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आलू के पीछे छिपा गणितीय विरोधाभास

जौनपुर

 01-09-2020 08:08 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

भारत की प्रमुख फ़सलों में से एक आलू है और भारत विश्व में आलू का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। विश्व भर में प्रसिद्ध 'आलू' बहुत ही पौष्टिक और गुणकारी होते हैं। इसको प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधन के रूप में भी प्रयोग में लाया जाता है। जौनपुर क्षेत्र अपनी उत्पादन की उच्च सांद्रता के कारण आलू की खेती के लिए सबसे अनुकूल क्षेत्रों में से एक है। यहाँ आलू का उत्पादन खाद्य और नकदी फसल के रूप में किया जाता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अगर आंकड़ों की बात करें तो दुनिया में आलू का उत्पादन लगभग 311.4 मिलियन टन है, जिसमें आलू की फसल का क्षेत्रफल 19.22 मिलियन हेक्टेयर है। आलू की औसत उत्पादकता 16.20 टन / हेक्टेयर है, जबकि भारत में आलू का उत्पादन 1.2 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र के साथ 24 मिलियन टन और 19.7 टन/हेक्टेयर है। उत्तर पदेश में, लगभग 0.432 मिलियन हेक्टेयर में आलू की खेती की जाती है, जिसमें लगभग 7.68 मिलियन टन आलू उत्त्पन्न होता है। 2001-02 के दौरान आलू का क्षेत्रफल 0.117 लाख हेक्टेयर था, जबकि कुल उत्पादन 2.56 लाख मीट्रिक टन था, जौनपुर जिले में आलू की उत्पादकता 21.82 टन / हेक्टेयर थी, लेकिन अभी तक आलू उत्पादन के अर्थशास्त्र पर कोई व्यवस्थित अध्ययन नहीं किया गया है।

क्या आपने आलू के विरोधाभास के बारे में सुना है? चलिए आलू के विरोधाभास, उसकी समस्याओं की श्रेणी और उसके गणितीय हल के बारे में जानने का प्रयास करते हैं। तो प्रश्न यह है कि मान लीजिए आपके पास 100 किलो आलू हैं, जिनके कुल वज़न में 99% पानी है। आप उन्हें 98% पानी शेष रह जाने तक निर्जलित (Dehydrate) करते हैं, दूसरे शब्दों में, आप उन आलूओं को सूखने के लिए छोड़ देते हैं ताकि सूखने के बाद उनमें पानी की मात्रा 99% से 98% रह जाए। सूखने के बाद उन आलूओं का वजन कितना होगा? इस समस्या के हल में कई भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जैसे कि यदि हम 100 किलो आलूओं को, जिनमें 99% पानी है सूखने के लिए छोड़ देते हैं ताकि पानी की मात्रा 1% कम हो जाए तो हमें प्रतीत होता है कि सूखने के बाद आलूओं का वजन 98 किलो होना चाहिए परन्तु, सही उत्तर है, 50 किलो। यह कैसे संभव है?

इस आभासीय कथन (Intuitive Phenomenon) को गणितीय समीकरण से हल करने का प्रयास करते हैं।

हल:

आलूओं का कुल वज़न = 100 किलो
आलूओं में पानी की मात्रा = 99%
पानी का वज़न = 100 किलो का 99%
= 99 किलो
माना, सूखे हुए पानी का वज़न = x किलो
इसलिए, निर्जलीकृत आलूओं में पानी का वज़न = (100-x किलो ) का 98 %
= (100 का 98 %) - (x का 98 %)
= 98 – (x का 98 %)
इसलिए, सूखे हुए पानी का वज़न = पानी सूखने से पहले आलूओं का वज़न - पानी सूखने के बाद आलूओं का वज़न
X = 99 – (98 – x का 98 %)
x = 99 – 98 + x का 98 %
1 = 1 + x का 98 %
100x = 100 + 98x
100x – 98x= 100
2x =100
x = 100/2
x = 50

अतः, आलूओं में सूखे हुए पानी का वज़न = 50 किलो

कुल आलूओं के वज़न में से सूखे हुए पानी का वज़न घटा दिया जाए तो हमें सूखने के बाद उन आलूओं का वजन प्राप्त हो जाएगा, जो होगा सूखने के बाद उन आलूओं का वजन = कुल आलूओं का वज़न - आलूओं में सूखे हुए पानी का वज़न
उत्तर: 100 किलो - 50 किलो = 50 किलो
इस प्रकार ऊपर दिया गया कथन और उसका उत्तर 50 किलो सत्य सिद्ध होता है।

सन्दर्भ :
https://pdfs.semanticscholar.org/d018/335d8f6ff4ebeb778d333b9fbe5cdf5b6189.pdf
https://en.wikipedia.org/wiki/Potato_paradox
https://medium.com/i-math/matt-damon-s-martian-potatoes-1bcde7c6f77d
https://curiosity.com/topics/the-baffling-potato-paradox-curiosity
https://brilliant.org/discussions/thread/the-potato-problem

चित्र सन्दर्भ:
मुख्य चित्र में आलू का वजन दिखाया गया है। (Flickr)
दूसरे चित्र में आलू का गणितीय विरोधाभास संदर्भित किया गया है। (Youtube)



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