वन्य जीव और प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है संरक्षण फोटोग्राफी (Conservation photography)

जौनपुर

 07-03-2020 12:50 PM
द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

वर्तमान समय में फोटोग्राफी (Photography) हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गयी है। जब भी कोई फोटोग्राफर किसी स्थान का दौरा करता है तो वह उस स्थान की बहुत सुंदर- सुंदर तस्वीरें खींचता है। किंतु इन सुंदर दृश्यों के पीछे छिपे वास्तविक परिदृश्यों को भी शायद कोई नहीं जानता यदि संरक्षण फोटोग्राफी का उपयोग न किया गया होता। संरक्षण फोटोग्राफी, फोटोग्राफिक प्रक्रिया का एक सक्रिय उपयोग है। फोटोजर्नियलिज़्म (photojournalism) के मापदंडों के भीतर, इस फोटोग्राफी के उत्पाद संरक्षण परिणामों का समर्थन करते हैं। दूसरे शब्दों में ऐसी फोटोग्राफी जो किसी चीज को संरक्षित करने की ओर ध्यान जागरूक करे, संरक्षण फोटोग्राफी कहलाती है।

प्रकृति की रक्षा और जीवमंडल और प्राकृतिक पर्यावरण में सुधार के एक कारक के रूप में इसके अंतर्गत प्रकृति की तस्वीरों को समस्या-उन्मुख दृष्टिकोण के साथ खींचा जाता है ताकि उन समस्याओं के प्रति लोगों का ध्यान खींचा जा सके तथा उसके संरक्षण के प्रयास किये जा सकें। संरक्षण फ़ोटोग्राफ़ी पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण, आवास संरक्षण या सांस्कृतिक संरक्षण जैसे मुद्दों की जन जागरूकता का विस्तार करके, उपचारात्मक कार्रवाई को उत्तेजित करता है। 21 वीं सदी की शुरुआत में मानव के कारण होने वाले पर्यावरणीय संकट से संरक्षण के लिए फोटोग्राफी पर अत्यधिक जोर दिया गया। जौनपुर की सबसे पुरानी तस्वीर का निर्माण डेनियल्स द्वारा किया गया था और इस तस्वीर को आज भी संग्रहालयों में संरक्षित रूप से रखा गया है। फोटोग्राफी न केवल अपरिचित चीजों से परिचित करवाती है। बल्कि किसी भी चीज के संरक्षण की अभिव्यक्ति के लिए सशक्त माध्यम का भी कार्य करती है।

इसलिए बहुत समय पूर्व से इस प्रकार की फोटोग्राफी का उपयोग संरक्षण के लिए सशक्त माध्यम के रूप में किया जा रहा है। संरक्षण फोटोग्राफी लगभग 1860 के दशक से इस भूमिका को निभा रही है। हालांकि आज की दुनिया में संरक्षण फोटोग्राफी की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है। बहुत बार लोग पर्यावरण के मुद्दों या उन खतरों से अनजान होते हैं जिनका सामना प्रकृति के विभिन्न जीव कर रहे होते हैं। फोटोग्राफी उन मुद्दों को उजागर करती है तथा उन्हें आसानी से समझने में सहायता करती है। क्योंकि फोटोग्राफी की भाषा सार्वभौमिक है इसलिए इस बात का कोई असर नहीं पडता कि आप कि क्षेत्र से हैं। ऐसे समय में जब लोग व्यस्त जीवन जी रहे हैं तथा उनकी किसी मुद्दे के प्रति ध्यान देने की क्षमता कम होती जा रही है, फोटोग्राफी लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी जल्दी से ग्रहण करने में सहायता करती है।

पर्यावरण और वन्य जीवन पर मानव का प्रभाव निरंतर बना हुआ है। ऐसी स्थिति में वन्य जीवन की खराब स्थिति को फोटोग्राफी के माध्यम से ही उजागर किया जा सकता है। यह उन जीवों के संरक्षण को प्रोत्साहित करती है जिनकी भाषा को समझा नहीं जा सकता। हालांकि एक संरक्षण फोटोग्राफर को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड सकता है, किंतु फिर भी वह वन्य जीवों और प्रकृति की वास्तविकता को उजागर करता है। किसी भी संरक्षण फोटोग्राफर को स्थानीय स्तर पर कार्य करना चाहिए इससे वह बार-बार उस स्थान पर जा सकता है तथा एक ही प्रजाति के व्यवहार की एक पूरी विविधता के साथ फोटो खींच सकता है। इससे उसके पास अपने करीब स्थित संकटग्रस्त प्रजाति या स्थान की तस्वीर खींचने के अवसर अधिक होंगे तथा परियोजना की लागत भी काफी कम आयेगी।

संदर्भ:
1.
https://www.bobbooks.co.uk/blog-post/photography-s-role-in-conservation-interview-with-sebastian-kennerknecht
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Conservation_photography
3. https://everwideningcircles.com/2017/05/06/how-photography-can-impact-conservation/



RECENT POST

  • जौनपुर का गौरवपूर्ण इतिहास दर्शाती है खालिस मुखलिस मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-06-2021 10:42 AM


  • दुनिया भर में लोकप्रियता के मामले में फुटबॉल ने क्रिकेट को पछाड़ दिया है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     15-06-2021 08:55 PM


  • देवनागरी लिपि का इतिहास और विकास
    ध्वनि 2- भाषायें

     15-06-2021 11:20 AM


  • कोविड के दौरान देखी गई भारत में ऊर्जा की खपत में गिरावट
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     14-06-2021 09:13 AM


  • पानी में तैरने, हवा में उड़ने, और बिल को खोदने के लिए सांपों ने किए हैं, अपने शरीर में कुछ सूक्ष्म परिवर्तन
    व्यवहारिक

     13-06-2021 11:42 AM


  • प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध ने दिया भारतीय स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-06-2021 11:21 AM


  • जापान के आधुनिकीकरण का मुख्य प्रतीक है. दांची शैली में बने घर
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2021 09:44 AM


  • पर्यावरण में अमार्जक की भूमिका निभाते गिद्धों कि वर्तमान स्थिति
    पंछीयाँ

     10-06-2021 10:04 AM


  • कला. संकट के समय एक प्रेरणा का स्रोत है
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     09-06-2021 09:59 AM


  • अपार संपदा के भण्‍डार और बहुद्देश्‍यों की पूर्ति के कारक हमारे महासागर
    समुद्र

     08-06-2021 08:41 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id