सुनामी के प्रति जागरुकता है ज़रूरी

जौनपुर

 05-11-2019 11:23 AM
जलवायु व ऋतु

आज 5 नवंबर के इस दिन को आप विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में मना रहे हैं। यह दिवस मुख्य रूप से लोगों को सुनामी के प्रति जागरूक करने तथा सावधानियां बरतने व सचेत करने के लिए मनाया जाता है। ‘सुनामी’ एक जापानी शब्द है जिसका अर्थ समुद्र या बंदरगाह की लहरें होता है। सुनामी, समुद्र की विशाल लहरों की एक विस्तृत श्रृंखला है जो समुद्र के भीतर पानी में होने वाली हलचलों के फलस्वरूप उत्पन्न होती है। कभी-कभी ये लहरें ज़मीन से लगभग 100 फीट की ऊंचाई तक भी पहुंच जाती हैं जिससे ये बड़े पैमाने पर विनाश का कारण बनती हैं। इस प्रकार यह एक प्रकार की प्राकृतिक आपदा है जिसके द्वारा होने वाला नुकसान बहुत विशाल तथा प्रलयकारी होता है तथा बहुत बड़े पैमाने पर जान-माल को नुकसान पहुंचता है।

ये विशाल तरंगें आम तौर पर भूमि की टेक्टोनिक प्लेट (Tectonic plate) सीमाओं पर भूकंपों के कारण पैदा होती हैं। जब भूकंप का केंद्र समुद्र में होता है, तब समुद्र का पानी ऊपर की ओर अनियंत्रित दिशा में विस्थापित होता है। इसके अतिरिक्त ज्वालामुखी और भूस्खलन भी ऐसे कारक हैं जो सुनामी को प्रभावित करते हैं। अधिकतर 80% सुनामी प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” ("Ring of Fire") में आती है। यह एक भूगर्भीय सक्रिय क्षेत्र है जहां, टेक्टोनिक प्लेटें खिसकती हैं और अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी का कारण बनती हैं। पानी के नीचे भूस्खलन या ज्वालामुखी विस्फोट के कारण भी अक्सर भूकंप आने की सम्भावना होती है जिससे विशाल लहरें समुद्र तल में तेज़ी से आगे बढ़ती हैं। यह एक दुर्लभ घटना है, जो दुनिया में कहीं भी औसतन दो बार होती है। एक विनाशकारी सुनामी लगभग हर 15 साल में एक बार आती है, जो एक पूरे महासागर को आवरित कर सकती है। सुनामी लहरें प्रायः 500 मील प्रति घंटा तक की गति से यात्रा करती हैं।

अतीत में यह माना जाता था कि सुनामी प्रायः समुद्र में आने वाली ज्वार की लहरों के कारण उत्पन्न होती है किंतु बाद में यह माना गया कि इन विशाल लहरों का समुद्र के ज्वार से कोई सम्बंध नहीं होता है। यह घटना बहुत विनाशकारी रूप धारण करती है जिसका उदाहरण 2004 में हिंद महासागर में आयी सुनामी से लिया जा सकता है। इस सुनामी ने भारत, श्रीलंका, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित 14 देशों में अनुमानित रूप से लगभग 2,25,000 लोगों की जान ले ली थी। इसका मुख्य कारण सुमात्रा द्वीप के पास एक शक्तिशाली भूकंप का उत्पन्न होना था जिसने 100 फीट ऊंची लहरें पैदा कीं, जो इस क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों में फैल गईं। इसके अतिरिक्त 2011 में जापान में आई सुनामी का मुख्य कारण भी भूकंप ही था जिसके कारण तट के कुछ हिस्सों में 133 फीट तक लहरें उठीं जिसने 15,000 से भी अधिक लोगों की जान ले ली। अमेरिका में सबसे शक्तिशाली सुनामी 1964 में अलास्का में 9.2 तीव्रता के भूकंप के कारण आई थी।

