भारत का सबसे लम्बा फूल है एमोर्फोफैलस टाइटेनम (Amorphophallus titanum)

जौनपुर

 03-01-2020 02:56 AM
शारीरिक

धरती पर वनस्पतियों की बहुत अधिक विविधता पायी जाती है और यही कारण है कि यहां विभिन्न फूलों के पौधों की विभिन्न प्रजातियां देखने को मिलती हैं। इन प्रजातियों में कॉर्प्स (Corpse) फूल का पौधा भी एक है जोकि भारत में भी उगता है। इस फूल को वैज्ञानिक तौर पर अमोर्फोफ़ैलस टायटेनम (Amorphophallus titanum) के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह फूल भारत का सबसे लम्बा फूल है। यदि इसके व्यास की बात की जाए तो इसका व्यास भी अन्य फूलों की अपेक्षा सबसे अधिक है। इस फूल की विशेष बात यह है कि ये फूल नौ साल में केवल एक बार खिलता है। खिले हुए फूल में से सड़े हुए मांस के समान दुर्गंध उत्पन्न होती है। यह दुर्गंध किसी जानवर या मानव मांस के समान हो सकती है। यह पौधा लगभग 3-4.6 मीटर (10-15 फीट) तक बढ़ता है जोकि इसकी विशेषता है।

यह मुख्य रूप से पश्चिमी सुमात्रा और पश्चिमी जावा का पौधा है जहाँ यह वर्षावनों में उगता है। इसके पुष्पक्रम की ऊंचाई 3 मीटर (10 फीट) तक पहुंच सकती है। गंध सड़े हुए मांस के समान होने के कारण कई मांस खाने वाले भृंग और मक्खियां इससे आकर्षित होते हैं। चूंकि पुष्पक्रम का रंग भी गहरा लाल होता है और इसकी बनावट भी मांस के समान होती है इसलिए यह कीटों को और भी अधिक भ्रमित करता है। मांस जैसी दुर्गंध के कारण ही इसे कॉर्प्स (अर्थात लाश) नाम दिया गया है। इस दुर्गंध और भ्रम के कारण कीट परागकण क्रिया में सहायता करते हैं। नर और मादा दोनों फूल एक ही पुष्पक्रम में उगते हैं। पहले मादा फूल खिलते हैं जिसके एक या दो दिन बाद नर फूल खिलते हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर फूल को आत्म-परागण से बचाती है।

यह फूल रेफ्लीसिया (Rafflesia) फूल से भी मिलता जुलता है। रेफ्लीसिया मुख्यतः मलेशिया एवं इंडोनेशिया का एक परजीवी पौधा है जो सबके लिए आश्चर्य की स्थिति उत्पन्न करता है। इसके फूल को धरती का सबसे बड़ा फूल माना जाता है। फूलों का व्यास लगभग 1 मीटर तथा वज़न 10 किलोग्राम तक हो सकता है। रेफ्लीसिया की अन्य प्रजातियां भी हैं जिनमें से सबसे छोटी प्रजाति का व्यास 20 सेमी है। सभी प्रजातियों के फूलों को छूने पर वे मांस जैसे प्रतीत होते हैं जिनसे गंध भी सड़े मांस के जैसी आती है। यह गंध कुछ विशेष कीट पतंगों को फूल की ओर आकर्षित करती है। रेफ्लीसिया को सबसे पहले इंडोनेशिया के वर्षा वनों में खोजा गया था। वर्तमान में इसकी 26 प्रजातियां खोजी जा चुकी है। कुछ प्रजातियों का नामकरण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है।

इंडोनेशिया और मलेशिया के अलावा यह पौधा सुमात्रा और फ़िलीपीन्स में भी पाया जा सकता है। प्रारम्भ में यह एक गाँठ जैसी संरचना बनाता है और उसके बाद एक बंदगोभी का आकार ले लेता है। इसके कुछ समय बाद इसकी पंखुड़ियाँ खुलने लगती हैं। इस पौधे में केवल फूल वाला हिस्सा ही ज़मीन के ऊपर दिखायी देता है बाकि का हिस्सा ज़मीन के अन्दर ही विकसित होता है।

संदर्भ:
1.
https://www.coca-colaindia.com/stories/the-corpse-flower--the-tallest-and-possibly-the-smelliest
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Rafflesia
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Amorphophallus_titanum
4. https://bit.ly/2F0TjJa
चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://www.flickr.com/photos/alexlomas/albums/72157608045104912
2. https://pixabay.com/no/images/search/amorphophallus%20titanium/
3. https://pxhere.com/en/photo/372898
4. https://www.piqsels.com/en/search?q=greenhouse&page=2
5. https://bit.ly/2Qj0HWv
6. https://bit.ly/2ZK69VH



RECENT POST

  • आलू का कॉन्ट्रैक्ट
    साग-सब्जियाँ

     12-08-2020 06:39 PM


  • कर्मयोगी कृष्ण के विविध स्वरूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-08-2020 09:54 AM


  • क्षमतानुसार दान देने पर केंद्रित है, पीटर सिंगर का विचार प्रयोग ‘द लाइफ यू कैन सेव’
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     10-08-2020 06:45 PM


  • भारत में सबसे बड़ी ताजे पानी की झील
    नदियाँ

     09-08-2020 03:34 AM


  • क्या पक्षियों को पालतू बनाना उचित है?
    पंछीयाँ

     08-08-2020 06:05 PM


  • महाभारत और मुगल काल का लोकप्रिय खेल है चौपड़ या चौसर
    हथियार व खिलौने

     07-08-2020 06:25 PM


  • क्या रहा मनुष्य और उसकी इन्द्रियों के अनुसार, अब तक प्रारंग और जौनपुर का सफर
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     07-08-2020 06:27 PM


  • क्या है, कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण का मतलब ?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     06-08-2020 09:30 AM


  • गोमती नदी के ऊपर बने शाही पुल का इतिहास
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     05-08-2020 09:30 AM


  • तंदूर का इतिहास
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     04-08-2020 08:45 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id