बरसात के कीड़ें-मकोड़ों से सुरक्षित रहना है आवश्यक

जौनपुर

 09-07-2019 12:20 PM
तितलियाँ व कीड़े

बरसात का मौसम जहां गर्मी से निजात दिलाता है वहीं अपने साथ बहुत सारी स्वास्थ्य सम्बंधी बीमारियों को भी लेकर आता है। स्वास्थ्य सम्बंधी बीमारियां वास्तव में बरसात के कारण नहीं होती बल्कि बरसात में पनपने वाले कीड़े-मकोड़ों या कीटों के कारण होती हैं और इस कारण हम बारिश का आनंद सही रूप में ले नहीं पाते।

कीड़े-मकोड़ों के शरीर का तापमान पर्यावरण से बहुत अधिक प्रभावित होता है। ठंड के मौसम में इन जीवों की कम बढ़ोत्तरी होती है तथा ये कम सक्रिय रहते हैं जबकि गर्मियों के मौसम में इनकी संख्या बहुत अधिक बढ़ती है तथा ये अधिक सक्रिय भी हो जाते हैं। कुछ कीड़े-मकोड़े बारिश के तेज प्रवाह को सहन नहीं कर पाते और किसी ऐसी जगह पर एकत्रित हो जाते हैं जहां उन्हें बारिश से कोई नुकसान न हो और इस कारण ये हमारे घर के आस-पास कई स्थानों में समूह में दिखाई देने लगते हैं। कुछ कीड़े जैसे मच्छर गर्म और आर्द्र क्षेत्रों में पनपते हैं तथा बारिश का मौसम इनके लिये बहुत अनुकूल होता है और इसलिये इनकी संख्या सबसे अधिक बरसात में ही होती है। कुछ कीड़े विशेष रूप से अपने प्रजनन चक्र को पूरा करने के लिए बारिश का इंतजार करते हैं। जिससे बरसात में इनकी संख्या और भी अधिक बढ़ जाती है।

इन कीटों को घर में प्रवेश करने से रोकना इस मौसम में बहुत आवश्यक है क्योंकि ये अपने साथ कई बीमारियाँ भी ला सकते हैं। तो आईये उन अद्भुत तरीकों के बारे में जानें जिनसे बरसात के इन जीवों से लड़ना बहुत आसान हो जाएगा:
हमेशा अपने घर और बगीचे के पास स्थिर पानी को साफ करें क्योंकि स्थिर पानी में बहुत से हानिकारक कीड़े-मकोड़े पनपते हैं।
घर में खिड़की के लिये जालों का उपयोग हर कीड़े और कीट को घर से बाहर रखने में आपकी मदद करेगा।
कपूर कीटों को दूर रखने का एक प्राकृतिक कारक है। बरसात के मौसम में कपड़ों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए यह एक प्रभावशाली उपाय है।
तुलसी कीटों विशेष रूप से मच्छरों को रोकने का एक प्राकृतिक कारक है। यह मच्छरों के लार्वा को भी मारता है। इसलिए अपने बगीचों में तुलसी का पौधा अवश्य लगायें।
नियमित रूप से अपनी चादर, तकिया और उसके कवर की धूल को साफ झाड़ू से साफ करें क्योंकि इनमें बहुत सारे कीट हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आपकी नींद दर्दनाक हो सकती है।
लकड़ी कई दीमकों का एक महत्वपूर्ण भोजन है, जैसे कि सफेद चींटियां। इसलिए इन्हें साफ करने और जितना सम्भव हो सके सूखा रखने का प्रयास करें।
अपने घर के आस-पास इकट्ठा हुए सभी कचरे को हटा दें और साफ करें क्योंकि गंदे इलाके हानिकारक कीटों को जन्म दे सकते हैं।
यदि हवा आपके दरवाजे से गुजरे तो हवा के साथ कीड़े भी घर के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। इसलिये आवश्यक है कि बाहरी दरवाजों के आधार को सही बनाया जाये। डोर सील (door seal) का उपयोग भी कीड़ो को अंदर आने से रोकेगा।
घर के दरवाजों और खिड़कियों को यथासम्भव बंद रखें।
सोडा और बचे हुए खाद्य पदार्थों के डिब्बों, बोतलों आदि सभी को अच्छे से साफ करें क्योंकि डिब्बे और बोतलें कीड़ो को आकर्षित कर सकते हैं।

