मिस्र की प्रसिद्ध नृत्य शैली, रक़्स शर्क़ी नृत्य

जौनपुर

 30-05-2019 11:15 AM
द्रिश्य 2- अभिनय कला

वैसे तो नृत्य सभी को बहुत अच्छा लगता है, लेकिन यह एक ऐसी कला है जो देखने में सरल लगती है लेकिन असल में बहुत कठिन होती है। इसमें अपने मनोभावों को अभिव्यक्त किया जाता है। सही सलीके से, सही मनोभावों के साथ उसे अभिव्यक्त करना ही नृत्य का असली उद्देश्य होता है। ऐसे ही एक नृत्य का प्रकार है बेली डांस (Belly Dance)। बेली डांस एक पाश्चात्य शैली का नृत्य है। नृत्य की इस शैली में शारीरिक कसरत की काफी गुंजाइश होती है। परंतु क्या आप जानते हैं कि मिस्र का यह लोकप्रिय नृत्य 1950 से मिस्र में ही प्रतिबंधित किया गया है। बेली डांस परंपरागत मध्य पूर्वी नृत्य, विशेषकर रक़्स शर्क़ी (अरबी) का एक पश्चिम में गढ़ा हुआ नाम है। रक़्स शर्क़ी में ‘रक़्स’ का अर्थ ‘नृत्य’ और ‘शर्क़ी’ का अर्थ ‘पूर्वी’ से है। पश्चिम में इसे कभी-कभी मध्य पूर्वी नृत्य या अरबी नृत्य भी कहा जाता है।

परंतु जब भी भारत और एशिया में ‘शर्की’ शब्द का ज़िक होता है तो सबके मन में जौनपुर के शर्की वंश का ध्यान आ जाता है। हालांकि शर्की शासक कला प्रेमी थे, और उनके शासन काल में कई नृत्य शैलियों को बढ़ावा मिला था किंतु रक़्स शर्क़ी का हमारे जौनपुर के शर्की वंश से कोई सीधा-सीधा संबंध नहीं है। असल में रक़्स शर्क़ी नृत्य जिसे मिस्र का कैबरे (Cabaret) भी कहा जाता है, इसकी जड़ें मिस्र के समाज और लोककथाओं से जुड़ी हुई हैं। इस नृत्य शैली का उद्भव मिस्र में 20वीं शताब्दी की शुरुआत से शुरू हुआ था और यह 1920 में कायरो में नाइट क्लबों में विकसित हुआ जैसे कि बदिया मसाबनी का ‘ओपेरा कैसिनो’ (1925)।

बादिया मसाबनी एक कुशल अभिनेत्री, गायिका और नर्तकी थीं जिन्होंने दुनिया भर में रक़्स शर्क़ी को पहचान दिलाई। यह स्थल अमेरिका और यूरोप दोनों के प्रभावशाली संगीतकारों और कोरियोग्राफरों (Choreographers) के लिए एक लोकप्रिय स्थान था, इसलिए माना जाता है कि कई अन्य नृत्य की तरह ही रक़्स शर्क़ी नृत्य का विकास भी यहीं से हुआ। यह बेली डांस की शास्त्रीय शैली है, जोकि पारंपरिक गवाज़ी और अन्य लोक शैलियों तथा पूर्वी और पश्चिमी नृत्य शैलियों के प्रभावों पर आधारित थी। इस संकर शैली को मिस्र और यहां के सिनेमा व कैबरे में प्रदर्शित किया गया था। आप इस वीडियो में रक़्स शर्क़ी को देख सकते हैं:


"बेली डांस" शब्द फ्रांसीसी "डेंस ड्यू वेंत्रे (Danse du ventre)" का एक अनुवाद है जिसे विक्टोरियन (Victorian) युग में नृत्य के लिए प्रयोग किया गया था। इस नृत्य में शरीर का हर हिस्सा हरकत करता है और इसमें कूल्हे का उपयोग आमतौर पर सबसे अधिक होता है। वर्तमान में बेली डांस देश और क्षेत्र के आधार पर कई अलग-अलग रूपों में देखने को मिलता है और प्रत्येक रूप में इसकी पोशाक और नृत्य शैली अलग-अलग होती है। आज इसकी लोकप्रियता दुनिया भर में फ़ैल गयी है, इसलिये पश्चिम में इसकी नई शैलियां विकसित की गयी हैं।

हालांकि इस नृत्य के रूपों का प्रदर्शन आम तौर पर महिलाओं द्वारा किया जाता रहा है, लेकिन कुछ नृत्यों का प्रदर्शन पुरूषों द्वारा भी किया जाता है। इस नृत्य में ज्यादातर हरकतें शरीर के विभिन्न भागों जैसे कमर, कंधे, छाती, पेट आदि द्वारा प्रदर्शित की जाती है। इस शैली ने दुनिया भर में नर्तकियों को प्रेरित किया है। भारत में भी कई नर्तकियां हैं जो इस शैली में माहिर हैं जैसे कि पायल गुप्ता। वे दुनिया भर में अपने कौशल का प्रदर्शन कर चुकी हैं और उन्होनें बेली डांसिंग के क्षेत्र में ‘इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ (Indian Book of Records) में अपना नाम दर्ज कराया है। इनके अलावा मेहर मलिक भारत के सबसे प्रसिद्ध बेली डांसरों में से एक हैं, इस वीडियो के माध्यम से आप मेहर मलिक का डांस देख सकते हैं:


मेहर ने अपने कौशल से बेली डांस के प्रति भारत के लोगों का दृष्टिकोण तक बदल दिया, इसलिये मेहर भारत में बेली डांसिंग के क्षेत्र में अग्रणीय मानी जाती हैं।

संदर्भ:
1.https://www.worldbellydance.com/egyptian-raqs-sharqi/
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Raqs_sharqi
3.https://www.desiblitz.com/content/best-belly-dancers-india
4.https://en.wikipedia.org/wiki/Belly_dance
5.https://www.youtube.com/watch?vT6NPaSv5gNI
6.https://www.youtube.com/watch?vXgd29LvakwE



RECENT POST

  • पशुधन और मुर्गीपालन क्षेत्रों पर लॉकडाउन का प्रभाव
    स्तनधारी

     21-01-2021 01:53 AM


  • यदि भुगतान क्षमता के नजरिए से देखें तो भारत का यातायात जुर्माना विश्व में सबसे अधिक है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     20-01-2021 12:15 PM


  • भारतीय नागरिकता से संबंधित कुछ विशेष पहलू
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     19-01-2021 12:36 PM


  • सदियों पुराना है सोने के प्रति भारतीयों के प्रेम का इतिहास
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     18-01-2021 12:52 PM


  • जीवन का असली आनंद है, दूसरों को खुशी देना
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 11:57 AM


  • सारण में ‘छनना’ के निर्माता हुए महामारी से प्रभावित
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:34 PM


  • मन और आत्मा को शुद्ध करने का साधन हैं, इस्लामिक कला के ज्यामितीय और संग्रथित प्रतिरूप
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:58 AM


  • एक दूसरे के साथ प्रेम और आंनद के साथ रहने का प्रतीक है, मकर संक्रांति
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:31 PM


  • मानव विकास सूचकांक देश के विकास के स्तर पर नजर रखने के लिए अनिवार्य है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:26 PM


  • आखिर क्‍यों नहीं छापती सरकार असीमित पैसे?
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:46 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id