क्रिकेट बनाम फुटबॉल, कौन है भारत एवं विश्व में अधिक लोकप्रिय?

जौनपुर

 26-07-2019 01:03 PM
हथियार व खिलौने

वैसे तो विभिन्न देशों में कई खेल प्रचलित हैं परन्तु यदि देखा जाए तो दो ऐसे खेल हैं जो कि देखने वालों की संख्या के अनुसार पूरे विश्व में सबसे मशहूर हैं, क्रिकेट (Cricket) और फुटबॉल (Football)। अब इन दोनों खेलों का प्रचलन और उनकी प्रसिद्धि समझने के लिए इन खेलों के इतिहास और इनके विस्तार क्षेत्र को समझने की आवश्यकता है। फुटबॉल 19वीं शताब्दी में प्रचलित होने वाला खेल है। इसकी यदि ऐतिहासिकता की बात की जाए तो यह करीब 19वीं शताब्दी के मध्य में अपने आधुनिक रूप में विकसित हुआ था परन्तु इससे मिलते-जुलते और खेलों का इतिहास और भी प्राचीन है।

यह खेल 11 खिलाड़ियों की 2 अलग-अलग टीमों (Teams) के मध्य होता है जिसमें एक बड़ी गेंद को एक गोल (Goal) में पहुचाया जाता है। इस खेल में जो टीम सबसे ज्यादा बार गेंद को गोल में पहुंचाती है, विजय उसी की होती है। अब यदि इस खेल के नाम पर चर्चा की जाए तो इस खेल का नाम फुटबॉल अंग्रेजी के दो शब्दों के मेल से बना है “फुट” (Foot) और “बॉल” (Ball), जिनका शाब्दिक अर्थ है पैर और गेंद अर्थात जिस खेल में गेंद को पैर से मारा जाता है उसे ही फुटबॉल कहते हैं। खेल की ऐतिहासिकता के बारे में यदि देखा जाए तो चीन में एक खेल ‘कुजू’ (Cuju) और रोम में खेला जाने वाला खेल हर्पस्तम (Harpastum) फुटबॉल से मिलते-जुलते खेल हैं। रग्बी (Rugby) खेल का भी सम्बन्ध हम फुटबॉल से कर सकते हैं। मध्यकालीन यूरोप में क्रिकेट और फुटबॉल ऐसे खेल थे जो सबसे ज्यादा तीव्रता से आगे उभर कर आये। ये खेल ब्रिटेन द्वारा स्थापित शासित देशों में बड़ी तेज़ी से फैला। यह खेल शुरूआती दौर में इंग्लैंड के स्कूलों में खेला जाने वाला खेल था। विभिन्न संस्थाओं ने इस खेल की नियमावली बनायी जिनमें सबसे प्राचीन कैंब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा तैयार नियम था जो कि 1848 में बनाया गया था। जिस समय यह नियम बनाया जा रहा था उस समय कई अन्य संस्थाओं के भी लोग उसमें शामिल थे। हालांकि यह नियम कई अन्य संस्थाओं द्वारा माने नहीं जाते थे।

उस दौर में फुटबॉल खेलने वाले क्लबों की भी रचना हो चुकी थी। करीब सन 1862 तक कई प्रयास किये गए फुटबॉल खेल की नियमावली पर परन्तु सन 1863 में फुटबॉल एसोसिएशन (Football Association) की स्थापना हुयी जिसे 26 अक्टूबर 1863 में प्रस्तुत किया गया। वर्तमान काल में खेले जाने वाले फुटबॉल में आज भी वही नियम चलते हैं जो कि 1863 में बनाए गए थे। आज के फुटबॉल के माहासमर अर्थात फीफा (FIFA) का गठन 1904 में पेरिस में हुआ और इसने अंतर्राष्ट्रीय मान्यता सन 1913 में प्राप्त की। उस दौर के बाद आज विश्व भर में कई फीफा विश्वकप हो चुके हैं। भारत आज भी अपनी जगह इस खेल में तलाश रहा है।

