनुवंशिक रूप से निर्मित होते हैं, और ऐतिहासिक रूप से, हास्य ने समाज को जोड़ने वाले पदार्थ के रूप में काम किया है। यहां तक कि, ऐसा माना जाता है, कि दूसरे व्यक्ति के साथ सम्बंधों को मजबूत करने के लिए जब मानव कुछ बोलता है, तो उससे पहले ही हास्य अस्तित्व में होता है। हंसी के संक्रामक होने का एक कारण शारीरिक-कार्यिकी भी है। हंसी की धीमी आवाज हमारे मस्तिष्क के प्रीमोटर कॉर्टिकल (Premotor cortical) क्षेत्र में मौजूद क्षेत्रों या भागों को सक्रिय करती है, जिससे कि चेहरे की मांस-पेशियां ध्वनि के साथ गतिशील हो जाती हैं।

संदर्भ:
https://bit.ly/336xDr2
https://bit.ly/2SiT3Pv
https://bit.ly/2QMZidN


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