विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभान्वित करते हैं, प्रवासी नागरिक

जौनपुर

 23-06-2020 01:00 PM
सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

अक्सर लोग रोजगार की तलाश या अन्य कारणों की वजह से अपने मूल स्थान से दूसरे स्थान में प्रवास करते हैं। लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान में जाना जहां नये क्षेत्र की आबादी में वृद्धि करता है वहीं उस क्षेत्र में पनप रहे व्यवसायों के लिए भी लाभप्रद होता है। नवाचार की तरह उद्यमशीलता भी विविधता और विभिन्नता के माध्यम से फलती-फूलती है। जो लोग एक नए देश में जाते हैं, वे उस देश के मूल नागरिकों की तुलना में उद्यमी बनने की अधिक संभावना रखते हैं। उदाहरण के लिए कुछ महान भारतीय उद्यमियों को ही देंख लें जो उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभान्वित करते हैं, जहां वे पलायन कर चुके हैं, विशेष रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर में। इस दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए वर्तमान समय में अनेक प्रमाण मौजूद हैं। ऐतिहासिक रूप से, भारत को भी प्रवासी उद्यमियों से फायदा हुआ है। न केवल उन स्कॉटिश (Scottish) और अंग्रेजों से, जिन्होंने औपनिवेशिक काल में कंपनियों (companies) की स्थापना की बल्कि गैर-ब्रिटिश प्रवासियों से भी जिन्होंने लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro), रैलिस (Rallis) और फैबइंडिया (FabIndia) जैसी कंपनियों की स्थापना की। अमेरिका में, कॉफ़मैन फ़ाउंडेशन (Kauffman Foundation) के अनुसार प्रवासी नागरिकों द्वारा 27% नए व्यवसाय बनाए गए हैं, जो 11% प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रवासी नागरिक उद्यमिता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यह संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों के लिए सत्य प्रतीत होता है जहां प्रवासी सभी उद्यमियों के 27.5% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन उनकी आबादी केवल 13% है।

प्रवासी नागरिक न केवल अधिक व्यवसायों का निर्माण करते हैं बल्कि उन्हें सफल भी बनाते हैं। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (Harvard Business school) का अध्ययन यह दर्शाता है कि रोजगार वृद्धि के मामले में तीन और छह साल से अधिक समय क्षितिज में प्रवासी नागरिकों द्वारा स्थापित कम्पनियाँ, मूल नागरिकों द्वारा स्थापित कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। एक अन्य अध्ययन के अनुसार प्रवासी नागरिकों की कम्पनियाँ अपेक्षाकृत तीव्र दर से वृद्धि करती हैं और उनके लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना भी अधिक होती है। ऐसे प्रवासी नागरिक व्यापार के जोखिम के प्रति बहुत दृढ़ या अधिक सहिष्णु होते हैं। सर्वे ऑफ बिज़नेस ओनर्स (Survey of Business Owners) और अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे (American Community Survey) के आंकड़ों के अनुसार, जहां प्रवासी नागरिकों ने अमेरिका की आबादी का 13% हिस्सा बनाया वहीं उन्होंने छोटे व्यवसायों के मालिकों के रूप में 18% हिस्सा बनाया। अध्ययन में यह भी निष्कर्ष निकाला गया कि वे उद्योग जो अल्प या पूर्ण रूप से प्रवासी नागरिकों के स्वामित्व में हैं, उन्होंने 2007 में निजी क्षेत्र के रोजगार का 14 प्रतिशत हिस्सा बनाया तथा लगभग 5911878.4 करोड का उत्पादन किया। छोटे व्यवसाय के मालिकों में 31 से 49 लाख तक 18 लाख की वृद्धि हुई। प्रवासी नागरिकों ने इस वृद्धि का 30 प्रतिशत हिस्सा बनाया।

1990 की तुलना में 2010 में 5,39,000 अधिक प्रवासी नागरिक छोटे व्यवसाय के मालिक थे। प्रवासन को या तो स्थिर अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने के लिए चमत्कार के रूप में देखा जाता है, या फिर नौकरियों के लिए मूल श्रमिकों के साथ एक प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जाता है। व्यवसाय का स्वामित्व मूलनिवासी श्रमिकों की तुलना में विदेशी श्रमिकों के बीच उच्च है। उद्यमशीलता श्रम बाजार एकीकरण को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है तथा उच्च कुशल प्रवासी नागरिक नवाचार में योगदान करते हैं। इन्हीं योगदानों को देखते हुए विकसित देशों ने प्रवासी उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए विशेष वीजा (Visa) और प्रवेश कार्यक्रम बनाए हैं। आर्थिक विकास और नवाचार के लिए उद्यमशीलता अत्यधिक महत्वपूर्ण है। अधिकांश विकसित देशों में उद्यमिता को बढ़ावा देना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। प्रवासी उद्यमी अपने मेजबान देश की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सकारात्मक योगदान देते हैं।

