जौनपुर से घूमने जाने के लिये किफायती स्थान है पचमढ़ी

जौनपुर

 27-05-2019 10:30 AM
पर्वत, चोटी व पठार

गर्मी के मौसम की छुट्टियों का अपना विशेष महत्व होता है और परिवार के साथ बाहर घूमने जाने का का यह बहुत ही उपयुक्त समय है। जगह का चुनाव करने में यदि आप कठिनाई महसूस कर रहे हैं तो मध्य प्रदेश का पचमढ़ी आपके लिये एक अच्छा विकल्प है जो कि आपके बजट (Budget) के लिये भी बहुत किफायती है। पचमढ़ी का अर्थ है‌- पाँच गुफाएँ। मध्य प्रदेश का यह प्रमुख पर्यटन स्थल अपनी रहस्यमयी गुफाओं, प्राचीन मंदिरों और झरनों के लिए जाना जाता है। इस गर्मी के मौसम में जौनपुर के लोगों के परिवार के लिए यह एक आदर्श स्थान हो सकता है। तो आईये सबसे पहले बात करते हैं पचमढ़ी के महत्वपूर्ण स्थानों की जहां आप अपनी छुट्टियों का लुत्फ़ उठा सकते हैं।
1. पांडवों की गुफा: यह गुफा भव्य सतपुड़ा पर्वतमाला की पृष्ठभूमि के साथ जुड़ी हुई है और यह 5 रॉक-कट बौद्ध मंदिरों (Rock-cut Buddhist temples) का एक समूह है। कहा जाता है कि, निर्वासन काल के दौरान पांडवों ने इन्हीं गुफाओं का आश्रय लिया था।
2. बी फॉल्स: यह जमुना प्रपात के रूप में भी जाना जाता है तथा पचमढ़ी शहर में पानी की आपूर्ति भी करता है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का यह पसंदीदा पिकनिक (Picnic) स्थल मुख्य रूप से तैराकी के लिए भी जाना जाता है।
3. धूपगढ़: 1352 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह स्थान सतपुड़ा पर्वतों का सबसे ऊँचा स्थान है जो कि फोटोजेनिक (Photogenic) सूर्योदय और सूर्यास्त परिदृश्य के लिए जाना जाता है।
4. जटा शंकर गुफा: आध्यात्मिक सूत्रों के अनुसार सुंदर चूना पत्थर से निर्मित इस गुफा में भगवान शिव, भस्मासुर के प्रकोप से बचने के लिये छिपे थे।
5. गुप्त महादेव: इस प्राकृतिक गुफा में भगवान शिव, भगवान गणेश और हनुमान जी के मंदिर हैं। गुफा मंदिर का प्रवेश द्वार संकरा है और इस गुफा में एक बार में 8 लोग बैठ सकते हैं।
6. चौड़ागढ़ मंदिर: यह मंदिर 1326 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है तथा सदियों पुराना यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस पवित्र स्थान तक पहुँचने के लिए भक्तों को 1300 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। तथा मंदिर में एक धर्मशाला और प्राकृतिक तालाब भी है।
7. महादेव पहाड़ियाँ: शांति और विश्राम के लिये प्रसिद्ध ये पहाड़ियाँ 1363 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं।
8. हांडी खोह: स्थानीय लोगों के अनुसार यह जगह पहले एक झील थी जो कि एक विशाल सांप के प्रकोप से सूख गई। आज, यह स्थान ट्रैकिंग (Trekking), लंबी पैदल यात्रा, फोटोग्राफी (Photography) और घुड़सवारी के लिए प्रसिद्ध है।
9. डचेस फॉल्स: मुख्य सड़क से 4 किलोमीटर दूर स्थित यह सुंदर झरना सड़क से 100 मीटर नीचे स्थित है। इसकी ध्वनि रोमांचकारी और भव्य है।
10. सतपुड़ा नेशनल पार्क: सतपुड़ा पर्वतमाला से घिरा, यह विशाल और प्राचीन वन्यजीव पार्क 202 वर्ग मील में फैला हुआ है। यह अभयारण्य बाइसन, हिरण, हाथी, तेंदुए, बाघ, भालू, चार सींग वाले मृग, और कई देशी और प्रवासी पक्षियों का आवास है।

