क्या कृत्रिम बारिश हो सकती है हमारे लिए एक वरदान?

जौनपुर

 26-02-2020 04:25 AM
जलवायु व ऋतु

भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसलिए यहाँ पर कृषि एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करती है। कृषि का और मौसम का एक अत्यंत ही गहरा नाता है। भारत की बात करें तो यहाँ पर सभी मौसम एक नियत समय के लिए आते हैं और कुछ न कुछ फसल प्रत्येक मौसम से सम्बंधित है। अब ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि अगर बारिश नहीं हुयी या ठण्ड ना पड़ी तो ऐसे में कई फसलें पैदा ही नहीं होंगी और यही भुखमरी का कारण बनता है। बंगाल महामारी को कौन भूल सकता है? 1940 के दशक की उस घटना ने तो सबको हिलाकर रख दिया था।

बंगाल की ही घटना का असर था कि गोलघर जैसा विचार आया और कालान्तर में फ़ूड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (Food Corporation of India) तथा पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (Public Distribution System - PDS) नामक विभाग खोले गए। अब हम मान लें कि हमारा PDS कितना ही मजबूत क्यूँ ना हो परन्तु समय आने पर इसे भी राशन बाटने के लिए मौसम से आस लगानी पड़ती है क्यूंकि अनाज तभी होगा जब अनाज के अनरूप मौसम होगा। बारिश कृषि का एक ऐसा महत्वपूर्ण बिंदु है जिसका होना अत्यंत ही आवश्यक है अन्यथा फसलें सूखे की चपेट में आकर वैसे ही ख़त्म हो जाएँगी। दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने इस समस्या से लड़ने का एक तरीका खोज लिया है जिसे क्लाउड सीडिंग (Cloud Seeding) के नाम से जाना जाता है। क्लाउड सीडिंग कृत्रिम रूप से बारिश को तैयार करता है तथा यह बताये गए नियत स्थान पर बारिश कराता है।

यह कार्य करने के लिए एक विशेष प्रकार के विमान या रोकेट (Rocket) का उपयोग कर बदालों के ऊपर सिल्वर आयोडाइड (Silver Iodide) और क्लोराइड (Chloride) जैसे लवणों के कणों का छिड़काव किया जाता है। ये कण बादल में जाकर एक केंद्र का कार्य करते हैं तथा जलवाष्प को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। इससे बादल में नमी पैदा होती है जिससे पानी की बूंदों का निर्माण होता है और बारिश का सूत्रपात होता है। क्लाउड सीडिंग से सम्बंधित ही विचारों में ओलों को कम करना, कोहरे आदि को नष्ट करना भी एक विकल्प है।

1946 में पहली दफा अमेरिकी वैज्ञानिक विन्सेंट शेफर (Vincent Schaefer) और बर्नार्ड वोनगु (Bernard Vonnegu) ने सूखी बर्फ (ड्राई आइस/Dry Ice) के साथ क्लाउड सीडिंग जैसा प्रयोग कर के कृत्रिम बर्फ़बारी करवाई थी। भारत भी इस तकनीकी के शुरूआती दिनों से ही इसे प्रयोग में ला रहा है। सन 1952 के अंत में भारतीय मौसम विभाग के प्रथम भारतीय महानिदेशक, मौसम विज्ञानी एस. के. बनर्जी ने इस प्रयोग को किया था। 1951 के दशक में पश्चिमी घाट के क्षेत्र में टाटा फर्म (Tata Firms) ने सिल्वर आयोडाइड पर कार्य करने वाले ज़मीनी जनरेटरों (Ground Generators) से क्लाउड सीडिंग का कार्य किया था। 1957 से लेकर 1966 तक भारत भर में कई कार्य इस क्षेत्र में हुए।

वर्तमान समय में भारत में इस बिंदु पर विचार चल रहा है कि इसके माध्यम से उन स्थानों पर भी वर्षा कराया जाना संभव हो जाएगा जहाँ पर सूखे की बड़ी समस्या रहती है। भारत में, गंभीर सूखे के कारण, तमिलनाडु सरकार द्वारा 1983, 1984-87,1993-94 के दौरान क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन (Operation) किए गए थे। 2003 और 2004 के वर्षों में कर्नाटक सरकार ने क्लाउड सीडिंग की शुरुआत की। इसी प्रकार से देश भर के विभिन्न प्रान्तों में इस तकनीकी का फायदा उठाया जा चुका है। यह तकनीकी प्रदूषण की रोकथाम में भी अत्यंत कारगर सिद्ध होती है तथा इसके माध्यम से प्रदूषण के कणों को दबाने में मदद मिलती है।

सन्दर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Cloud_seeding#India
2. https://india.mongabay.com/2019/08/what-is-cloud-seeding/
3. https://bit.ly/32sL8zU
4. https://bit.ly/2PooaF5
5. https://bit.ly/391za2S
चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Cloud_seeding#/media/File:Cloud_Seeding.svg
2. https://bit.ly/2TtoL9N
3. https://bit.ly/2T2nPtY



RECENT POST

  • नगर कीर्तन की रौनक और पंच प्यारों का बलिदान बनाता है बैसाखी को महान पर्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-04-2021 01:01 PM


  • नरम खोल वाले कछुओं के लिए सुरक्षित आवास के रूप में उभर रहे हैं,पूर्वोत्तर भारत में स्थित मंदिरों के तालाब
    रेंगने वाले जीव

     13-04-2021 12:49 PM


  • इस्लाम और रमज़ान का एक महत्वपूर्ण पहलू : निय्याह
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-04-2021 10:00 AM


  • गोल्डन सिटी ऑफ़ राजस्थान (Golden City of Rajasthan) की एक सैर
    मरुस्थल

     11-04-2021 10:00 AM


  • शर्की सल्तनत और खलीफत
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-04-2021 10:16 AM


  • मनुष्यों और अन्य जीवों के शरीर में अंग पुनर्जनन की क्षमता में भिन्नता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-04-2021 10:01 AM


  • लाभदायक के साथ नुकसानदायक भी हो सकती है, अनुबंध खेती
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     08-04-2021 09:45 AM


  • जौनपुर बाजार की खास विशेषता है, जमैथा खरबूज
    साग-सब्जियाँ

     07-04-2021 10:10 AM


  • पर्यावरण और मालिकों के लिए काफी लाभदायक है पेड़ों की छोटे पैमाने पर खेती
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     06-04-2021 09:58 AM


  • पक्षी कैसे इतनी मधुर आवाज़ में गाते हैं?
    पंछीयाँ

     05-04-2021 09:49 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id