प्रवासी नगरिक अपने मूल समकक्षों की तुलना में व्यवसायों के मालिक होने की अधिक संभावना रखते हैं, और यह व्यवसाय स्वामित्व आर्थिक एकीकरण में योगदान देता है। उच्च-कुशल आप्रवासियों ने उच्च तकनीक क्षेत्र में और नवाचार में योगदान दिया है। व्यवसायों, उद्यमशीलता और प्रवासी नागरिकों के बीच संबंध को सक्षम बनाने में विभिन्न कारकों की परस्पर क्रिया होती है। इन कारकों में विकसित मानसिकता, अनुकूलन, विविधता और समावेशन, वैश्विक तत्परता आदि शामिल हैं। वे व्यक्ति जिनकी मानसिकता विकसित होती है, वे यह मानते हैं कि उनकी प्रतिभा स्थिर नहीं है। उनका विश्वास होता है कि वे कड़ी मेहनत करके, अच्छी रणनीतियों के साथ आकर और दूसरों से निवेश लेकर अधिक काम कर सकते हैं। ऐसे लोग निश्चित मानसिकता वाले व्यक्तियों की तुलना में अधिक सफलता हासिल करते हैं। प्रवासी नागरिक मानसिकता भी विकसित या वृद्धि करती हुई मानसिकता से संबंधित अवधारणा है। जो लोग कुछ बेहतर करने की तलाश में अपने जीवन को जोखिम में डालने के लिए तैयार हैं, वे लोग परिवर्तन के लिए दृढ़ हैं।

एक नए देश में प्रवास करने के लिए एक व्यक्ति की क्षमता में उच्च स्तर का विश्वास और अनिश्चितता के लिए उच्च स्तर की सहिष्णुता होती है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें चीजों को प्राप्त करने के लिए अनुकूलित होने की अपनी क्षमता पर विश्वास होता हैं। नई चुनौतियों से बेखबर होना और लगातार उस तक पहुंच बनाना लंबे समय तक व्यापार के अस्तित्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वे कम्पनियाँ जो प्रौद्योगिकी में प्रगति और समाज में बदलाव के साथ-साथ निरंतर नवाचार और अनुकूलन नहीं करती हैं वे महसूस करती हैं कि उनके उत्पादों या सेवाओं के महत्व में गिरावट आने लगी है। एक नई जगह पर अकेले पनपने के लिए अनुकूलन कौशल की आवश्यकता भी होती है। यह एक दर्दनाक और कठिन प्रक्रिया हो सकती है जिसके लिए व्यक्ति को अपने सोचने और कार्य करने के तरीके में परिवर्तन की आवश्यकता होती है। प्रवासी नागरिक, नियोक्ताओं के लिए लाभ की पेशकश कर सकते हैं। आज के प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में व्यवसाय सफलता के लिए तीव्र अनुकूलन आवश्यक है। प्रवासी नागरिक व्यवसाय में अनुकूलन क्षमता की संगठनात्मक शक्ति का निर्माण करने में मदद कर सकते हैं जो कंपनी को अधिक ग्रहणशील होने तथा नित्य परिवर्तन में सक्षम बनायेगा जोकि वर्तमान समय में व्यवसायों के लिए आवश्यक हैं। प्रवासी नागरिक कंपनी की जातीय और भाषाई विविधता में भी सुधार करते हैं। वे कार्यस्थल पर अद्वितीय अनुभवों, पृष्ठभूमि और अत्यधिक ज्ञान को साथ लेकर आते हैं। वे कंपनियां जहां कर्मचारियों की विविधता अत्यधिक होती है वह अपेक्षाकृत बडे पैमाने पर अधिक स्वस्थ वित्तीय प्रदर्शन करती हैं। व्यावसायिक संदर्भ में प्रवासी नागरिकों से प्राप्त एक लाभ यह भी है कि उनके पास अंतर्राष्ट्रीय अनुभव होता है। लगभग हर व्यवसाय को एक बिंदु पर नुकसान का सामना करना पडता है तथा उसे बढ़ते रहने के लिए सीमाओं से परे विस्तार करने की आवश्यकता होती है।

चित्र सन्दर्भ:
मुख्य चित्र - अमेरिका में भारतीय प्रवासियों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य कलात्मक चित्रण है। (Prarang)
दूसरा चित्र - विश्व स्तर पर प्रवासी नीतियों को प्रदर्शित करने के लिए बनाया गया कलात्मक चित्रण है। (Freepik)
तीसरा चित्र - वैश्विक स्तर पर सुधार में प्रवासियों की भूमिका प्रदर्शित करने के लिए बनाया गया कलात्मक चित्र। (Prarang)

संदर्भ:
1. http://www.businessworld.in/article/Immigrant-Enterprisers/25-09-2017-126902/
2. https://hbr.org/2018/10/research-shows-immigrants-help-businesses-grow-heres-why
3. https://bit.ly/2Btmh5U
4. https://wol.iza.org/articles/immigrants-and-entrepreneurship/long



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