चार सौ साल पुरानी प्रथा है, नवरात्री के अंतिम दिन का सिन्दूर खेला

जौनपुर

 06-10-2019 10:15 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

नवरात्रि में मां दुर्गा के आखिरी दिन महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं। इसके बाद सभी महिलाएं पान और मिठाई का भोग लगा कर एक दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। यह करीब चार सौ साल पुरानी परंपरा है। इस शुभ दिन और परंपरा को सिंदूर खेला कहा जाता है।

सिंदूर खेला को सुहागिन महिलाओं का त्योहार माना जाता है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं लाल रंग की साड़ी पहन कर माथे में सिंदूर भर कर पंडाल पहुंच कर दुर्गा मां को उलू ध्‍वनी के साथ विदा करती हैं। इसमें विधवा, तलाकशुदा, किन्नर और नगरवधुओं को शामिल नहीं किया जाता था। हालांकि पिछले कुछ सालों में समाजिक बदलाव की ओर कदम उठाते हुए अब सिंदूर खेला में सभी महिलाओं की भागीदारी देखी जाती है।

क्या है मान्‍यता
मान्‍यता है कि मां दुर्गा की मांग भर कर उन्‍हें मायके से ससुराल विदा किया जाता है। कहते हैं कि मां दुर्गा पूरे साल में एक बार अपने मायके आती हैं और पांच दिन मायके में रुकने के बाद दुर्गा पूजा होती है।

सिंदूर का महत्‍व
सिंदूर को सदियों से महिलाओं के सुहाग की निशानी माना गया है। मां दुर्गा को सिंदूर लगाने का बड़ा महत्‍व है। सिंदूर को मां दुर्गा के शादी शुदा होने का प्रतीक माना जाता है इसलिए यही कारण है कि दशमी वाले दिन सभी बंगाली महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर लगाती हैं।

क्या होता है इस दिन
सिंदूर खेला में पान के पत्ते से मां दुर्गा के गालों को स्पर्श किया जाता है। फिर उनकी मांग और माथे पर सिंदूर लगाया जाता है। इसके बाद मां को मिठाई खिलाकर भोग लगाया जाता है। फिर सभी महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर लंबे सुहाग की कामना करती हैं।

सन्दर्भ:-
1. https://bit.ly/2o7ALSI
2. https://www.youtube.com/watch?v=Z0d3Oagb6k0



RECENT POST

  • त्रिशूल का अन्य संस्कृतियों में महत्व
    हथियार व खिलौने

     22-02-2020 01:30 PM


  • रहस्यमयी गाथाओं को समेटे है जौनपुर का त्रिलोचन महादेव मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-02-2020 11:30 AM


  • मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट (Metropolitan Museum of Art) में संरक्षित है जौनपुर की जैन कल्पसूत्र पाण्डुलिपि
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-02-2020 12:00 PM


  • संक्रामक रोगों के खिलाफ कैसे लड़ता है टीकाकरण
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     19-02-2020 11:00 PM


  • जौनपुर का शाही किला और धार्मिक सहिष्णुता का फारसी लेख
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-02-2020 01:20 PM


  • अनेक उपयोगी गुणों से भरपूर है जौनपुर में पाया जाने वाला पलाश
    बागवानी के पौधे (बागान)

     17-02-2020 01:20 PM


  • घर को शुद्ध वातावरण देते हैं, ये इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants)
    बागवानी के पौधे (बागान)

     16-02-2020 10:00 AM


  • खगोलीय टकराव की घटना से पृथ्वी पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     15-02-2020 01:00 PM


  • ऑनलाईन डेटिंग ऐप्स के ज़रिए भी कई युवा ढूंढ रहे हैं प्यार
    संचार एवं संचार यन्त्र

     14-02-2020 11:30 PM


  • क्या है संदेश को आसान बनाने वाले ईमेल का इतिहास ?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     13-02-2020 01:00 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.