कितनी बड़ी है ताश की गड्डी को व्यवस्थित करने के तरीकों की संख्या?

जौनपुर

 23-07-2019 11:34 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

आप सभी ताश के खेल से भली-भांति परिचित होंगे। जब भी आप एक फेर बदल की हुई ताश की गड्डी को उठाते हैं, तो आप लगभग निश्चित रूप से उन ताश को इस तरह व्यवस्थित कर रहे होते हैं जो पहले कभी आपके सामने नहीं थे और न ही फिर मौजूद होंगे। पर क्या आप जानते हैं कि आपकी ताश की गड्डी को व्यवस्थित करने के तरीकों की संख्या कितनी बड़ी है? इन 52 ताश पत्तों के संभावित क्रमपरिवर्तनों की संख्या 52! (52x51x50x49x......x3x2x1) है। 52 के आगे लगाया गया विस्मयादिबोधक चिह्न अंश प्रचालक प्रतीक का रूप है जिसे यह उल्लेखित करने के लिये लगाया जाता है कि वास्तव में यह बहुत ही कम समय में आश्चर्यजनक रूप से बड़ी संख्याओं का उत्पादन करती है। 52! के माध्यम से आप कार्ड की एकल गड्डी को व्यवस्थित कर सकते हैं। आप अपनी इच्छा से फेर-बदल या मिश्रित की गयी गड्डी को बनाकर इसका अनुमान लगा सकते हैं। सभी पत्तों की एक गड्डी बनायें। अब 52 पत्तों में से एक का चयन कर उसे पहले नम्बर पर रखें। इसके बाद बचे हुए 51 पत्तों में से पुनः एक को चयनित कर उसे दूसरे नम्बर पर रखें। अब शेष बचे हुए 50 पत्तों में से पुनः एक को चयनित कर तीसरे नम्बर पर रखें।

इस प्रकार आपके द्वारा कार्ड की गड्डी को व्यवस्थित करने के तरीकों की कुल संख्या 52*51*50*...*3*2*1, या 52! है जो निम्न प्रकार प्रदर्शित होती है:

80658175170943878571660636856403766975289505440883277824000000000000

यह संख्या खगोलीय रूप से भी बड़ी है क्योंकि अधिकांश संख्याएँ जिन्हें हम पहले से ही खगोलीय रूप से बड़ा मानते हैं, वे इस संख्या के केवल अंश मात्र हैं। तो, यह कितनी बड़ी हैं? आइए एक छोटे से सैद्धांतिक अभ्यास के माध्यम से इस संख्या के परिमाण की ओर ध्यान केंद्रित करें और एक खेल खेलें:

सबसे पहले एक टाइमर (Timer) सेट करें जो 52! से 0 तक के सेकेंडों की संख्या की गणना करेगा। अब भूमध्य रेखा पर एक स्थान चुनकर प्रारंभ करें। अब आपको भूमध्य रेखा पर चलते हुए पूरी दुनिया का चक्कर लगाना है किंतु ध्यान रहे कि आपकी चाल 100 करोड़ सालों में एक कदम होनी चाहिए। (पृथ्वी की भूमध्यरेखीय परिधि 40,075,017 मीटर होती है)।

अब ताश के पत्तों की एक गड्डी को व्यवस्थित करें ताकि आप हर कदम के बीच इसे खेल सकें। जब पूरी दुनिया का एक चक्कर हो जाये उसके बाद प्रशांत महासागर की एक बूंद को सागर से निकाल लें। यह प्रक्रिया फिर से दोहरायें: 100 करोड़ सालों में एक कदम की चाल से पूरी दुनिया का चक्कर लगायें। प्रशांत महासागर की एक बूंद को निकालते रहें। हर बार आप दुनिया का एक चक्कर लगाते हैं। यह प्रक्रिया तब तक करते रहें जब तक प्रशांत महासागर खाली न हो जाये। (प्रशांत महासागर में 707.6 मिलियन क्यूबिक किलोमीटर पानी है)।

जब यह प्रक्रिया हो जाये तो कागज़ की एक शीट (Sheet) को महासागर की ज़मीन पर फैला दें। अब सागर को वापस भरें और पूरी प्रक्रिया को फिर से दोहरायें। हर बार महासागर के खली होने के बाद उसमें एक शीट डाल दें। यह प्रक्रिया तब तक करते रहें जब तक कागज़ों की शीटों का ढेर पृथ्वी से सूर्य तक न पहुंच जाए। अब टाइमर पर नज़र डालें, आप देखेंगे कि तीन सबसे बाएँ स्थित अंक अभी भी नहीं बदले हैं। अभी भी आपके पास 8.063e67 सेकेंड शेष हैं। (पृथ्वी से सूर्य की दूरी, 149,597,870.691 किलोमीटर है)।

