अगस्त 1942 में गोवालिया टैंक मैदान में लोगों पर इस्तेमाल की गई आंसू गैस की अनदेखी तस्वीरें

जौनपुर

 15-08-2019 08:36 AM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

आज 15 अगस्त को हम अपना 73वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। भारत में 1947 से 15 अगस्त की तारीख भारतीय इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन बन गया है। यह वर्ष 1947 का सबसे भाग्यशाली दिन था, जब भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के कठिन संघर्ष और बलिदान के बाद भारत स्वतंत्र हुआ। हमने कड़े संघर्ष के बाद आजादी हासिल की, जो कि वर्षो के निरंतर प्रयासों का परिणाम था, जिसकी मुख्य नीव वर्ष 1942 में रखी गई थी। आज इस शुभ अवसर पर प्रारंग उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, और अगस्त 1942 में गोवालिया टैंक मैदान में लोगों पर इस्तेमाल की गई आंसू गैस की अनदेखी तस्वीरें प्रस्तुत कर रहा है।

9 अगस्त, 1942 को जब बॉम्बे में लोग गोवालिया टैंक मैदान में इकट्ठा हुए, भले ही उनके कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था, फिर भी पुलिस को उन पर आंसू गैस का उपयोग करने का आदेश दिया गया, जबकि एक और दस्ते सशस्त्र मैदान के बाहर इंतजार कर रहा था।

चारों ओर आंसू गैस होने के बावजूद स्वयंसेवकों को पता था कि क्या करना है। पहले उन्होंने झंडे की चौकी को घेर कर सुरक्षित किया और फिर गैस के प्रभाव से बचने के लिए मैदान पर लेट गए।

वे लोग आंसू गैस के पहले हमले से बच गए और झंडे के नीचे मजबूती से खड़े हो गए।

जल्दी से उन्होंने झंडे के पास बिखरे लोगों को इकठ्ठा किया।

तब तक आंसू गैस का एक और हमला उन पर किया गया।

पुलिस ने अधिक से अधिक गैस के साथ बार-बार हमला किया, लेकिन स्वयंसेवकों ने अब परिचित तकनीक का इस्तेमाल किया और ध्वज पोल से चिपके रहे। जब बाकी लोग पीछे हट गए या मैदान में फैल गए, तब कुछ लोग ध्वजवाहक (pole) के रूप में अचल स्थिर हुए और खड़े हो गए। स्वयंसेवकों के इस छोटे से समूह ने पुलिस के प्रयास को पूरी तरह से विफल कर दिया था क्योंकि वे आंसू गैस से लोगों को आतंकित करने में विफल रहे।

1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन से जुड़ीं और अनदेखी तस्वीरों के लिए नीचे दिए गए लिंकों पर क्लिक करें।

1.https://lucknow.prarang.in/posts/3235/Some-rare-images-from-the-Quit-India-movement-of-August-1942

2.https://rampur.prarang.in/posts/3233/Unseen-images-of-flag-hoisting-at-Gowalia-Tank-Ground-in-August-1942

3.https://meerut.prarang.in/posts/3236/photos-of-incidents-at-Gowalia-Tank-Ground-after-the-arrest-of-Mahatma-Gandhi-ji



RECENT POST

  • स्वास्थ्य व पर्यावरण समस्याओं से निपटने में सहायक सिद्ध हो सकती है कॉकरोच फार्मिंग
    तितलियाँ व कीड़े

     18-01-2020 10:00 AM


  • जौनपुर में प्रचलित है शीतला माता की पूजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2020 10:00 AM


  • क्या हैं, वर्तमान में भारतीय सेना की रक्षा क्षमताएं?
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     16-01-2020 10:00 AM


  • किस प्रकार मनाया जाता है भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति का उत्सव
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     15-01-2020 10:00 AM


  • जौनपुर में भी दिखाई देता है काली गर्दन वाला सारस
    पंछीयाँ

     14-01-2020 10:00 AM


  • ब्रह्मांड की कई आश्चर्यचकित चीजों में से एक है क्वेसर (Quasar)
    शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

     13-01-2020 10:00 AM


  • क्या होता है, विभिन्न धर्मों में प्रयुक्त होने वाले मण्डल (Mandala)
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-01-2020 10:00 AM


  • भारतीय वन सेवा है एक अच्छा विकल्प
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     11-01-2020 10:00 AM


  • क्यों छोड़ना चाहते हैं भारतीय किसान खेती को?
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     10-01-2020 10:00 AM


  • बॉलीवुड फिल्मों ने निभाई भारतीय प्रवासी पहचान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     09-01-2020 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.