सर्दी या गर्मी, जौनपुर में कौन सा मौसम होता है अधिक प्रदूषण भरा?

जौनपुर

 04-01-2020 10:00 PM
जलवायु व ऋतु

आने वाले दिनों में जौनपुर में ठण्ड का पारा अत्यंत नीचे आने की संभावनाए हैं जिसमें यहाँ पर बारिश की भी 55% की संभावना है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो यहाँ पर वायु प्रदूषण भी बड़े पैमाने पर होगा। हम में से अधिकतम लोग ऐसा मानते हैं कि गर्मियों में प्रदूषण का प्रकोप सातवें आसमान पर होता है क्यूंकि सूरज आग उगलता हुआ नज़र आता है और पराबैगनी किरण यहाँ पर प्रदूषण को बढ़ावा देती होंगी। परन्तु ये धारणा गलत है। असल में सर्दियों में वायु प्रदूषण में अधिक इज़ाफा होता है। प्रदूषण सर्दियों में ज़्यादा इसलिए भी हो जाता है क्यूंकि इस समय बादल के कारण प्रदूषण नीचे ही दब जाता है और प्रदूषण का धुंध हमें दिखाई देने लगता है। प्रदूषण के इसी धुंध को हम स्मोग (Smog) नाम से जानते हैं।
सर्दियों की रातों में पृथ्वी की सतह का तापमान बड़ी तेज़ी के साथ गिरता है परंतु ऐसे में इनके बीच में हवा की एक गर्म परत भी बनती है। इस गतिविधि को तापमान व्युत्क्रम कहा जाता है। अब यह समझना ज़रूरी हो जाता है कि तापमान व्युत्क्रम और वायु की गुणवत्ता के बीच क्या सम्बन्ध है? वास्तविकता में गर्म हवा की परतें औद्योगिक प्रदूषण, घरेलु ताप, वाहनों का प्रदूषण, जीवाश्म इंधन का प्रदूषण आदि को नीचे ही दबा के रख देती हैं जिसके कारण जो हम सांस लेते हैं उसमें टोक्सिन (Toxin) की सांद्रता बढ़ जाती है।

अक्सर हम यह भी महसूस करते हैं कि जब हम किसी घाटी में होते हैं तब वहाँ ठंडी हवा और ऊपर गर्म हवा का अनुभव करते हैं। ठंडी हवा भारी होती है जिस कारण से यह हमेशा नीचे ही दबी होती है। अब यह एक प्रमुख कारण है कि ठण्ड के मौसम में प्रदूषण बड़ी मात्रा में रहता है। इस प्रदूषण से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानियां होती हैं। ठण्ड में होने वाला प्रदूषण यदि देखा जाए तो भारत में ही नहीं है बल्कि यह पूरे विश्व भर में फैलता है। उदाहरण स्वरुप 1952 में लन्दन में एक ऐसी समस्या आई थी जिसे कि ग्रेट लन्दन स्मोग (Great London Smog) नाम से जाना जाता है। इस स्मोग से करीब 12,000 लन्दन वासियों की मौत हो गयी थी। यह दुनिया भर के लिए एक झटका बन कर सामने आया था। यह इस कारण से हुआ था क्यूंकि लन्दन में कोयले का प्रयोग बड़े पैमाने पर होता था जिस कारण से प्रदूषण की मात्रा बढ़ गयी थी। उपरोक्त लिखित तथ्यों पर यह कहा जा सकता है कि सर्दियों के समय में वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि होती है। यही कारण है कि जौनपुर में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण उत्तर भारत भर में इस समय बड़े पैमाने पर प्रदूषण फैलता है।

सन्दर्भ:-
1.
https://weather.com/en-IN/india/science/news/2018-10-30-why-do-pollution-levels-skyrocket-during-winter
2. https://airlief.com/2017/12/15/air-pollution-during-winter/
3. https://bit.ly/35dK1Uw
4. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6163671/
5. https://www.waikatoregion.govt.nz/environment/natural-resources/air/weather-affects-air-quality/



RECENT POST

  • मेसोपोटामिया और सिन्धु घाटी सभ्यता के बीच व्यापार संबंध
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     21-01-2020 10:00 AM


  • क्या आत्मजागरूक होते हैं, रीसस मकाक (Rhesus macaque) बन्दर?
    स्तनधारी

     20-01-2020 10:00 AM


  • जापानी फिल्म संस्कृति की झलक प्रदर्शित करती प्रमुख फिल्में
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     19-01-2020 10:00 AM


  • स्वास्थ्य व पर्यावरण समस्याओं से निपटने में सहायक सिद्ध हो सकती है कॉकरोच फार्मिंग
    तितलियाँ व कीड़े

     18-01-2020 10:00 AM


  • जौनपुर में प्रचलित है शीतला माता की पूजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2020 10:00 AM


  • क्या हैं, वर्तमान में भारतीय सेना की रक्षा क्षमताएं?
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     16-01-2020 10:00 AM


  • किस प्रकार मनाया जाता है भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति का उत्सव
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     15-01-2020 10:00 AM


  • जौनपुर में भी दिखाई देता है काली गर्दन वाला सारस
    पंछीयाँ

     14-01-2020 10:00 AM


  • ब्रह्मांड की कई आश्चर्यचकित चीजों में से एक है क्वेसर (Quasar)
    शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

     13-01-2020 10:00 AM


  • क्या होता है, विभिन्न धर्मों में प्रयुक्त होने वाले मण्डल (Mandala)
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-01-2020 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.