अब कागजों के ढेर को नीचे गिरा दें और प्रारंभिक क्रिया को फिर से लगभग एक हज़ार बार करें। दुर्भाग्य से अभी भी यह समय खत्म नहीं हुआ होगा। अभी भी टाइमर में 5.385e67 सेकेंड से भी अधिक शेष हैं। यह जानना आश्चर्यजनक होगा कि आप कुल समय के लगभग एक तिहाई हिस्से पर ही पहुंचे हैं।

अब बचे हुए समय को बिताने के लिये अपनी ताश की गड्डी को हेर-फेर या व्यवस्थित करें। अब आप प्रत्येक 100 करोड़ सालों में 5-कार्ड पोकर हैंड (5-Card poker hand) को व्यवस्थित करते हैं। हर बार जब आपको रॉयल फ्लश (Royal flush) मिलता है, आपको एक लॉटरी (Lottery) का टिकट खरीदना है। (एक रॉयल फ्लश प्रत्येक 6,49,740 हाथों में से एक में होता है)। अगर वह टिकट जैकपॉट जीत जाता है, तो आपको ग्रैंड कैनियन (Grand Canyon-अमेरिका में स्थित विशाल घाटी) में रेत का एक दाना फेंकना है। ऐसा तब तक करते रहें जब आप घाटी को रेत से भर न दें। जब घाटी भर जाये तो माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) से एक आउंस (Ounces) चट्टान निकाल लें। अब घाटी को खाली करें और यह प्रकिया पुनः दोहराये तथा तब तक दोहराते रहें, जब आप माउंट एवरेस्ट को समतल कर देंगे तो पायेंगे कि टाइमर में अभी भी 5.364e67 सेकंड शेष हैं। (माउंट एवरेस्ट का वज़न लगभग 357 ट्रिलियन पाउंड है)। यदि आप इस प्रक्रिया को 255 बार दोहराते हैं, तो टाइमर में अभी भी 3.024e64 बाकी होंगे। आपके 256 वें प्रयास के दौरान टाइमर अंततः शून्य पर पहुंच जाएगा। किंतु पुनः प्रश्न यह होगा कि टाइमर किस बिंदु पर शून्य तक पहुंचेगा?

वास्तव में ऐसा कभी नहीं हो सकता क्योंकि दुनिया का चक्कर लगाते समय आपके पांचवे कदम से पहले ही प्रशांत महासागर उबल जायेगा क्योंकि सूर्य बहुत ही गर्म और बड़ा हो जायेगा। ब्रह्मांड के सभी तारे जल जायेंगे और अंततः अंतरिक्ष अंधकारमय हो जायेगा जिसमें कुछ ही प्राथमिक कण बिखरे हुए होंगे।

संदर्भ:
1. https://brobible.com/life/article/deck-cards-total-number-order-cominations/
2. https://czep.net/weblog/52cards.html (GAME LINK)



RECENT POST

  • सबसे खतरनाक जानवरों में से एक है बॉक्स जेलीफ़िश, क्या बचा जा सकता है इसके डंक से
    मछलियाँ व उभयचर

     22-09-2021 09:08 AM


  • भारत की रॉक कट वास्तुकला से निर्मित भव्य विशालकाय आकृतियां
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-09-2021 09:46 AM


  • लकड़ी से बनी कुछ चीजें क्यों हैं काफी महंगी?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     20-09-2021 09:31 AM


  • इतिहास की सबसे भीषण परमाणु दुर्घटना है, चर्नोबिल परमाणु दुर्घटना
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-09-2021 12:48 PM


  • जौनपुर की अनूठी शहर संरचना है यूरोप के प्रसिद्ध शहरों जैसी
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-09-2021 10:07 AM


  • ओजोन परत के संरक्षण के लिए वैश्विक पैमाने पर उठाए गए कदम
    जलवायु व ऋतु

     17-09-2021 09:48 AM


  • जलवायु को विनियमित करने में महासागर की भूमिका
    समुद्र

     16-09-2021 10:09 AM


  • हाइड्रोपोनिक फार्म जब बिना मिट्टी के उग जाती हैं स्वादिष्ट व् पौष्टिक सब्जियां
    साग-सब्जियाँ

     15-09-2021 10:11 AM


  • मृदा के प्रकार व मृदा स्वास्थ्य का मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     14-09-2021 09:42 AM


  • दुनिया की विभिन्न संस्कृतियों में बिल्लियां करती हैं विभिन्न प्रतीकों का प्रतिनिधित्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-09-2021 06:55 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id