क्या हैं नैनो प्रौद्योगिकी वस्त्र?

जौनपुर

 18-06-2019 11:02 AM
स्पर्शः रचना व कपड़े

वर्तमान में कपड़ा उद्योग में नैनो प्रौद्योगिकी (Nano Technology) का चलन धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। शायद आपने भी यह नाम पहले कहीं सुना होगा और यदि नहीं सुना है तो क्या आप जानते हैं कि वास्तव में नैनो प्रौद्योगिकी है क्या? नैनो प्रौद्योगिकी वह अप्लाइड साइंस (Applied Science) या विज्ञान है, जिसमें 100 नैनोमीटर (Nanometre) से छोटे कणों पर भी काम किया जाता है। हमारी रोज़मर्रा की ज़रुरत की चीज़ों से लेकर दवाईयों और बड़ी-बड़ी मशीनरियों (Machineries) में भी नैनो प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। नैनो प्रौद्योगिकी अणुओं व परमाणुओं की वह अभियांत्रिकी है, जो भौतिकी, रसायन, बायो इन्फॉर्मेटिक्स (Bio Informatics) व बायो टेक्नोलॉजी (Bio Technology) जैसे विषयों को आपस में जोड़ती है। इस तकनीक का उपयोग कपड़ा उद्योग में भी किया जा रहा है और इस कारण इसे ‘नैनो प्रौद्योगिकी वस्त्र’ नाम दिया गया है।

वास्तव में यह कोई नई घटना नहीं है। 2000 के दशक के मध्य में कई कपड़ा कंपनियों (Companies) ने अपने उत्पादों में चांदी के नैनोकणों को शामिल करना शुरू कर दिया था। आज नैनोकणों वाले मोज़े से लेकर टी-शर्ट (T-Shirt) तक सभी लोकप्रिय होते जा रहे हैं। नैनोटेक्नोलॉजी के द्वारा उत्पादित किये गये कपड़ों में स्व-सफाई की विशेषता होती है। इसके अलावा यह कपड़ो की दुर्गंध को भी दूर करता है और कपड़े को रोगाणुओं और बैक्टीरिया से सुरक्षित रखता है। हाल ही में चांदी और तांबे के नैनोकणों के साथ लेपित कपड़े का उत्पादन किया गया था जिसने सूर्य के संपर्क में आने पर जैविक पदार्थों जैसे कि कपड़ों पर लगे भोजन और गंदगी को निम्नीकृत किया। नैनो कण प्रकाश को अवशोषित करते हैं, जो उच्च ऊर्जा के इलेक्ट्रॉनों (Electrons) का उत्पादन कर जैविक पदार्थों का विघटन करता है। इस प्रकार नैनो प्रौद्योगिकी से उत्पादित किये गये वस्त्र स्वयं ही खुद को साफ करने में भी सक्षम होते हैं।

नैनो प्रौद्योगिकी का संबंध ‘मकड़ी रेशम’ से भी है। 2009 में एमेरीविल (Emeryville), कैलिफ़ोर्निया में स्थापित स्टार्टअप (Startup) ‘बोल्ट थ्रेड्स’ (Bolt Threads) ने आनुवंशिक रूप से संशोधित खमीर का उपयोग करके कृत्रिम मकड़ी रेशम बनाने के लिए 213 मिलियन डॉलर वित्त पोषण में लिया। मकड़ी रेशम स्टील (Steel) की तुलना में बहुत मज़बूत है तथा नरम होने के कारण यह यार्न (yarn) में कताई और टिकाऊ कपड़े बनाने के लिए एकदम सही है। 2017 के दौरान, बोल्ट थ्रेड्स ने माउंटेन मेडो (Mountain Meadow) और स्टेला मेकार्टनी (Stella McCartney) जैसे उद्योगों के साथ कार्य करना शुरू किया जिन्होंने मकड़ी रेशम को पेरिस रनवे (Paris Runway) और न्यूयॉर्क म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट (New York Museum of Modern Art) में जगह दी।

वैज्ञानिकों के अनुसार मकड़ी रेशम का प्रत्येक धागा जो एक मानव बाल की तुलना में 1000 गुना पतला है, वास्तव में हज़ारों नैनोधागों से मिलकर बना है जिनका व्यास 20 मिलियन मिलीमीटर है। नैनोफाइबर (Nanofibre) ही आपस में मिलकर मकड़ी रेशम बनाते हैं। इनमें विशेष गांठें होती हैं जो इन्हें मज़बूत बनाती हैं और इस कारण ही मकड़ी का रेशम स्टील की तुलना में पांच गुना अधिक मज़बूत होता है। कुछ समय पहले सेंट लुइस (St. Louis) में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक बायोसिंथेटिक (Biosynthetic) मकड़ी रेशम बनाया जिसे जीवाणुओं द्वारा निर्मित किया गया था। यह कृत्रिम मकड़ी रेशम पूरी तरह से जैव निम्नीकरणीय और सस्ता है। इसे बनाने में पानी, सिलिका (Silica) और सेलूलोज़ (Cellulose) का उपयोग भी किया जाता है। इसकी ऊर्जा अवशोषित करने की क्षमता कपड़े को सुरक्षात्मक आवरण देती है।

मार्च 2010 में, कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Korea Advanced Institute of Science & Technology) के शोधकर्ताओं ने मकड़ी रेशम को बनाने के लिये ई. कोलाई (E. coli) का उपयोग किया जिसमें मकड़ी नेफिला क्लेवाइप्स (Nephila clavipes) के जींस (Genes) को संशोधित किया गया था और आज इसी प्रकार से मकड़ी रेशम को और भी व्यापक बनाने के लिये विभिन्न जीवों का प्रयोग किया जा रहा है।

संदर्भ:
1. http://sustainable-nano.com/2018/11/28/nano-textiles/
2. https://www.nanalyze.com/2018/02/7-startups-nano-clothing-technologies/
3. https://bit.ly/2ORLd89
4. https://bit.ly/2Zx8vpA
5. https://en.wikipedia.org/wiki/Spider_silk



RECENT POST

  • पारंपरिक परिधान के रूप में प्रयोग की जाती है पगड़ी
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     09-12-2019 12:46 PM


  • हैरतंगेज़ करतबों से भरा सर्कस
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     08-12-2019 12:15 PM


  • कार्बन उत्सर्जन भी है, जलवायु परिवर्तन का एक कारक
    जलवायु व ऋतु

     07-12-2019 11:17 AM


  • कृषि को काफी प्रभावित करती है मृदा अपरदन
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-12-2019 11:45 AM


  • क्या है, ऋण वित्तपोषण (Debt Financing) और इक्विटी वित्तपोषण (Equity Financing) )के मध्य अंतर
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     05-12-2019 01:30 PM


  • जौनपुर में पायी जाती हैं शहतूत की विभिन्न प्रजातियां
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     04-12-2019 11:16 AM


  • सदियों से उपयोग में लाया जा रहा है सोना
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     03-12-2019 12:21 PM


  • एड्स के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है, भारत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     02-12-2019 11:52 AM


  • बीटल्स के एल्बम में भारतीय वाद्य यंत्रों का उपयोग
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     01-12-2019 10:00 AM


  • जौनपुर के लिए अच्छा विकल्प है, मोतियों का उत्पादन
    समुद्री संसाधन

     30-11-2019 11:49 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.