भारत में पुर्तगाली सत्‍ता

जौनपुर

 28-06-2019 01:16 PM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

भारतीय उपमहाद्वीप में यदि उपनिवेश की बात की जाती है तो मस्तिष्‍क में सर्वप्रथम ब्रिटिशों का नाम आता है, जबकि वास्‍तव में देखा जाए तो भारत आने वाले पहले यूरोपीय उपनिवेशी पुर्तगाली थे। भारत की खोज करने वाला वास्‍को डी गामा भी एक पुर्तगाली था, जिसने सर्वप्रथम एक उपनिवेशी के रूप में भारत भूमि (मालाबार तट, कालीकट) पर कदम रखा। भारत से सबसे अंत (1961) में जाने वाले उपनिवेशी में भी पुर्तगाली ही शामिल थे। पुर्तगालियों ने मुख्‍यतः दक्षिण भारत गोवा, दमन-दीव, दादरा नागर हवेली पर शासन किया ही था पर इसके अतिरिक्‍त इन्‍होंने भारत के अन्‍य क्षेत्रों पर भी अपना नियंत्रण स्‍थापित किया।

कालक्रमानुसार भारत में पुर्तगालियों का शासन
1498 ई: वास्को डी गामा समुद्रमार्ग से सर्वप्रथम कालीकट में आया।
1502 ई: 15 जहाज़ों और 800 पुरुषों के साथ वास्को डी गामा दूसरी बार भारत (कालीकट) पहुंचा। जहां उसने व्‍यापक रूप से अव्‍यवस्‍था फैलाई और 1503 में वापस पुर्तगाल लौट गया।
1503 ई: पुर्तगालियों ने कोचीन में (भारत) अपना पहला किला स्थापित किया था।

1505 ई:
फ्रांसिस्को डी अल्मेडा को दक्षिण पश्चिमी भारतीय तट पर चार किलों की स्थापना करवाने की शर्त पर भारत का वायसराय (Viceroy) नियुक्त किया गया।

1509 ई: बॉम्बे में प्रवेश करने वाला अल्मीडा पहला पुर्तगाली बना। उसने मामलुक बुर्जी (मिस्र की सल्तनत), ओटोमन साम्राज्य, कालीकट के ज़मोरिन और गुजरात के सुल्तान के संयुक्त बेड़े, वेनिस गणराज्य और रागुसा (डबरोवनिक) गणराज्य के नौसैनिक समर्थन के साथ एक हार का सामना किया।

1510 ई: अफोंसो डी एल्बकर्की को भारत का दूसरा गर्वनर नियुक्‍त किया गया। जिसे कालीकट में ज़मोरिन की सत्‍ता को नष्‍ट करने के विशेष निर्देश दिए गए थे। इसने ज़मोरिन की शक्ति को नष्‍ट करने के हर संभव प्रयास किए। गोवा में पुर्तगाली भारत का मुख्‍यालय और पुर्तगाली वायसराय की गद्दी थी, जो एशिया में पुर्तगाली संपत्ति पर शासन करता था।

1511 ई: पुर्तगालियों ने मलक्का द्वीप शहर पर विजय प्राप्त की।
1515 ई: पुर्तगालियों ने फ़ारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित हरमुज़ पर विजय प्राप्त की। इसी वर्ष गर्वनर एल्बकर्की की मृत्यु हुयी।

1516 ई: 1516 में मायलापुर, मद्रास (चेन्नई) में पुर्तगालियों ने लज़ चर्च (Luz Church) की स्‍थापना की। यह पहला ऐसा चर्च था जिसकी स्‍थापना पुर्तगालियों ने की थी। बाद में 1522 में साओ टोमे चर्च (São Tomé Church) का निर्माण पुर्तगालियों द्वारा किया गया था।

1526 ई: 1526 में, लोपो वाज़ डे संप्पियो के नेतृत्‍व के तहत, पुर्तगालियों ने मैंगलोर पर अधिकार कर लिया। इस क्षेत्र में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ और उडुपी, और केरल में कासरगोड शामिल थे। मैंगलोर को ‘ओ पद्रो डी सांता मारिया’ (O Padrão de Santa Maria) के द्वीपों का नाम दिया गया; बाद में इसे सेंट मैरी (Saint Mary) द्वीप के रूप में जाना जाने लगा।

