भारत में ई-कॉमर्स का जन्म और विकास

जौनपुर

 25-07-2020 04:51 PM
संचार एवं संचार यन्त्र

आज वर्तमान समय में हम घर बैठे ही सारी खरीदारियां कर लेते हैं और हमें बाहर निकलने की जरूरत भी नहीं पड़ती। वर्तमान समय में जब कि पूरी दुनिया कोरोना (Corona) के चक्रव्यूह में फंसी हुई है, ऐसे में ऑनलाइन (Online) खर्च और खरीदी अत्यंत ही तीव्र गति से उछाल भर रही है। जिस तरीके से आज वर्तमान में ई पेमेंट (E-Payment) किया जा रहा है, वह आज से एक दशक पहले तक अकल्पनीय था। भारत में उठते इस व्यापार ने कई नए आयामों को जन्म दिया है तथा भविष्य के लिए ई कॉमर्स (E-Commerce) को चुनने का एक बेहतर विकल्प प्रस्तुत किया है। भारत में 2019 में कुल 475 मिलियन इन्टरनेट (475 million internet) उपयोग करने वाले थे, जो कि भारत की जनसंख्या का 40 फीसद है। एक अध्ययन के अनुसार 2020 के अंत तक यह संख्या 627 मिलियन (627 Million) होने की आशंका है। वैश्विक स्तर पर बात करें तो चीन (China) की 48 फीसद जनसंख्या इन्टरनेट उपयोगकर्ता है। भारत में कोरोना काल के आने के बाद ई पेमेंट की संख्या बढ़ी है, अन्यथा भारत में सबसे पसंदीदा भुगतान करना कैश ऑन डिलीवरी (Cash on delivery) पद्धति है, जो कि सम्पूर्ण ऑनलाइन (Online) खरीदारी का 75 फीसद है। 1995-96 का दौर था जब भारत में ई कॉमर्स की शुरुआत हुई थी, परन्तु यह मुख्य रूप से भुगतान आदि करने तक ही सीमित थी। संगीत आदि के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता था परन्तु उस समय इन्टरनेट की अनुपलब्धता के कारण यह ज्यादा बड़े क्षेत्र में विस्तृत नहीं थी। 2017 में भारत की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनियां फ्लिप्कार्ट (Flipkart), स्नैपडील (Snapdeal) और अमेज़न (Amazon) थी परन्तु 2018 में अमेज़न फ्लिप्कार्ट से ऊपर निकल गयी। भारत में ई कॉमर्स की सालाना बढ़त पर यदि नज़र डालें तो, 2009 में भारत में ई कॉमर्स बाज़ार करीब 3.9 बिलियन डॉलर (3.9 Billion Dollars) का था, इसके बाद 2011 में यह संख्या बढ़ कर 6.3 बिलियन डॉलर हो गयी। 2013 में यह संख्या 12.6 बिलियन डॉलर थी (उस समय भारत का 79 फीसदी ई कॉमर्स बाजार, यात्रा से सम्बंधित था, लोग टिकिट (Ticket) आदि निकालने के लिए इस सुविधा का प्रयोग कर रहे थे)। 2015 के दौर में भारत का ई कॉमर्स 24 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया, इस वर्ष जो आंकड़े आये उनमे यात्रा के साथ साथ रिचार्ज (Recharge) आदि भी एक अत्यंत ही बड़ा विभाग बन चुके थे। इसी दर से ई कॉमर्स सबसे बड़े उद्योग के रूप में निकल कर सामने आया। 2020 में कोरोना के प्रकोप ने पूरे विश्व भर के ऑनलाइन व्यापार को ठप्प सा कर दिया था, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है। मार्च महीने में जब सम्पूर्ण भारत में लॉकडाउन (Lockdown) किया गया था, तो यह ऑनलाइन बाजार बड़े स्तर पर मंदी में था परन्तु अप्रैल महीने में जब लॉकडाउन की प्रक्रिया में ढील दी जानी शुरू हुई तो खुदरा बाजार से सम्बंधित ई कॉमर्स की साइटों पर 89 फीसदी अधिक लोग पहुंचे। यह आंकड़ा इस बात को सिद्ध करता है की भारतीय ई कॉमर्स बाजार से कई नए उपभोक्ता जुड़े। हांलाकि यह सोचना लाज़मी है कि इस दौर में खुदरा व्यापार पर काफी अधिक प्रभाव पड़ा जिसमे, कपडा व्यापार, होटल व्यापार आदि सम्मिलित हैं। वर्तमान समय में जब ई कॉमर्स बाजार गर्म है, तो विभिन्न ई कॉमर्स की साइटें जैसे कि फ्लिप्कार्ट, अमेज़न, मिन्त्रा आदि विभिन्न भाषाओं को अपने पोर्टल पर जोड़ने का कार्य कर रही हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस प्लेटफोर्म पर आये। इस सम्पूर्ण लेख से यह तथ्य निकल कर सामने आता है कि भविष्य में भारत काफी बड़े स्तर पर ई कॉमर्स का प्रयोग करेगा।

चित्र सन्दर्भ:
मुख्य चित्र में ई-कॉमर्स (E-commerce) में खरीददारी के दौरान पेमेंट (Payment) की प्रक्रिया को दिखाया गया है। (Pexels)
दूसरे चित्र में ई-कॉमर्स के द्वारा खरीद-फरोख्त को दिखाया गया है। (Freepics)
अंतिम चित्र में कैश ऑन डेलीवरी (Cash on delivery) के विकल्प से ई-कॉमर्स के द्वारा खरीदारी को दिखाया गया है। (Prarang)
सन्दर्भ
https://www.business-standard.com/article/economy-policy/despite-pandemic-india-s-e-commerce-expected-to-grow-three-fold-by-2028-120062402043_1.html
https://www.retaildive.com/news/what-the-pandemic-reveals-about-e-commerce/576615/
http://isid.org.in/pdf/DN1407.pdf
https://en.wikipedia.org/wiki/E-commerce_in_India
https://www.scribd.com/doc/54549535/History-of-E-Commerce-in-India



RECENT POST

  • औषधीय गुणों के साथ रेशम उत्पादन में भी सहायक है, शहतूत की खेती
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     30-10-2020 04:16 PM


  • भारत में लौह-कार्य की उत्पत्ति
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     29-10-2020 05:43 PM


  • पंजा शरीफ में भी मौजूद है पैगंबर मुहम्मद साहब कदम
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     29-10-2020 09:50 AM


  • मोहम्‍मद के जन्‍मोत्‍सव मिलाद से जूड़े अध्‍याय
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-10-2020 09:59 PM


  • कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने में चुनौती साबित हो रहा है जल संकट
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     27-10-2020 12:32 AM


  • दशानन की खूबियां
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     26-10-2020 10:38 AM


  • आश्चर्य से भरपूर है, बस्तर की असामान्य चटनी छपराह
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     25-10-2020 05:59 AM


  • नृत्‍य में मुद्राओं की भूमिका
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-10-2020 08:17 PM


  • दिव्य गुणों और अनेकों विद्याओं के धनी हैं, महर्षि नारद
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-10-2020 04:58 PM


  • जौनपुर के मुख्य आस्था केंद्रों में से एक है, मां शीतला चौकिया धाम
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-10-2020 09:38 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id