वर्तमान में कीटों या कीड़ों-मकोड़ो को प्रबंधित और खत्म करने के लिए कीट नियंत्रण प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। यह कीटों के स्तर को कम करने या समाप्त करने के लिए डिज़ाइन की गयी है। प्रो- एक्टिव पेस्ट मैनेजमेंट (Pro Active Pest Management) पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित कीटनाशकों का उपयोग करता है जो घरेलू और संरचनात्मक कीटों को नियंत्रित करने, रोकने और समाप्त करने में मदद करता है। 61 प्रतिशत से अधिक उद्योग इसका उपयोग पिस्सू, तिलचट्टे, भृंग और चींटियों को खत्म करने के लिये कर रहे हैं जबकि 26 प्रतिशत दीमक से छुटकारा पाने के लिये इसका उपयोग करते हैं। कीट नियंत्रण में नवीनतम रासायनिक तकनीकों को अपनाया गया है जो कीटों के लिए तो विषैले हैं किंतु संलग्न वातावरण के लिये सुरक्षित हैं।

सैकड़ों या शायद हजारों विभिन्न कीड़े हैं जो आपके घर में स्थानांतरित हो सकते हैं या आपके घर, कार्यालय या किसी अन्य भवन के अंदर उत्पादित हो सकते हैं। दीमक, कॉकरोच, चींटियाँ, मच्छर, मक्खियां आदि ऐसे कीट हैं जो खतरनाक बीमारियों के वाहक बन सकते हैं। बरसात के मौसम में कीट नियंत्रण बहुत आवश्यक है क्योंकि ये खाद्य पदार्थों को दूषित करते हैं तथा कई खतरनाक बीमारियों के वाहक बन जाते हैं। कीट नियंत्रण आपके घर को स्वच्छ बनाने और उन सभी प्रकार के कीटों से छुटकारा पाने की कुंजी है जो आपके घर में रह रहे हैं।

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2XC707W
2. https://www.servicesutra.com/blog/monsoon-pests-control-easily/
3. https://bit.ly/2Xwei25
4. https://www.proactivepestmanagement.com/the-importance-of-pest-control/
5. https://www.quora.com/Why-do-we-need-pest-control



RECENT POST

  • खाद्य यादों में सभी पांच इंद्रियां शामिल होती हैं, इस स्मृति को बनाती समृद्ध
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:17 AM


  • जौनपुर सहित यूपी के 6 जिलों से गुज़रती पवित्र सई नदी, क्यों कर रही अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष?
    नदियाँ

     25-05-2022 08:18 AM


  • जंगलों की मिटटी में मौजूद 500 मिलियन वर्ष पुरानी विस्तृत कवक जड़ प्रणालि, वुड वाइड वेब
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:38 AM


  • चंदा मामा दूर के पे होने लगी खनिज संसाधनों के लिए देशों के बीच जोखिम भरी प्रतिस्पर्धा
    खनिज

     23-05-2022 08:47 AM


  • दुनिया का सबसे तेजी से उड़ने वाला बाज है पेरेग्रीन फाल्कन
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:53 PM


  • क्या गणित से डर का कारण अंक नहीं शब्द हैं?भाषा के ज्ञान का आभाव गणित की सुंदरता को धुंधलाता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:05 AM


  • भारतीय जैविक कृषि से प्रेरित, अमरीका में विकसित हुआ लुई ब्रोमफील्ड का मालाबार फार्म
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:57 AM


  • क्या शहरों की वृद्धि से देश के आर्थिक विकास में भी वृद्धि होती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:49 AM


  • मिट्टी से जुड़ी हैं, भारतीय संस्कृति की जड़ें, क्या संदर्भित करते हैं मिट्टी के बर्तन या कुंभ?
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:49 AM


  • भगवान बुद्ध के जीवन की कथाएँ, सांसारिक दुःख से मुक्ति के लिए चार आर्य सत्य
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:53 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id