निकट संकटग्रस्त (Near Threatened) पक्षी की श्रेणी में सूचीबद्ध है ब्लैक-टेल्ड गोडविट (black-tailed godwit)

जौनपुर

 11-04-2020 01:15 PM
पंछीयाँ

ब्लैक-टेल्ड गोडविट (black-tailed godwit) या काले रंग वाला गोडविट बड़े, लंबे पैरों वाला एक ऐसा पक्षी है, जिसका वर्णन 1758 में कार्ल लिनिअस (Carl Linnaeus) द्वारा किया गया था। वैज्ञानिक रूप से लिमोसा (Limosa) के नाम से जाना जाने वाला यह पक्षी गोडविट (godwit) वंश का सदस्य है, जिसकी प्रायः तीन उप-प्रजातियां पायी जाती हैं। वैश्विक रूप से यह भारत, बांग्लादेश, यूरोप, जापान, म्यांमार, पाकिस्तान, साइबेरिया इत्यादि स्थानों में पाया जाता है। इस पक्षी की प्रजनन सीमा (Range) आइसलैंड (Iceland) से लेकर रूस के सुदूर पूर्व तक फैली हुई है। इनके प्रजनन क्षेत्र नदी घाटियाँ, बड़ी झीलों के किनारे, नम घाटियाँ, उभरी दलदली भूमि आदि हैं। यूरोपीय आबादी का एक महत्वपूर्ण अनुपात अब माध्यमिक निवास स्थान का उपयोग करता है, जिनमें तराई के शुष्क घास के मैदान, तटीय क्षेत्र में चराई के लिए उपयोग की जाने वाली दलदली भूमि, चारागाह, मछली पकड़ने के आस-पास के नम क्षेत्र आदि हैं। नीदरलैंड और जर्मनी में ये पक्षी चुकंदर, आलू और राई के खेतों में भी प्रजनन करता है। वसंत के मौसम में, ये पक्षी घास के मैदानों में बड़े पैमाने पर भोजन करते हैं, प्रजनन के बाद और सर्दियों के लिए दलदले मुहानों में चले जाते हैं। भारत में, इनके द्वारा तालाबों, झीलों, दलदलों का उपयोग किया जाता है। वे झुंड में पश्चिमी यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण एशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर प्रवास करते हैं।

पक्षी की चोंच से लेकर पूँछ तक की लंबाई लगभग 42 सेंटीमीटर तक होती है। जबकि केवल चोंच की लंबाई 7.5 से 12 सेंटीमीटर तक हो सकती है। नर पक्षियों का वजन 280 ग्राम जबकि मादा पक्षी का वजन 340 ग्राम तक होता है। मादाएँ, नर पक्षी की अपेक्षा 5% बड़ी होती हैं जिनकी चोंच भी अपेक्षाकृत 12 - 15% लंबी होती है। प्रजनन के मौसम के दौरान, इनकी चोंच का आधार पीले या नारंगी-गुलाबी रंग का होता है तथा टिप (tip) काले रंग की हो जाती है। पैरों का रंग प्रायः गहरे भूरे या काले रंग का होता है। काले पूंछ वाले पक्षी अधिकतर मोनोगैमस (monogamous) होते हैं अर्थात पूरे जीवन काल में इनका केवल एक ही साथी होता है। वे अव्यवस्थित आबादी में अपना घोंसला बनाना पसंद करते हैं। एकल नर अस्थायी क्षेत्र की रक्षा करते हैं और एक साथी को आकर्षित करने के लिए प्रदर्शन उड़ानें (Display flights) भरते हैं। मादा द्वारा दिये गये तीन से छह अंडों का समूह ऑलिव-ग्रीन (olive-green) से गहरे भूरे रंग का होता है, जोकि 55 मिलीमीटर लम्बा तथा 37 मिलीमीटर चौडा होता है। अंडे का वजन 39 ग्राम तक हो सकता है, जिन्हें सेने (Incubation) में 22–24 दिन का समय लगता है। सेने की प्रक्रिया प्रायः दोनों नर और मादा द्वारा की जाती है।

