यूट्यूब चैनल के माध्‍यम से जीवन यापन करने का भ्रम

जौनपुर

 22-07-2019 12:08 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

भारत में विश्‍व के अन्‍य देशों के समान ही इ्ंटरनेट (Internet) की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। ‘वसुधैव कुटुम्‍बकम’ की विचारधारा को धरातलीय स्‍तर पर लाने के लिए इ्ंटरनेट एक अहम भूमिका निभा रहा है। इ्ंटरनेट मात्र मनोरंजन का साधन ही नहीं वरन् वैश्विक ज्ञान का अपार भण्‍डार है। आज इंटरनेट अनगिनत लोगों के लिए आय का साधन भी बन गया है। इंटरनेट द्वारा चलने वाली विभिन्‍न सोशल नेटवर्किंग साइट (Social Networking Site), एप (App) और यूट्यूब (Youtube) आज लोगों को पैसे कमाने के लिए प्रोत्‍साहित कर रहे हैं। यूट्यूब इनमें सबसे ज्‍यादा अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसका उपयोग संगीत वीडियो (Video), कॉमेडी शो (Comedy Shows), गाइड (Guide), रेसिपी (Recipe), और भी बहुत कुछ देखने के लिए किया जाता है। कई तरह के विषयों की कक्षाएं, विभिन्न प्रकार के समाचार, किसी विषय पर आधारित वाद-विवाद, किसी टेलीविज़न (Television) कार्यक्रम के अंश भी आजकल यूट्यूब पर उपलब्ध हो जाते हैं। जिसके चलते आज युवावर्ग में यूट्यूब काफी प्रसिद्ध हो चुका है।

परंतु यह एक चिंता का विषय भी बनता जा रहा है, जहां विज्ञान और इंटरनेट के माध्यम से मानव जीवन बहुत सरल और सुगम हो गया है वहीं इन पर निर्भरता एक समस्या का कारण बन गयी है। कई लोग आज यूट्यूब को रातों-रात अमीर कर देने वाला अलादीन का चिराग समझ रहे हैं। आज के कई बच्‍चे और युवा पीढ़ी खुद को भावी जीवन में किसी प्रतिष्ठित पद पर देखने की बजाए एक विख्यात यूट्यूबर देखना ज्‍यादा पसंद कर रहे हैं। मैथियास बर्टल के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका में यूट्यूबर्स बनने की कोशिश करने वाले युवाओं में से 96.5% युवा गरीबी रेखा से ऊपर भी नहीं उठ पाएँगे क्योंकि वे अपने विज्ञापन से पर्याप्त पैसा नहीं अर्जित कर पाएँगे।

2005 के बाद जन्मे अधिकांश बच्‍चे आज अपने दैनिक जीवन का एक बड़ा हिस्‍सा यूट्यूब पर बिता रहे हैं। ब्रिटेन में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि 6 से 17 वर्ष की आयु के 3 में से एक ब्रिटिश बच्चा पूर्णकालिक यूट्यूबर बनना चाहता है। वहाँ यूट्यूबर बनने की मनशा रखने वालों की संख्‍या डॉक्टर (Doctor) या नर्स (Nurse) बनने की चाह रखने वालों से तीन गुना अधिक है। साथ ही बर्टल के शोध से पता चला है कि 1% विख्यात निर्माताओं ने 2016 में प्रति माह 22 लाख से 4.21 करोड़ व्यू (View) प्राप्त किए थे। ये शीर्ष-स्तरीय कलाकार प्रायः प्रायोजन या अन्य सौदों के माध्यम से पैसा कमाते हैं, इसलिए उनकी कमाई की गणना अधिक जटिल होती है।

कई लोगों को लगता है कि यूट्यूब में ब्लॉगिंग (Blogging) करना काफी सरल होता है, लेकिन वास्तव में यह सबसे कठिन और धैर्य पूर्ण कार्य है। आज हज़ारों महिलाएं यूट्यूब पर ब्लॉगिंग करने की कोशिश करती हैं, किंतु उनमें से ज्यादातर सफल नहीं हो पाती हैं। वहीं यदि कोई यह सोचता है कि यूट्यूब सितारा बनना धन-दौलत कमाने का एक अच्छा मार्ग है, तो यह एक भ्रम है। अधिकतर यूट्यूबर अपने जीवन को चलाने के लिए केवल इस पर ही निर्भर नहीं रहते हैं, बल्कि वे अन्य कार्यों में भी संलग्‍न होते हैं।

