जौनपुर की रेल यात्रा को बाधित करती विद्युत् कटौती

जौनपुर

 09-05-2019 10:30 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

आज के प्रगतिशील युग में जनसंख्या वृद्धि के साथ ही संसाधनों की मांग भी बढ़ती जा रही है। बढ़ती जनसंख्या को मद्देनज़र रखते हुए संसाधनों की आपूर्ति करना सरकार के लिये बहुत ही कठिन होता जा रहा है। संसाधनों का अत्यधिक प्रयोग या दोहन और इनकी कमी का प्रभाव भी जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। जौनपुर क्षेत्र भी अपनी बिजली की समस्या से जूझ रहा है, जहां गर्मियों के दिन आते ही बिजली की कटौती होनी शुरू हो जाती है। यहां की बिजली का प्रभार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PUVVNL) पर है, जिसकी वेबसाइट (http://puvvnl.up.nic.in/) अक्सर काम नहीं करती है। इसका प्रभाव अन्य सेवाओं पर भी आसानी से देखा जा सकता है। जौनपुर में बिजली के बुनियादी ढांचे में अव्‍यवस्‍था के कारण इस क्षेत्र की रेलवे परियोजनाओं में देरी होती जा रही है। बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से न होने के कारण जौनपुर के रास्ते में विद्युत् चालित ट्रेनों पर ब्रेक लग गया है। इस पथ से सफर करने वाले यात्रियों को इलेक्ट्रिक लाइन (Electric Line) से सफर करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। जौनपुर-शाहगंज वाले रास्ते के विद्युतीकरण का कार्य बीते काफी समय से चल रहा है, जिसमें लगभग 55 ट्रेनों का संचालन होता है। विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं होने की वजह से इस रास्ते पर चलने वाली अधिकतर गाड़ियां देरी से पहुंचती हैं।

हाल ही में जौनपुर से औड़िहार तक हुए विद्युतीकरण कार्य को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर व मध्य रेलवे) ने हरी झंडी दे दी है। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी सिस्टमों (Systems) की जांच भी की। हालांकि विद्युत से ट्रेनों के संचालन का फैसला रेलवे बोर्ड (Railway Board) की ओर से लिया जाएगा। औड़िहार से जौनपुर लौटते वक्त स्पेशल ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच के बाद ट्रैक पर विद्युत से ट्रेनों को चलाने को लेकर सहमति दी गई। ट्रेनों का निर्धारण रेलवे बोर्ड की ओर से किया जाना है, जिसमें कुछ वक्त और लग सकता है। जौनपुर-शाहगंज खंड पर भी विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। किंतु यहाँ पर फिलहाल अभी विद्युत से ट्रेनें नहीं चलाई जा रही हैं।

यूपी इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड संरचना और पूर्वांचल विद्युत का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार से है:
यूपी इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड/यूपीएसईबी (UPSEB) को 14 जनवरी 2000 में पहली सुधार हस्तांतरण योजना के तहत तीन अलग-अलग संस्थाओं में बांटा गया था:
• उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) – राज्य के भीतर हस्तांतरण और वितरण कार्य से सम्बंधित।
• उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) – राज्य के भीतर बिजली के थर्मल जेनरेशन (Thermal Generation) के कार्य से सम्बंधित।
• उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड (UPJVNL) – राज्य के भीतर पानी से बिजली के उत्पादन के कार्य से सम्बंधित।

15 जनवरी, 2000 को एक अन्य स्थानांतरण योजना के माध्यम से यूपीएसईबी (UPSEB) के तहत कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई अथॉरिटी (KESA – Kanpur Electricity Supply Authority) की संपत्ति, देनदारियों और कर्मियों को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत पंजीकृत कंपनी, कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (KESCO – Kanpur Electricity Supply Company) में स्थानांतरित कर दिया गया। विद्युत अधिनियम 2003 के अधिनियमन के बाद उत्तर प्रदेश ट्रांसफर ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन अंडरटेकिंग स्कीम 2003 (Uttar Pradesh Transfer of Distribution Undertaking Scheme 2003) के अंतर्गत चार नई वितरण कंपनियों (‘डिस्कॉम’) को बनाया गया।
• दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा डिस्कॉम)
• मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (लखनऊ डिस्कॉम)
• पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (मेरठ डिस्कॉम) और
• पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (वाराणसी डिस्कॉम)

यूपी राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड:
राज्य क्षेत्र में नई ताप विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए अधिनियम 1956 के तहत 25 अगस्त 1980 को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का गठन किया गया। 14 जनवरी 2000 को राज्य क्षेत्र के थर्मल पावर स्टेशनों का संचालन यूपीआरवीयूएनएल को सौंप दिया गया। आज यह 3,877 मेगावाट की उत्पादन क्षमता के साथ, विभिन्न हिस्सों में स्थित पांच थर्मल पावर प्लांट (Thermal Power Plant) के संचालन की देखरेख कर रहा है।

जौनपुर में विद्युत् से संबंधित अपनी शिकायतों को आप ऑनलाइन (Online) इस लिंक के ज़रिये दर्ज करा सकते हैं। लिंक खोलने पर आप दूसरे जौनपुरवासियों द्वारा दर्ज की गयी शिकायतें भी पढ़ सकते हैं:
https://bit.ly/2H9z79C
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन से सम्बंधित किसी भी जानकारी के लिए निम्न लिंक का प्रयोग कर सकते हैं:
https://bit.ly/2vRS8Xz
पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम लिमिटेड का हेल्पलाइन नंबर (Helpline Number):
1800-180-5025
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड का हेल्पलाइन नंबर:
1800-180-8752

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2VTNPK5
2. https://bit.ly/2vK9ANR
3. http://indianpowersector.com/home/2010/10/1123/
चित्र सन्दर्भ:
1. https://indiarailinfo.com/station/news/629/628



RECENT POST

  • दैनिक जीवन सहित इंटीरियर डिजाइन में रंगों और रोशनी की भूमिका
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     19-01-2022 11:10 AM


  • पानी के बाहर भी लंबे समय तक जीवित रह सकती हैं, उभयचर मछलियां
    मछलियाँ व उभयचर

     17-01-2022 10:52 AM


  • हिन्दू देवता अचलनाथ का पूर्वी एशियाई बौद्ध धर्म में महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2022 05:39 AM


  • साहसिक गतिविधियों में रूचि लेने वाले लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है माउंटेन बाइकिंग
    हथियार व खिलौने

     16-01-2022 12:50 PM


  • शैक्षणिक जगत में जौनपुर की शान, तिलक धारी सिंह महाविद्यालय
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     15-01-2022 06:28 AM


  • लोकप्रिय पर्व लोहड़ी से जुड़ी लोकगाथाएं एवं महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2022 02:47 PM


  • अनुचित प्रबंधन के कारण खराब हो रहा है जौनपुर क्रय केन्द्रों पर रखा गया धान
    साग-सब्जियाँ

     13-01-2022 07:02 AM


  • प्राचीन काल से ही कवक का औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     12-01-2022 03:29 PM


  • लिथियम भंडारण की कतार में कहां खड़ा है भारत
    खनिज

     11-01-2022 11:29 AM


  • व्यंजन की सफलता के लिए स्वाद के साथ उसका शानदार प्रस्तुतीकरण भी है,आवश्यक
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     10-01-2022 07:01 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id