जौनपुर के प्राचीन सिक्के

जौनपुर

 04-04-2017 12:00 AM
मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक
प्राचीन सिक्के सदैव ही व्यक्तियों को आकर्षित करते हैं। इतिहास जानने और उसके पुष्टीकरण के स्रोतों मे सिक्कों की भूमिका सदैव प्रमुख रही है। सिक्कों से ही किसी भी राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का ज्ञान होता है। जौनपुर शहर को बसाने का श्रेय दिल्ली के सुल्तान फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ को जाता है। उसने ही अपने पिता (जौना खान) के नाम पर इस शहर का नाम जौनपुर रखा। जौनपुर में सिक्कों की ढलाई के लिये टकसाल का निर्माण शर्की साम्राज्य (सल्तनत) के पराकाष्ठा (15वीं शताब्दी ई.) के दौर मे कराया गया था। जौनपुर से बहुतायता मे बिलन और ताँबे के सिक्के ढाले जाते थे। यहा पर सोने और चाँदी के भी सिक्कों का निर्माण हुआ था जिनमे शम्स अल-दीन इब्राहिम शाह के तुघ्रा प्रकार व अकबर के कलीमा प्रकार के सिक्के मुख्य हैं।

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