हम में से अधिकांश लोग इसका उपयोग मनोरंजन के लिए करते हैं, तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए यह एक पूर्णकालिक नौकरी है। इसमें वे अपने विडियो के माध्‍यम से आय अर्जित करते हैं, जिसका मुख्य साधन विज्ञापन होते हैं। किंतु विज्ञापनदाता तभी भुगतान करते हैं जब कोई व्यक्ति 5 या 30 सेकेंड के लिए उनका विज्ञापन देखता है। यदि आपके वीडियो को लाखों व्‍यू मिले हैं, लेकिन किसी ने भी विज्ञापन पर क्लिक नहीं किया है तो आपको किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। यूट्यूब विज्ञापन गूगल ऐडवर्ड्स प्लेटफ़ॉर्म (Google Adwords platform) में प्रबंधित होते हैं। विज्ञापनकर्ता दो अलग-अलग कारकों, ‘प्रति क्‍लिक की लागत’ और ‘प्रति व्‍यू की लागत’ के आधार पर विज्ञापन चुन रहे हैं। इसलिए यूट्यूब को अपनी आजीविका का साधन बनाना एक चुनौतीपूर्ण और धैर्यपूर्ण कार्य है, क्योंकि यह अत्यधिक प्रतिस्पर्धी क्षेत्र बन गया है। वहीं कुछ वर्ष पहले यह देखा गया था कि यूट्यूब में डाले गए वीडियो में आधे वीडियो को केवल 500 से कम व्यूज़ मिलते हैं और केवल 0.33% वीडियो 1 मिलियन व्यू तक पहुंच पाते हैं।

यूट्यूब की प्रतिस्पर्धी दुनिया से कुछ भारतीय सफलता की कहानियां:
भुवन बम अपने यूट्यूब चैनल बीबी की वाइन्स (BB Ki Vines) के लिए काफी प्रसिद्ध हो गये हैं। इनके चैनल को हास्‍य की श्रेणी में रखा गया है। जिसमें भुवन स्‍वयं दर्शकों के मनोरंजन हेतु 4-5 किरदार निभाते हैं और नियमित रूप से अपनी विडियो अपलोड करते रहते हैं। इनके चैनल के 1.4 करोड़ से भी ज्‍यादा सब्‍सक्राइबर (Subscriber) हैं।

अमित भडाना भी अपने यूट्यूब चैनल के लिए काफी प्रसिद्ध हैं। अपने चैनल पर, वह मूल रूप से ऐसी सामग्री बनाते हैं, जिसे कॉमेडी स्केच (Comedy sketch) के तहत वर्गीकृत किया गया है। इनके चैनल के 1.5 करोड़ से अधिक सब्‍सक्राइबर हैं।

संदीप माहेश्वरी भारत में सबसे तेज़ी से बढ़ते उद्यमियों में से एक है। यह Imagesbazaar.com के संस्थापक और मुख्‍य अधिकारी हैं, जो भारतीय तस्वीरों का सबसे बड़ा संग्रह है। वह एक प्रेरक वक्ता हैं और अपने मुक्त जीवन-परिवर्तन सेमिनारों (Seminars) के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने दर्शकों को जीवन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराने के लिए अपना यूट्यूब चैनल बनाया है, जिसके 1.1 करोड़ से अधिक सब्‍सक्राइबर हैं।

निशा मधुलिका यूट्यूब पर सबसे सरल तरीके से खाना पकाने से संबंधित वीडियो बनाती हैं। 52 साल की उम्र में, उन्होंने खाना पकाने के जुनून के साथ अपना खुद का यूट्यूब चैनल शुरू किया था और आज उनके 73 लाख से अधिक सब्‍सक्राइबर हैं।

हालाँकि यूट्यूब में प्रसिद्धि‍ प्राप्‍त करना थोड़ा कठिन कार्य है लेकिन असंभव नहीं। यदि आप अपनी वीडियो में दर्शकों का समर्थन प्राप्‍त करना चाहते हैं तो उनकी आवश्‍यकताओं को विशेष महत्‍व दें। अपने वीडियो पर विज्ञापन का सावधानी पूर्वक चयन करें तथा सुनिश्चित करें कि ब्रांड (Brand) आपकी वीडियो पर विज्ञापन देना चाहे। यूट्यूब द्वारा प्रदान किए जाने वाले विश्लेषणात्मक उपकरण के माध्‍यम से अपने प्रदर्शन का विश्‍लेषण करें। इस प्रकार के कुछ बिंदुओं को ध्‍यान में रखते हुए आप यूट्यूब प‍र एक अच्‍छा प्रदर्शन भी कर सकते हैं।

संदर्भ:
1. http://fortune.com/2018/02/27/youtube-success-poverty-wages/
2. https://bit.ly/2uVWPAp
3. https://bit.ly/2IG5ezX
4. https://influencermarketinghub.com/how-do-youtubers-get-paid/
5. https://vidooly.com/blog/top-10-youtubers-india/