सुनामी के विशाल और बहुत ही अधिक विनाशकारी रूप को मेगा-सुनामी (Mega Tsunami) कहा जाता है जो प्रायः हज़ार वर्षों के अंतराल में अत्यंत दुर्लभ रूप से होता है। यह सुनामी बहुत ही विनाशकारी है जिस कारण इसे मेगा-सुनामी का नाम दिया गया है। इसकी लहरें सैकड़ों या संभवतः हज़ारों मीटर तक होती है तथा इसमें दुनिया के दूसरे छोर के महासागरों और देशों को पार करने की क्षमता होती है। मेगा-सुनामी का मुख्य कारण भी आम तौर पर समुद्र तट या पानी के नीचे भूकंप का उत्पन्न होना है।

यह एक अत्यंत विशाल और विनाशकारी घटना है और इसलिए इससे अपना बचाव करना बहुत ही आवश्यक है ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
निम्नलिखित कुछ सुझावों या सावधानियों को ध्यान में रखकर इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है:
• किसी भी सुनामी के खिलाफ सबसे अच्छा बचाव प्रारंभिक चेतावनी है जो लोगों को उच्च भूमि की तलाश करने की अनुमति देता है।
• तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुनामी के कारण होने वाले जोखिम के बारे में पता होना चाहिए - और सुनामी के अलर्ट (Alert) को ध्यान में रखना चाहिए।
• यदि आप एक तटीय क्षेत्र में रहते हैं या यात्रा कर रहे हैं, तो पहले से ही निकासी मार्गों और सुरक्षा क्षेत्रों को जानें। सुनामी सुरक्षा क्षेत्र आमतौर पर उच्च भूमि पर पाए जाते हैं। यदि आपके पास इन तक पहुंचने का समय नहीं है, तो इमारतों की ऊपरी मंज़िलें जमीनी स्तर से अधिक सुरक्षित हो सकती हैं। अंतिम उपाय के रूप में, आप पानी से बचने के लिए पेड़ या ऊंची संरचना पर चढ़ सकते हैं।
• राष्ट्रीय मौसम सेवा तटीय क्षेत्रों के लोगों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी करती है जो मोबाईल (Mobile), रेडियो (Radio) और टेलीविज़न स्टेशनों (Television Stations) या ईमेल (Email), फेसबुक (Facebook) इत्यादि के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
• यदि आप भूकंप महसूस करते हैं और एक तटीय क्षेत्र में रहते हैं, तो बहुत जल्दी उच्च भूमि पर जाना चाहिए।
• जानिए कि समुद्र तल से आपकी सड़क कितनी ऊंची है और तट से कितनी दूर है।
• अपने बच्चों के स्कूल खाली करने की योजनाओं को जानें और उन्हें प्राप्त करने का तरीका जानें।
• पर्यटकों को निकासी की जानकारी से परिचित होना चाहिए।
• सुनामी के दौरान यदि आप समुद्र तट के निकट हैं और घर के भीतर भूकंप महसूस कर रहें हैं तो गिरती हुई वस्तुओं से दूर रहें।
• जब झटके खत्म हो जाते हैं, तो जल्दी से, ऊंची ज़मीन पर चले जाएं।
• सुनामी के बाद अपने परिवार और दोस्तों को अपने ठीक होने की खबर पहुंचाएं।
• आधिकारिक सूचना स्रोतों या स्थानीय मीडिया (Media) से जुड़े रहें।
• यदि किसी को बचाया जाना है तो अधिकारियों से संपर्क करें।
• बुज़ुर्गों, शिशुओं और विकलांग लोगों की मदद अवश्य करें।
• आपदा क्षेत्रों और उन इमारतों से बाहर रहें जिनके चारों ओर पानी है।
• इमारतों में फिर से प्रवेश करने और सफाई करने के दौरान सतर्क रहें।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Megatsunami
2.https://eosweb.larc.nasa.gov/project/misr/gallery/tsunami_india
3.https://www.nationalgeographic.com/environment/natural-disasters/tsunamis/
4.https://www.nbcnews.com/mach/science/what-tsunami-ncna943571
5.https://www.oregonlive.com/weather/2018/01/what_to_do_before_during_and_a.html
6.https://www.sms-tsunami-warning.com/pages/mega-tsunami-wave-of-destruction



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