“कश्फ-उल महजूब” का सूफ़ीवाद और चिश्ती आदेश में महत्वपूर्ण प्रभाव

जौनपुर

 06-09-2019 12:05 PM
ध्वनि 2- भाषायें

यदि जौनपुर की ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि को देखा जाए तो इसमें उर्दू और सूफीवाद का विशेष महत्व रह चुका है, जिस पर कभी शर्की शासन किया करते थे। शर्कीकाल में जौनपुर में अनेकों भव्‍य भवनों, मस्‍जि‍दों तथा मकबरों का र्नि‍माण हुआ। साथ ही शि‍क्षा, संस्‍क़ृति, संगीत, कला और साहि‍त्‍य के क्षेत्र में जो अनूठा स्‍वरूप शर्कीकाल में वि‍द्यमान रहा, वह जौनपुर के इतिहास में सबसे महत्‍वपूर्ण है।

जौनपुर में सक्रिय सूफ़ीवाद और चिश्ती आदेश में “कश्फ-उल महजूब” पुस्तक का भी काफी प्रभाव देखने को मिलता है। प्रतिष्ठित सूफी संत अली हजवेरी द्वारा ही "फारसी में सूफीवाद पर सबसे प्रारंभिक औपचारिक ग्रंथ" कश्फ-उल महजूब (अंग्रेज़ी में: अनवीलिंग ऑफ द हिडन/ Unveiling of the Hidden) की रचना की गई थी। यह अल हजवेरी का एकमात्र ऐसा कार्य है जो आज भी काफी प्रसिद्ध है। उनका यह कार्य स्वयं ही रूढ़िवादी सूफ़ीवाद के विभिन्न पहलुओं को दर्शाता है और इस्लामी समुदाय के महानतम संतों की जीवनी भी प्रस्तुत करता है।

यही कारण है कि चिश्ती आदेश के एक प्रमुख संत, मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी, ने एक बार कहा था कि एक महत्वाकांक्षी मुरीद (शिष्य) जिसके पास मुर्शिद (अध्यात्मिक गुरु) नहीं है, उसे अली हजवेरी की पुस्तक कश्फ-उल महजूब को पढ़ना चाहिए, वह उसे आध्यात्मिक मार्गदर्शन (अस्थायी रूप से) प्रदान करेगी।

अली हजवेरी द्वारा अपनी इस पुस्तक में लेख्यांकित आत्मकथात्मक जानकारी के अनुसार, यह स्पष्ट है कि अली हजवेरी ने ग़ज़नवी साम्राज्य से भी आगे तक बगदाद, निशापुर और दमिश्क में काफी समय बिताते हुए व्यापक रूप से यात्रा की थी। वहाँ उन्होंने उस समय के कई पूर्व-प्रतिष्ठित सूफियों से मुलाकात की थी। न्यायशास्त्र के मामलों में, उन्होंने विभिन्न शिक्षकों के तहत रूढ़िवादी सुन्नी कानून के हनफ़ी संस्कार में प्रशिक्षण प्राप्त किया था।

मूल रूप से फ़ारसी में लिखी गई इस पुस्तक का पहले ही विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। कश्फ-उल महजूब की पांडुलिपियां कई यूरोपीय पुस्तकालयों में संरक्षित हैं। साथ ही इसे भारतीय उपमहाद्वीप में लाहौर में लिथोग्राफ (Lithograph) किया गया था। वहीं रेनॉल्ड ए. निकोल्सन द्वारा कश्फ-उल महजूब का अंग्रेज़ी में अनुवाद किया गया। कश्फ-उल महजूब का अंग्रेज़ी अनुवाद पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Ali_Hujwiri
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Kashf_ul_Mahjoob
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Jaunpur,_Uttar_Pradesh
4. https://www.jaunpurcity.in/2014/03/jaunpur-was-then-major-center-of-urdu.html
चित्र सन्दर्भ:-
1. https://bit.ly/2kvJ2Ok



RECENT POST

  • फसलों के प्रति स्यूडोमोनस बैक्टीरिया का दोहरा स्वभाव
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     18-09-2019 11:02 AM


  • जौनपुर की इमरती से मिलती–जुलती मिठाई है जलेबी
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     17-09-2019 11:02 AM


  • कई जानकारियां प्राप्त हो सकती हैं एक डीएनए परीक्षण से
    डीएनए

     16-09-2019 01:27 PM


  • आखिर क्यों मनाया जाता है, अभियन्ता (इंजीनियर्स) दिवस
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:00 PM


  • जौनपुर में भी हुआ था सत्ता के लिए लोदी राजवंश में संघर्ष
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:00 AM


  • जौनपुर में फव्वारे लगाने से बढ़ सकती है शहर की शोभा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     13-09-2019 01:32 PM


  • जौनपुर से गुजरने वाली गोमती नदी में भी पायी जाती हैं, शार्क मछली
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM


  • कैमरा ऑब्स्क्योरा के द्वारा बनाया गया था 1802 में अटाला मस्जिद का छायाचित्र ?
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-09-2019 04:24 PM


  • मोहर्रम की प्रचलित प्रथा है ततबीर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     10-09-2019 02:15 PM


  • कीटनाशकों और मानव गतिविधियों की चपेट में आ रहे हैं हरियल कबूतर
    पंछीयाँ

     09-09-2019 12:14 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.