ब्लैक-टेल्ड गॉडविट की उत्पादकता वसंत के तापमान के साथ, सकारात्मक रूप से बदलती है। भोजन के लिए ये पक्षी मुख्य रूप से अकशेरुकीय जीवों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन सर्दियों और प्रवास के दौरान जलीय पौधों का भी सेवन करते हैं। प्रजनन के मौसम में इनके शिकार में झींगुर, मक्खियाँ, टिड्डे आदि शामिल होते हैं। कभी-कभी, ये जीव मछली के अंडे, मेंढक और टैडपोल (tadpoles) को भी खा जाते हैं। केवल यूरोप (Europe) के फ्रांस (France) में ही 6,000 से 8,000 पक्षियों की वार्षिक अनुमानित हत्या के साथ ही इसके शिकार का आंकड़ा सामने आया था, जिसने पश्चिमी यूरोप में इनकी आबादी पर अतिरिक्त दबाव डाला। इंग्लैंड में, काली पूंछ वाले इस पक्षी को भोजन के रूप में बहुत बेशकीमती माना जाता था और इसलिए इसका मूल्य भी बहुत अधिक था। 2006 में बर्डलाइफ इंटरनेशनल ( Birdlife International) ने पिछले 15 वर्षों में लगभग 25% की संख्या में गिरावट के कारण इस प्रजाति को निकट संकटग्रस्त (Near Threatened) के रूप में वर्गीकृत किया। यह उन प्रजातियों में भी है, जिनके लिए अफ्रीकी-यूरेशियन माइग्रेटरी वॉटरबर्ड्स ( African-Eurasian migratory waterbirds -AEWA) के संरक्षण पर समझौता लागू हुआ। आईयूसीएन (International Union for Conservation of Nature-IUCN) द्वारा इन्हें निकट संकटग्रस्त (Near Threatened) जीव की श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Black-tailed_godwit
2. https://wadertales.wordpress.com/2018/07/30/black-tailed-godwit-and-curlew-in-france/
3. https://indiabiodiversity.org/species/show/239291
चित्र सन्दर्भ:
1.
Picryl.com – Black Tailed Godwit
2. Publicdomainpictures.net – limosa
3. Wallpaperflare.com – Godwit
4. Pxfuel.com – limosa melanura



RECENT POST

  • सबसे खतरनाक जानवरों में से एक है बॉक्स जेलीफ़िश, क्या बचा जा सकता है इसके डंक से
    मछलियाँ व उभयचर

     22-09-2021 09:08 AM


  • भारत की रॉक कट वास्तुकला से निर्मित भव्य विशालकाय आकृतियां
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-09-2021 09:46 AM


  • लकड़ी से बनी कुछ चीजें क्यों हैं काफी महंगी?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     20-09-2021 09:31 AM


  • इतिहास की सबसे भीषण परमाणु दुर्घटना है, चर्नोबिल परमाणु दुर्घटना
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-09-2021 12:48 PM


  • जौनपुर की अनूठी शहर संरचना है यूरोप के प्रसिद्ध शहरों जैसी
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-09-2021 10:07 AM


  • ओजोन परत के संरक्षण के लिए वैश्विक पैमाने पर उठाए गए कदम
    जलवायु व ऋतु

     17-09-2021 09:48 AM


  • जलवायु को विनियमित करने में महासागर की भूमिका
    समुद्र

     16-09-2021 10:09 AM


  • हाइड्रोपोनिक फार्म जब बिना मिट्टी के उग जाती हैं स्वादिष्ट व् पौष्टिक सब्जियां
    साग-सब्जियाँ

     15-09-2021 10:11 AM


  • मृदा के प्रकार व मृदा स्वास्थ्य का मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     14-09-2021 09:42 AM


  • दुनिया की विभिन्न संस्कृतियों में बिल्लियां करती हैं विभिन्न प्रतीकों का प्रतिनिधित्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-09-2021 06:55 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id