शिकार के अभाव में मानव भक्षी बनता तेंदुआ

जौनपुर

 19-10-2019 11:47 AM
स्तनधारी

जैसा कि हम देख रहें हैं कि वर्तमान में आवासीय नुकसान और अवैध शिकार के कारण कई जीव-जंतु अपने मूल स्थान या जंगलों से निकल कर नगरीय क्षेत्रों या ऐसे क्षेत्रों की ओर गमन कर रहे हैं जहां लोग निवास करते हैं। ये अवस्था मानव जीवन को तो असुरक्षित करती ही है किंतु साथ ही साथ इन जानवरों को भी संकट में डालती है। इसका एक उदाहरण तेंदुआ है जो आवास और भोजन की तलाश में अपने मूल स्थान को छोड़कर शहरों की ओर जा रहे हैं। इन शहरों में जौनपुर भी शामिल है जहां के घरों में तेंदुए अक्सर घुस जाते हैं तथा दहशत उत्पन्न कर मानव जीवन को क्षति पहुंचाते हैं। इन्हें पकड़ने के लिए तेंदुए को ट्रैक्विलाइज़र (Tranquilizer) की मदद से इंजेक्शन (Injection) दिया जाता है तथा फिर पिंजरे में डाल दिया जाता है।

अंतिम ज्ञात अनुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश के तेंदुए की आबादी 194 है। यह अवस्था बताती है कि इस जीव का आवासीय स्थान कितना असुरक्षित है जो मानव को भी प्रभावित करता है। फेलिडी (Felidae) परिवार से सम्बंधित तेंदुआ वंश पैंथेरा (Panthera) की पांच प्रजातियों में से एक है जिसे वैज्ञानिक रूप से पैंथेरा पार्डस (Panthera pardus) नाम दिया गया है। इसकी विस्तृत श्रृंखला को उप-सहारा अफ्रीका में, पश्चिमी और मध्य एशिया के छोटे हिस्सों में, भारतीय उपमहाद्वीप पर दक्षिणपूर्व और पूर्वी एशिया में देखा जा सकता है। इस जानवर को आईयूसीएन (IUCN) की रेड लिस्ट (Red list) में सूचीबद्ध किया गया है क्योंकि आवासीय नुकसान तथा अवैध शिकार के कारण यह प्रजाति अब संकटग्रस्त अवस्था में है।

नर तेंदुए 2.15 मीटर लंबे होते हैं, जबकि मादाएं लगभग 1.85 मीटर की होती है। इसी प्रकार से दोनों के वज़न में भी अंतर होता है। नर का वज़न लगभग 70 किलो जबकि मादाओं का लगभग 50 किलो होता है जिनका रंग लाल या भूरा हो सकता है। इनकी विशेषता यह है कि इनके शरीर पर काले धब्बों के गुच्छे बने हुए होते हैं जो इन्हें अन्य जीवों से अलग बनाते हैं। बाघ के ही समान तेंदुआ भी अकेले रहना पसंद करते हैं। विभिन्न क्षेत्रीय जलवायु के आधार पर इनका रंग भिन्न–भिन्न होता है जैसे मेलेनिस्टिक (Melanistic) तेंदुआ काले रंग का होता है जिस कारण इसे ब्लैक पैंथर (Black Panther) भी कहा जाता है। यह अपने पोषण के लिए मुख्य रूप से शिकार पर निर्भर है।

आवास के नुकसान और अवैध शिकार के कारण तेंदुए की आबादी दिन प्रतिदिन घट रही है। इस कारण से इन्हें निवास के लिए उपयुक्त स्थान और पोषण नहीं मिल पा रहा है जिससे ये मानवभक्षी बनते जा रहे हैं। मानवभक्षी एक ऐसी अवस्था है जब कोई जानवर मानव मांस का उपभोग करने लगता है। ऐसे कई जानवर हैं जो कुछ कारणों से मानवभक्षी बनते जा रहे हैं जिनमें शेर, चीता, मगरमच्छ और तेंदुए आदि शामिल हैं। भारत में एक तेंदुए ने 200 से भी अधिक लोगों को मार डाला था। यह बताता है कि ये जानवर किस हद तक मानव को प्रभावित कर सकता है। एशिया में, आदमखोर तेंदुए आमतौर पर रात में हमला करते हैं, और मानव शिकार तक पहुंचने के लिए दरवाज़े और छतों को तोड़ते हैं।
तेंदुएं के नर भक्षी होने का एक प्रमुख कारण यह है कि किसी शव के अंतिम संस्कार के बाद जो शव पूर्ण रूप से जलता नहीं तथा बच जाता है, उसका सेवन तेंदुओं द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त जंगलों के नुकसान के कारण इन्हें आसानी से भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता तथा अत्यधिक भूख की अवस्था में ये मानव का शिकार करते हैं। इसके अतिरिक्त भी अन्य कारण हैं जो तेंदुए को नरभक्षी बनाते हैं। हालांकि आदमखोर तेंदुए सभी तेंदुओं का एक छोटा सा प्रतिशत हैं किंतु फिर भी यह भारत के कुछ क्षेत्रों में निर्विवाद रूप से एक खतरा हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भारत के दो ऐसे राज्य हैं जहां आदमखोर तेंदुओं का लंबा इतिहास है। तेंदुओं का उचित स्थान पर स्थानांतरण, जंगलों का संरक्षण आदि ऐसे उपाय हो सकते हैं जो तेंदुओं को मानव भक्षी होने से रोक सकते हैं।

संदर्भ:
1.
https://www.patrika.com/jaunpur-news/the-panic-in-jaunpur-leopard-6178/
2. https://bit.ly/2P2Wc1Z
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Leopard
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Man-eater 5. https://bit.ly/2MToUQn
चित्र सन्दर्भ:
1.
https://www.youtube.com/watch?v=gbMIs_0XyPg



RECENT POST

  • तत्वमीमांसा या मेटाफिजिक्स क्या है, और क्यों ज़रूरी है?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     24-01-2022 10:55 AM


  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूल आवाज को सुनाता वीडियो
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     23-01-2022 02:30 PM


  • कैसे छिपकली अपनी पूंछ के एक हिस्से को खुद से अलग कर देती हैं ?
    रेंगने वाले जीव

     22-01-2022 10:30 AM


  • स्लम पर्यटन इतना लोकप्रिय कैसे हो गया और यह लोगों को कैसे प्रभावित करता है
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     21-01-2022 10:07 AM


  • घुड़दौड़ का इतिहास एवं वर्तमान स्थिति
    स्तनधारी

     20-01-2022 11:42 AM


  • दैनिक जीवन सहित इंटीरियर डिजाइन में रंगों और रोशनी की भूमिका
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     19-01-2022 11:10 AM


  • पानी के बाहर भी लंबे समय तक जीवित रह सकती हैं, उभयचर मछलियां
    मछलियाँ व उभयचर

     17-01-2022 10:52 AM


  • हिन्दू देवता अचलनाथ का पूर्वी एशियाई बौद्ध धर्म में महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2022 05:39 AM


  • साहसिक गतिविधियों में रूचि लेने वाले लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है माउंटेन बाइकिंग
    हथियार व खिलौने

     16-01-2022 12:50 PM


  • शैक्षणिक जगत में जौनपुर की शान, तिलक धारी सिंह महाविद्यालय
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     15-01-2022 06:28 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id