प्राचीन युद्धों के मुख्य किरदार और चतुरंग सेना के मुख्य खंड: हाथी

जौनपुर

 17-09-2020 06:07 AM
हथियार व खिलौने

प्राचीन भारत में मूल रूप से सेना चार भागों में विभाजित होती थी। इसमें पैदल सेना, घुड़सवार सेना, हाथी और रथ शामिल थे। इसे 'चतुरंग' कहा जाता था। रथ तो इस्तेमाल ना होने पर टूट कर बेकार हो जाते थे तथा बाकी के तीन अंग बराबर काम में आते रहते थे। इन सब में हाथियों का काम सबसे ऊपर था।

सेनापति के निर्देशों के अनुसार बनी व्यू-रचना में हाथियों को एक खंड या एक पंक्ति में रखा जाता था। कमियों के बावजूद, प्राचीन भारतीय अपनी प्रभाव उत्पादकता में विश्वास रखते थे, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही थी। इसका मुख्य कारण सैन्य कौशल था, जिसके कारण वे इतने बड़े-बड़े जानवरों का भी इस्तेमाल कर लेते थे। प्राचीन भारत में इंसान हाथियों के बहुत से दूसरे उपयोग भी होते थे और इन कामों के लिए उनका अच्छा खासा प्रशिक्षण भी होता था। हाथियों ने कई देशों में गहरी सांस्कृतिक विरासत छोड़ी है।

क्या योद्धा हाथी अभी भी मौजूद हैं?
एक समय था, जब युद्ध के मैदान से डरावनी और भीषण आवाज आती थी। वे राइफल (Rifle) की नहीं बल्कि हाथियों की होती थी, जो दुश्मन की सेना को अपने पैरों तले सूँड़ में लपेटकर कुचल देते थे। सिर्फ एक स्थान है, जहां 21वीं शताब्दी में भी ऐसे योद्धा हाथी मौजूद हैं। यह जगह है म्यानमार (Myanmar)। यहां के उत्तरी राज्य में 4000 साल पुरानी योद्धा हाथी परंपरा अभी भी कायम है।

इस रिवाज को मानने वाले किसी सरकार को नहीं मानते, यह कचिन इंडिपेंडेंस आर्मी (Kachin Independence Army (KIA)) कहलाती है। के आई ए (KIA) में कई दशक काम कर चुके कर्नल जेम्स लम दाऊ (Colonel James Lum Dau) एक विदेशी मामलों के विशेषज्ञ, का कथन है- ’घने जंगलों में, सामान लाने ले जाने के लिए सिर्फ हाथी ही एक साधन है, और कोई विकल्प नहीं है।'

प्राचीन युद्धों के चर्चित हाथी
ऋग्वेद में देवताओं के राजा इंद्र, ऐरावत हाथी पर चलते थे। महाभारत के युद्ध में अश्वत्थामा हाथी की कहानी ने पूरे युद्ध के परिणाम को पलट कर रख दिया था। आर्य, युद्ध और शांति दोनों में 6ठी या 5वीं शताब्दी BC में हाथी की सवारी करते थे। वास्तव में भारत के प्रत्येक शासक के पास हाथी होते थे। उन्हें वह अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए इस्तेमाल करते थे।

सन्दर्भ :
https://en.wikipedia.org/wiki/War_elephant
https://www.ancient.eu/article/1241/elephants-in-ancient-indian-warfare/
https://www.pri.org/stories/2017-02-27/war-elephants-still-exist-only-one-forbidding-place

चित्र सन्दर्भ :
मुख्य चित्र में रामायण के युद्ध के दौरान की कहानी में हाथियों को दिखाया गया है। (Wikimedia)
दूसरे चित्र में एक युद्ध के दौरान राजपुताना सेना का हाथी दिखाया गया है। (Wikimedia)
तीसरे चित्र में योद्धा हाथी को दिखाया गया है। (Pinterest)
चौथे चित्र में ऐरावत हाथी पर सवार इंद्र को दिखाया गया है। (Wikipedia)
अंतिम चित्र में महाभारत युद्ध के दौरान अश्वत्थामा हाथी की कहानी का दृश्यांकन दिखाया गया है। (Wikipedia)



RECENT POST

  • व्यक्ति के बारे में कई जानकारियां हासिल कर पाने में सक्षम है, डीएनए परीक्षण (DNA Test)
    डीएनए

     19-09-2020 01:10 AM


  • बैटरियों का बैंक क्या है? क्या यहां वास्‍तव में बैटरियां मिलती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-09-2020 02:29 AM


  • प्राचीन युद्धों के मुख्य किरदार और चतुरंग सेना के मुख्य खंड: हाथी
    हथियार व खिलौने

     17-09-2020 06:07 AM


  • खयाल गायकी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     16-09-2020 02:18 AM


  • आखिर कितने तारे हैं ब्रह्माण्‍ड में?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     15-09-2020 02:09 AM


  • आत्मा, मानव मृत्यु और अंतिम निर्णय से सम्बंधित है परलोक सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-09-2020 04:19 AM


  • अपने राजसी एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध है, गिर वन्यजीव अभयारण्य
    जंगल

     13-09-2020 04:13 AM


  • क्या जानवरों को भी होता है, दुःख का एहसास?
    व्यवहारिक

     12-09-2020 10:09 AM


  • मेहराब - इस्लाम धर्म में इंसान और ईश्वर के बीच की एक अद्भुत कड़ी
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-09-2020 02:51 AM


  • क्या आधुनिक पक्षियों के रूप में आज भी जिंदा हैं भयानक डायनासोर?
    पंछीयाँ

     10-09-2020 08:42 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id