1530 ई: पुर्तगालियों ने गोवा को अपने भारतीय राज्य की राजधानी बनाया, जो 1961 तक इनके नियंत्रण में रहा।
1535 ई: पुर्तगालियों ने दीव पर अधिकार कर लिया।
1559 ई: पुर्तगालियों ने दमन पर अधिकार कर लिया।
1566 ई: पुर्तगालियों और तुर्कों के बीच संधि।
1596 ई: डच ने पुर्तगालियों को हराया और उन्हें दक्षिण पूर्व एशिया से बाहर किया।
1612 ई: सूरत में पुर्तगालियों को हराने के बाद अंग्रेजों ने अपना कारखाना स्थापित किया।
1641 ई: डच ने पुर्तगालियों से मलक्का किला लिया।
1659 ई: श्रीलंका पुर्तगालियों के हाथों से निकल गया।
1661 ई: बॉम्‍बे को इंग्लैंड की पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन के दहेज के रूप में ब्रिटेन को दे दिया गया।
1663 ई: डच ने मालाबार के सभी किलों पर कब्जा करने के बाद पूर्णतः पुर्तगालियों पर कब्‍जा कर लिया।
1799 से 1813 तक गोवा पर अंग्रेजों का कब्जा रहा।
1843 ई: गोवा पुनः पुर्तगालियों की राजधा‍नी बना।

भारत की आज़ादी के बाद पुर्तगालियों को भारत में उनके उपनिवेशों को भारतीय संघ को सौपंने के लिए कहा गया। किंतु दोनों के मध्‍य टकराव की स्थिति बन गयी तथा कई हिंसक घटनाएं हुयीं। परिणामतः भारत ने पुर्तगाल के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए। भारत ने पुर्तगाली गोवा के क्षेत्रों के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध भी लगाया। अंत में, दिसंबर 1961 में, भारत ने गोवा, दमन और दीव पर सैन्य आक्रमण किया। युद्ध में पुर्तगाली सेना के खराब प्रदर्शन के कारण उन्‍हें भारतियों के आगे घुटने टेकने पड़े। अंततः 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगाली भारत के गवर्नर (Governor) ने आत्मसमर्पण पर हस्ताक्षर किए।

संदर्भ:
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Portuguese_India
2. https://bit.ly/2JeApQs
3. https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_governors_of_Portuguese_India
4. https://en.wiktionary.org/wiki/Category:Marathi_terms_derived_from_Portuguese
5. https://en.wikiversity.org/wiki/Bengali_Language/Foreign_words#Portuguese_Words_in_Bengali
6. https://www.crwflags.com/fotw/flags/in-pt.html



RECENT POST

  • मुगलकालीन प्रसिद्ध व्‍यंजन जर्दा
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     20-10-2020 08:47 AM


  • नौ रात्रियों का पर्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-10-2020 07:21 AM


  • कोविड-19 से लड़ रहे रोगियों के लिए आशा का स्रोत बना है, गीत ‘येरूशलेमा’
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-10-2020 10:10 AM


  • भारत में मिट्टी के स्वस्थ्य के प्रशिक्षण में नहीं बना कोविड-19 रुकावट
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     16-10-2020 10:22 PM


  • मनुष्य के अच्छे दोस्त- फायदेमंद कीट
    तितलियाँ व कीड़े

     16-10-2020 05:44 AM


  • महामारी प्रसार का मुख्य कारण माने जाने वाले चूहे, टीके के विकास में अब बन गए हैं
    स्तनधारी

     14-10-2020 04:15 PM


  • क्या है आल्हा रामायण का इतिहास और क्यूँ है वो इतनी ख़ास?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2020 03:03 PM


  • विकास या पतन की और ले जाती सड़कें
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     12-10-2020 03:10 PM


  • रोजगार उत्पन्न करने में सहायक है, जौनपुर निर्मित दरियों का निर्यात
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     12-10-2020 02:04 AM


  • जलवायु परिवर्तन के एक संकेतक के रूप में कार्य करता है, नोक्टिलुका स्किन्टिलन
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     11-10-2020 03:29 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id