ज़रूरत नहीं, बल्कि आभूषण हुआ करते थे बटन

जौनपुर

 06-05-2019 10:00 AM
सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

इस तथ्य के बारे में कोई संदेह नहीं है कि भारत ने कई विषयों के क्षेत्र में दुनिया में अपना योगदान दिया है। वहीं भारत हमेशा से आविष्कारों की भूमि भी रहा है, चाहे वह शून्य (0) का आविष्कार हो या फिर दशमलव (.) का। भारतीय वैज्ञानिकों ने आदिकाल से दुनिया को कुछ न कुछ दिया ही है और साथ ही विश्व भर में इन्‍हें स्वीकारा भी गया है। सब आविष्कारों में से एक ऐसा आविष्कार भी है जो हमारे कपड़ा उद्योग के लिए आवश्यक जरूरत है। जी हाँ, हम बात कर रहें हैं बटन (Button) की, आजकल लगभग हर प्रकार के कपड़ों में बटन का प्रयोग किया जाता है।

5वीं शताब्दी ईसा पूर्व में कपास की खेती करना शुरू किया गया था। वहीं सिंधु घाटी सभ्यता में भी कपास की खेती पाई गयी और वहीं से कपास के उपयोग में वृद्धि हुई। कपास के माध्यम से कपड़ों का निर्माण करना प्रारंभ किया गया था। बटन का सर्वप्रथम उपयोग सिंधु घाटी की सभ्यता के दौरान किया गया था, लेकिन उस समय इनका उपयोग सजावटी उद्देश्यों के लिए किया जाता था। 2000 ईसा पूर्व तक सजावटी उद्देश्यों के लिए सिंधु घाटी सभ्यता में सीपों से निर्मित सजावटी बटन का इस्तेमाल किया जाता था। वे एक तरह के आभूषण थे। वहीं कुछ बटनों को ज्यामितीय आकृतियों में उकेरा गया था और साथ ही उनमें छेद किए गए थे ताकि उन्हें एक धागे का उपयोग करके कपड़ों से जोड़ा जा सके। सबसे पहला ज्ञात बटन सिंधु घाटी के मोहनजोदड़ो में पाया गया था। यह एक घुमावदार सीप से बना हुआ था और लगभग 5000 वर्ष पुराना था।

संदर्भ :-
1.https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_Indian_inventions_and_discoveries
2.https://bit.ly/2IZCrGm
3.https://bit.ly/2LpQnvq
4.http://theteenagertoday.com/buttons-invented-in-india/



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