एक्यूमेनोपोलिस (Acumenopolis) की अवस्था में कैसी दिखेगी धरती?

जौनपुर

 23-10-2019 01:09 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

मानव विभिन्न सुख-सुविधाओं की खोज में ऐसे क्षेत्र की ओर गमन करता है जहां उसे कई सुख सुविधाएं एक साथ प्राप्त होती हैं। वर्षों से यह प्रक्रिया चलती आ रही है जिसके परिणामस्वरूप शहरीकरण बढ़ता जा रहा है। हमारा जौनपुर शहर भी कृषि आधुनिकीकरण और औद्योगिक निर्माण जैसे विभिन्न कारकों के कारण शहरीकृत हो गया है तथा धीरे-धीरे यहां की शहरी आबादी में भी वृद्धि देखी गयी है। शहरीकरण के विस्तार तथा व्यापकता के कारण अवस्था यह है कि अब कई शहर महानगर के रूप में विकसित हो चुके हैं। महानगर एक बहुत बड़ा, भारी आबादी वाला शहर है जिसका स्वरूप बहुत जटिल होता है। ये अपने आस-पास के विभिन्न छोटे शहरों को आवरित करते हुए एक विस्तृत श्रृंखला बना देता है तथा शहरों के आपस में विलय हो जाने से इन्हें अलग कर पाना या सीमाओं में बांट पाना बहुत मुश्किल हो जाता है।

यदि अंतरिक्ष से देखा जाए तो ऊंची-ऊंची इमारतों वाले विभिन्न शहरों का स्वरूप एक जैसा दिखायी देगा। क्या आप एक ऐसी धरती की कल्पना कर सकते हैं जहां केवल शहर ही दिखाई दें तथा कोई भी क्षेत्र वनस्पतियों या जंगलों से युक्त न हो? ऐसा परिदृश्य शायद आपको असम्भव सा लगे किंतु पृथ्वी पर व्यापक रूप से फैलता शहरीकरण इसी परिदृश्य की ओर अग्रसर है। यह संकेत देता है कि शहरीकरण का मुख्य लक्ष्य पूरी धरती को पूर्णतः शहरीकृत करने का है। इसी परिघटना को एक्यूमेनोपोलिस (Ecumenopolis) के नाम से जाना जाता है। अर्थात एक्यूमेनोपोलिस पूरी धरती के शहरीकृत हो जाने की काल्पनिक अवधारणा है। इस शब्द का आविष्कार 1967 में कॉन्स्टेंटिनोस डॉक्सियाडिस (Constantinos Doxiadis) द्वारा किया गया था।

हालांकि यह अवधारणा काल्पनिक है किंतु बढ़ते शहरीकरण के कारण यह वस्तविक रूप धारण कर सकती है। यह अवधारणा 1942 के एक साइंस फिक्शन (Science fiction) में पहले से ही मौजूद थी। जो अब विशेष रूप से वैश्वीकरण और यूरोपीयकरण के प्रभाव से वास्तविक होने लगी है। एक रूप से शहरीकरण से बौद्धिक गौरव की अनुभूति होती है लेकिन सार्थक अनुमानों और सपनों को प्राप्त करने के लिए अब हमें अपनी समस्या को इस तरह से देखने की कोशिश करनी चाहिए जो यथासंभव निष्पक्ष और वस्तुपरक हो। इस अवस्था ने पारिस्थितिक सीमा, आर्थिक सीमाएं तथा जनसंख्या सीमा को पार कर लिया है। जिसके कारण सामाजिक सामंजस्य खोने लगा है। ऐसे क्षेत्र जो कैकोटोपियास (Cacotopias) के नाम से जाने जाते हैं, वे अब एक्यूमेनोपोलिस का रूप धारण करने की ओर अग्रसर हैं। कैकोटोपियास वे क्षेत्र हैं जो निवास करने योग्य नहीं हैं।

ये स्थान पर्वतीय रास्ते, दर्रें आदि के हो सकते हैं। यह अवधारणा सुखद हो सकती है किंतु इसके समक्ष कुछ चुनौतियां जैसे बढ़ती आबादी, अमीर और गरीब देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी भिन्नता, तेज़ी से बदलती सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियाँ विज्ञान और प्रौद्योगिकी में परिवर्तन आदि हैं जो इसके मार्ग में रुकावट का कारण बन सकते हैं। शहरों के निर्माण का इस तरह से जारी रहना हमारे जीवन को कम मानवीय बना देगा। एक अनुमान के अनुसार हम ऐसे समाज से केवल करीब 150 साल ही दूर हो सकते हैं। यद्यपि धरती पूर्ण रूप से शहरीकृत हो जाये तो स्थिति कुछ निम्नवत होगी:

भौतिक उपस्थिति:
अंतरिक्ष से धरती को देखने पर एक्यूमेनोपोलिस खुले परिदृश्य को पार करते हुए अंतर्निहित क्षेत्रों के बैंड (Band) के रूप में दिखाई देगा। संभवतः पृथ्वी पर रहने लायक हिस्से के लगभग 5% को शहरी क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। 4% से 5% हिस्से में खेती की जाएगी और लगभग 50% हिस्सा प्राकृतिक होगा। रात के समय अंधेरे हिस्सों में भी कई क्षेत्र रोशन हुए दिखाई देंगे। बिजली पूरी दुनिया को रोशन करेगी। हम घाटियों, नदियों और समुद्रों के तटों पर भी एक्यूमेनोपोलिस की शाखाओं को पहचान पाएंगे।

निवास और रोज़गार:
इस परिदृश्य में सभी प्रकार के निवास मौजूद होंगे जिनमें एकल-परिवार के घरों से लेकर बहुमंजिला इमारतों तक आदि सम्मिलित होंगे। एकल-परिवार वाले घरों में ऊंची दीवारों से घिरा एक बगीचा होगा जिससे वहां रह रहे लोगों को खुले क्षेत्र में अपना गोपनीय स्थान प्राप्त हो सकेगा। यहां बच्चों की नई पीढ़ियां शारीरिक, बौद्धिक और नैतिक रूप से विकसित होंगी। प्रति सप्ताह काम किए गए दिनों की संख्या कम हो जाएगी। रोज़गार वयस्क पुरुषों और महिलाओं का सबसे महत्वपूर्ण समय लेने वाला उद्यम होगा। इस कारण हर मानव समुदाय के पास जितनी भी सेवाएँ होंगी उतने ही उद्योग होंगे ताकि लोगों को बेहतर सेवा दी जा सके।

परिवहन और संचार की प्रणाली:
परिवहन और संचार की प्रणाली एक्यूमेनोपोलिस के संचार और तंत्रिका तंत्र होंगे जो सार्वभौमिक शहर को एकजुट कर सकते हैं। भविष्य में सभी लोग विमान, नौकायान, सड़क परिवहन, पैदल मार्ग आदि सेवाओं का संतुलित तरीके से उपयोग कर पायेंगे।

नई पूंजी का निर्माण सरकार के लिए काफी सस्ता होगा, उत्पादक व्यय को बढ़ावा मिलेगा और पूरी तरह से नियंत्रित शहरी विकास के लिए नये स्तम्भ विकसित होंगे।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Ecumenopolis
2.https://www.tboake.com/gravity/maemura/coruscant.htm
3.https://www.doxiadis.org/Downloads/ecumenopolis%20tommorow's%20city.pdf
4.http://www.morethangreen.es/en/ecumenopolis-ciudad-sin-limites/



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