आर्थिक चुनौतियां बनाम कश्मीरी कपड़ा व्यापार

जौनपुर

 21-08-2020 03:42 AM
स्पर्शः रचना व कपड़े

कश्मीर की वादियों, चिनार के पेड़ों, डल झील, और उनमें शिकारा के साथ कश्मीरी पहनावे को मिलाने से वह तस्वीर पूरी होती है, जिसके लिए कहा गया था कि 'अगर दुनिया में कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर में ही है!' बोली-बानी, खानपान, फल- मेवे- गर्म कपड़ों के व्यापार के साथ-साथ कला साहित्य में भी कश्मीर का अपना अलग स्थान है। कश्मीरी पोशाकों को दुनिया में दुर्लभ और शानदार माना जाता है। यहाँ का एक अलग ही किस्म का रेशमी कपड़ा होता है, जो 3 गुना ज्यादा गर्म और लंबे समय तक एक सा बना रहता है।

कैसे बनाई जाती है कश्मीरी ऊन
कश्मीर में कपड़े के उत्पादन का काम 13वीं शताब्दी में शुरू हुआ था। 19वीं शताब्दी तक इसके शॉल ईरान और भारतीय शासकों द्वारा धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों में पहने जाते थे। 18वीं शताब्दी में यूरोप के लोगों ने यहां का कपड़ा पहना और यूरोप ने इसका आयात शुरू किया। खासतौर से स्कॉटलैंड (Scotland) और फ्रांस (France) ने, जहां यह बहुत लोकप्रिय था। आज भी एशिया से इसका निर्यात पश्चिमी देशों के लिए होता है। पहली बात तो यह है कि कश्मीरी शॉल और कपड़ा भेड़ों की ऊन के बजाय बकरियों की ऊन से बनता है। बकरी के बाल बहुत रेशमी होते हैं। यहाँ पायी जाने वाली जाति मंगोलिया, दक्षिण-पश्चिम चीन, ईरान, तिब्बत, उत्तरी भारत और अफगानिस्तान के बीच पाई जाती है। इन बकरियों में ठंड से बचने के लिए बहुत पतली खाल होती है, तो बचाव के लिए अपनी खाल के नीचे मुलायम रेशेदार रोए विकसित कर लेती हैं। यही रोए कश्मीरी कपड़े बनाने के काम आते हैं। जब तापमान बढ़ता है, बकरियां स्वाभाविक रूप से अपने रोए झाड़ देती हैं। उस समय उत्पादक इन रेशों को कंघी करके उतार लेते हैं, और हाथ से छांट लेते हैं। उसके बाद उन्हें साफ तथा परिष्कृत करके यूरोप भेज देते हैं, जहां उन्हें कंपनियों को बेच दिया जाता है। कपड़े की बनावट, रंग और रेशों की लंबाई पर निर्माण और कीमत दोनों निर्भर करते हैं।

कोविड-19 कश्मीरी व्यवसाय
2019- 2026 तक के कश्मीरी कपड़ा व्यवसाय के विषय में एक शोध किया गया है और ताजा स्थिति सामने आई है। इसमें बाजार संबंधी पूर्वानुमान किया गया है, जिसमें बाजार का आकार, राजस्व, उत्पादन, सीएजीआर (CAGR), खपत, कुल मुनाफा, कीमत और दूसरे तथ्य शामिल हैं। भविष्य में व्यापार के तरीकों में होने वाले परिवर्तनों और बाजार के विकास के संबंध में पूरी रूपरेखा पर भी काम किया गया है। अर्थव्यवस्था के माइक्रो-मैक्रो (Micro-Macro) पर विचार के साथ-साथ इसमें 2019- 2026 तक के कपड़े की मांग और आपूर्ति का पूर्वानुमान भी तैयार किया गया है। 2018 में विश्व के बाजार में कश्मीरी कपड़ों के व्यापार की अनुमानित कीमत 2.66 बिलियन अमेरिकी डॉलर (Billion US Dollar) थी। 2019 से 2025 तक इसमें 3.96% सीएजीआर (CAGR) की दर से वृद्धि का अनुमान है।
इस तरह के प्रयासों से कश्मीरी ऊन के उत्पादन की तकनीक में सुधार करके, उसकी मार्केटिंग (Marketing) और व्यवसाय के आधुनिक उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग करके, बाज़ार के उतार-चढ़ाव से व्यवसाय कम से कम प्रभावित होगा या यूं कहें कि कोविड-19 जैसी चुनौतियों का सामना करने की पूरी रणनीति पहले से तैयार रहेगी।

सन्दर्भ:
https://en.wikipedia.org/wiki/Cashmere_goat
https://bit.ly/33zoGUO
https://slate.com/human-interest/2012/12/cashmere-why-is-it-so-soft-why-is-it-so-expensive.html https://goodonyou.eco/material-guide-how-ethical-is-cashmere/
https://bulletinline.com/2020/08/11/how-covid-19-pandemic-will-impact-cashmere-clothing-market-business-opportunity-and-growth-2020-2026/

चित्र सन्दर्भ :

मुख्य चित्र में जम्मू में कश्मीरी ऊन से कपडे बनाती महिलाएं और कश्मीरी वस्त्रों में अंगोरा भेड़ के साथ एक युवती के सम्मिश्रित द्रश्यों को दिखाया गया है। (Prarang)
दूसरे चित्र में कश्मीरी भेड़ के बाल और उनसे निर्मित ऊन को दिखाया गया है। (Flickr)
अंतिम चित्र में कश्मीरी वस्त्र उद्योग पर कोरोना वायरस के दुष्परिणामों के कारण पड़े प्रभाव का सांकेतिक चित्रण है। (Prarang)


RECENT POST

  • व्यक्ति के बारे में कई जानकारियां हासिल कर पाने में सक्षम है, डीएनए परीक्षण (DNA Test)
    डीएनए

     19-09-2020 01:10 AM


  • बैटरियों का बैंक क्या है? क्या यहां वास्‍तव में बैटरियां मिलती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-09-2020 02:29 AM


  • प्राचीन युद्धों के मुख्य किरदार और चतुरंग सेना के मुख्य खंड: हाथी
    हथियार व खिलौने

     17-09-2020 06:07 AM


  • खयाल गायकी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     16-09-2020 02:18 AM


  • आखिर कितने तारे हैं ब्रह्माण्‍ड में?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     15-09-2020 02:09 AM


  • आत्मा, मानव मृत्यु और अंतिम निर्णय से सम्बंधित है परलोक सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-09-2020 04:19 AM


  • अपने राजसी एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध है, गिर वन्यजीव अभयारण्य
    जंगल

     13-09-2020 04:13 AM


  • क्या जानवरों को भी होता है, दुःख का एहसास?
    व्यवहारिक

     12-09-2020 10:09 AM


  • मेहराब - इस्लाम धर्म में इंसान और ईश्वर के बीच की एक अद्भुत कड़ी
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-09-2020 02:51 AM


  • क्या आधुनिक पक्षियों के रूप में आज भी जिंदा हैं भयानक डायनासोर?
    पंछीयाँ

     10-09-2020 08:42 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id