ऊपर दिया गया चित्र रग्बी (Rugby) खेल का है।

भारतीय फुटबॉल की यदि बात की जाए तो यह खेल ब्रिटिश सेना द्वारा भारत में लाया गया था जिस प्रकार से क्रिकेट आया था। भारत में यह खेल प्रचारित करने का श्रेय नागेन्द्र प्रसाद सर्बाधिकारी को जाता है जिन्होंने इस खेल को बड़े दर्जे पर प्रचारित किया। भारत का सबसे प्राचीन फुटबॉल क्लब कलकत्ता ऍफ़. सी. है जिसकी स्थापना सन 1872 में हुई थी। भारतीय फुटबॉल संघ की स्थापना सन 1893 में हुई थी लेकिन इसके बोर्ड (Board) के सदस्यों में कोई भी भारतीय नहीं था। जल्द ही अन्य कई और क्लबों की स्थापना कलकत्ता में हुयी जिससे कलकत्ता को फुटबॉल का गढ़ माना जाने लगा। तब से सन 1911 तक भारत फुटबॉल खेलता तो था परन्तु विश्व फुटबॉल में इसका कोई स्थान नहीं था। 1911 में भारतीय फुटबॉल ने अपनी एक जगह बनायी। यह मौका था जब मोहन बगान क्लब ने सबसे ज्यादा मान्यता प्राप्त आई.ऍफ़.ए. शील्ड (IFA Shield) में ईस्ट यॉर्कशायर रेजिमेंट को 2-1 से हरा कर फाइनल (Final) जीता। 1948 के लन्दन ओलंपिक्स (London Olympics) में भारत ने पहली बार दस्तक दी थी, और कई मुश्किलातों के चलते भारत ने 1950 के फीफा विश्वकप में खेलने का मौका पाया परन्तु कुछ समस्याओं के चलते ऑल इंडियन फुटबॉल फेडरेशन ने यह खेल खेलने से मन कर दिया। बताये गए कारणों में यह था कि फीफा ने बिना जूता पहने खिलाडियों को खेलने से रोक दिया, और भारतीय खिलाड़ी जूता पहन के खेलने के आदि नहीं थे। इसके अलावा कुछ तथ्यों से यह भी पता चलता है कि उस समय सरकार की मौद्रिक स्थिति भी सही नहीं थी। उसके बाद से अभी तक भारतीय फुटबॉल टीम किसी बड़े पैदान पर नहीं पहुँच सकी है।

अब यदि बात की जाए फुटबॉल और क्रिकेट की लोकप्रियता की, तो फुटबॉल आज भी पूरे विश्व में एक जश्न के साथ खेला जाता है और वहीं भारत में फुटबॉल से ज़्यादा लोकप्रिय खेल क्रिकेट है। क्रिकेट की लोकप्रियता का यह भी कारण है क्यूंकि भारत टीम इस खेल में विश्वपटल पर अति लोकप्रिय है और इस खेल में भारत कई बार विश्वविजेता भी रह चुका है।

संदर्भ:-
1. https://www.fifa.com/about-fifa/who-we-are/the-game/global-growth.html
2. https://bit.ly/2yeRqVO
3. https://www.sportskeeda.com/football/indian-football-history
चित्र सन्दर्भ:-
1. https://bit.ly/2YgcgyF
2. https://www.youtube.com/watch?v=d8p1bpdkDzo
3. https://bit.ly/2ZesvgG



RECENT POST

  • आज कपास की आसमान छूती कीमतें छोटी मिलों की स्थिरता, लाभ क्षमता के लिए नहीं अनुकूल
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     28-05-2022 09:18 AM


  • परिवहन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात AI
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-05-2022 09:37 AM


  • खाद्य यादों में सभी पांच इंद्रियां शामिल होती हैं, इस स्मृति को बनाती समृद्ध
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:17 AM


  • जौनपुर सहित यूपी के 6 जिलों से गुज़रती पवित्र सई नदी, क्यों कर रही अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष?
    नदियाँ

     25-05-2022 08:18 AM


  • जंगलों की मिटटी में मौजूद 500 मिलियन वर्ष पुरानी विस्तृत कवक जड़ प्रणालि, वुड वाइड वेब
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:38 AM


  • चंदा मामा दूर के पे होने लगी खनिज संसाधनों के लिए देशों के बीच जोखिम भरी प्रतिस्पर्धा
    खनिज

     23-05-2022 08:47 AM


  • दुनिया का सबसे तेजी से उड़ने वाला बाज है पेरेग्रीन फाल्कन
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:53 PM


  • क्या गणित से डर का कारण अंक नहीं शब्द हैं?भाषा के ज्ञान का आभाव गणित की सुंदरता को धुंधलाता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:05 AM


  • भारतीय जैविक कृषि से प्रेरित, अमरीका में विकसित हुआ लुई ब्रोमफील्ड का मालाबार फार्म
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:57 AM


  • क्या शहरों की वृद्धि से देश के आर्थिक विकास में भी वृद्धि होती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:49 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id