आखिर क्यों डाले जाते हैं, रेलवे पटरियों के मध्य पत्थर

जौनपुर

 11-08-2019 11:05 AM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

भारत में प्रतिदिन लाखों लोग रेलगाड़ी से सफर करते हैंl हम में से अधिकांश लोगों ने कभी-ना-कभी रेल की पटरियों को अवश्य देखा होगाl जब हम कभी रेल की पटरियों को देखते हैं तो पाते हैं कि रेल की पटरियों के बीच और दोनों तरफ छोटे-छोटे पत्थर बिछे रहते हैंl लेकिन कभी आपने सोचा है कि रेल की पटरियों के बीच और इसके दोनों किनारों पर पत्थर क्यों बिछाए जाते हैं?

रेल की पटरियों के बीच छोटे-छोटे पत्थर बिछाए जाने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण हैl शुरूआती दौर में रेलवे ट्रैक का निर्माण इस्पात (steel) और लकड़ी के पटरों की मदद से किया जाता था, लेकिन आज के समय में लकड़ी के पटरों के बदले सीमेंट की आयताकार सिल्लियों का प्रयोग किया जाता है, जिसे “स्लीपर्स” कहा जाता हैl वास्तव में रेल की पटरियों के बीच छोटे-छोटे पत्थर बिछाने का उद्देश्य लकड़ी के पटरों या सीमेंट की सिल्लियों को अपने स्थान पर मजबूती के साथ स्थिर रखना है ताकि ये सिल्लियां रेलवे ट्रैक को मजबूती के साथ पकड़े रहेl दरअसल जब ट्रेन चलती है तो उससे जमीन और पटरियों में कंपन पैदा होता है। इसके अलावा तेज धूप से पटरियां फैलती हैं और सर्दियों में सिकुड़ती हैं। इससे ट्रेन का पूरा भार लकड़ी या सीमेंट की सिल्लियों पर आ जाता है, लेकिन पटरियों के बीच पत्थर बिछे होने के कारण सारा भार इन पत्थरों पर चला जाता हैl जिसके कारण कंपन, पटरियों का सिकुड़ना, ट्रेन का भार सभी संतुलित हो जाते हैंl इसके साथ ही रेल की पटरियों के बीच पत्थर बिछाने की एक वजह यह भी है कि जब रेलवे ट्रैक से होकर भारी-भरकम ट्रेन गुजरे तो उसके भार का संतुलन बना रहे और जमीन को कोई नुकसान ना पहुंचेl इसके अलावा रेल की पटरियों के बीच पत्थर बिछाने से बारिश का पानी आसानी से बहता है और रेल की पटरियों के बीच और उसके दोनों ओर कीचड़ नहीं होता हैl इसके अलावा रेल की पटरियों के बीच पत्थर बिछाने से ध्वनि प्रदूषण से भी बचाव होता हैl 

रेल की पटरियों के बीच पत्थर बिछाने के पीछे एक कारण यह भी है कि यदि पत्थर नहीं बिछाई जाती है तो रेलवे पटरी के आस पास झाड़िया उग जाएंगी जिससे ट्रेन को गुजरने में कठिनाई उत्पन्न होगीl 

आपकी जानकारी के लिए हम बताना चाहते हैं कि भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क हैl 2015-16 के अंत में जारी आकड़ों के अनुसार भारतीय रेलवे नेटवर्क 66,687 किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और इसके अंतर्गत 7,216 स्टेशन तथा 1,19,630 किमी ट्रैक शामिल हैl

सन्दर्भ:-
1. https://www.youtube.com/watch?v=668-mr5Lmuw
2. https://bit.ly/2ZNP5x



RECENT POST

  • मॉनिटर छिपकली बनी युद्ध में मुगल सम्राट औरंगजेब की पराजय का एक कारण
    रेंगने वाले जीव

     27-07-2021 10:07 AM


  • कैसे हुआ आधुनिक पक्षी का दो पैरों वाले डायनासोर के एक समूह से चमत्कारी कायापलट?
    पंछीयाँ

     26-07-2021 09:40 AM


  • प्रमुख पूर्व-कोलंबियाई खंडहरों में से एक है, माचू पिचू
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     25-07-2021 02:28 PM


  • भारत क्या सीख सकता है ऑस्ट्रेलिया की समृद्ध खेल संस्कृति से?
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     24-07-2021 11:11 AM


  • भारत में भी लोकप्रिय हो रहा है अलौकिक गुणों का पश्चिमी शास्त्रीय बैले (ballet) नृत्य
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:19 AM


  • दुनिया भर में साम्प्रदायिक एकता की मिसाल पेश करते हैं गुरूद्वारे
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-07-2021 10:44 AM


  • दर्शनशास्त्र के केंद्रीय विषयों में से एक ‘सत्य’ वास्तव में क्या है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-07-2021 09:44 AM


  • पारलौकिक लाभ पाने के लिए प्रिय वस्तुओं को समर्पित करना है बलिदान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     20-07-2021 10:17 AM


  • अलग प्रभाव है महामारी का वाइट और ब्लू कालर श्रमिकों पर
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-07-2021 06:12 PM


  • सौ साल पुराने बनारस को दर्शाते हैं, 1920 और 1930 के दशक के कुछ दुर्लभ वीडियो
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-07-2021 01:55 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id