इन स्थानों पर पहुंचने के लिए आप हवाई, रेल परिवहन, या सड़क किसी भी माध्यम का उपयोग कर सकते हैं। अगर आपको हवाई माध्यम से पचमढ़ी पहुंचना है तो पचमढ़ी का समीपवर्ती हवाई अड्डा भोपाल हवाई अड्डा है, जो 195 किमी की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर महत्वपूर्ण एयरलाइंस दिल्ली, मुंबई और ग्वालियर के साथ-साथ विभिन्न भारतीय शहरों को भोपाल से जोड़ती हैं। एक और निकटवर्ती हवाई अड्डा जबलपुर में स्थित है। यदि आप रेलगाड़ी से जाने के इच्छुक हैं, तो आपके लिये निकटवर्ती रेल पिपरिया है जो पचमढ़ी से 47 किमी की दूरी पर स्थित है। पिपरिया मुंबई की महानगरी एक्सप्रेस, कोलकाता मेल, चेन्नई की गंगाकावेरी एक्सप्रेस, बैंगलोर की संघ मित्र एक्सप्रेस और दिल्ली के जबलपुर नै दिल्ली सुपर एक्सप्रेस (Jbp Ndls Sup Exp) से जुड़ा हुआ है। सड़क परिवहन के लिये प्रतिदिन के आधार पर पचमढ़ी से भोपाल (200.1 किमी), पिपरिया (52.3 किमी) और छिंदवाड़ा (135.1 किमी) तक लगातार बस सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

जौनपुर से पिपरिया 750 किमी की दूरी पर स्थित है। और दोनों के बीच 3 ट्रेनें साप्ताहिक रूप से चलती हैं। पहली ट्रेन 01062 मऊ लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल लगभग 00:20 बजे जौनपुर से प्रस्थान करती है और 12 घंटे 28 मिनट का समय लेकर 12:48 बजे पिपरिया पहुंचती है। पिपरिया के लिए जौनपुर से जाने वाली अंतिम ट्रेन 19046 ताप्ती गंगा एक्सप्रेस है जो सायं 15:45 पर निकलती है और प्रातः 04:38 पर गंतव्य तक पहुंचती है।

पिपरिया से पचमढ़ी पहुंचने के लिये आप बस, टैक्सी, या प्राइवेट वाहन का भी उपयोग कर सकते हैं। यदि आप टैक्सी से जा रहे हैं तो आपको 100 रुपये का भुगतान करना होगा लेकिन अगर आप बस से जा रहे हैं तो आपको केवल 60 रुपये ही देने होंगे। पचमढ़ी में ठहरने के लिये आप होटल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं जहां ये आपको 1200-1500 रुपये प्रति दिन की कीमत पर उपलब्ध हो जायेंगे।

संदर्भ:
1. https://traveltriangle.com/blog/places-to-visit-in-pachmarhi/
2. https://www.goibibo.com/destinations/pachmarhi/how-to-reach-pachmarhi/
3. https://www.cleartrip.com/tourism/train/routes/jaunpur-to-pipariya-trains.html
4. https://www.quora.com/How-do-I-reach-Pachmarhi-from-Pipariya
5. https://www.oyorooms.com/hotels-in-pachmarhi/



RECENT POST

  • पिता का अर्थ है संघर्ष और त्याग का समन्वय
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • आयुर्वेद का पंचकर्म – शरीर शुद्धिकरण की प्रक्रिया
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:51 AM


  • छोटे और सीमांत किसानों की समस्याओं को समझाती 2017 की एक पुस्तक
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 10:55 AM


  • जौनपुर का ऐतिहासिक ‘जौनपुर क्लब था पहले इंग्लिश क्लब’
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:35 AM


  • भारत की कुछ मुख्य पारंपरिक चित्रकला शैलियाँ
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 11:55 AM


  • इस्‍लाम धर्म में दरी का महत्‍व तथा जौनपुर के मस्जिदों की दरियाँ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-06-2019 11:43 AM


  • गर्मी के मौसम में कौन-सी सब्ज़ियाँ हैं स्वास्थ्यवर्धक?
    साग-सब्जियाँ

     10-06-2019 12:00 PM


  • भारत के विचित्र और रहस्यमयी शिव मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-06-2019 10:15 AM


  • भारत की लोकप्रिय पत्रिका चंदामामा का सफर
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     08-06-2019 11:30 AM


  • अकबर बीरबल की रोचक कथा- हाथी के पदचिन्‍ह का संरक्षण
    ध्वनि 2- भाषायें

     07-06-2019 10:40 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.