क्‍या जौनपुर के लिए पाइप्ड गैस कनेक्शन (Piped Gas Connection) है एक अच्‍छा विकल्‍प?

जौनपुर

 23-04-2019 07:00 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

हाल ही में जौनपुर में एक गैस हादसा देखने को मिला जिसमें करीब पांच लोगों की मौत हो गयी तथा बाकि लोग घायल हुए। इस घटना ने आसपास के लोगों के बीच काफी दहशत का माहौल बना दिया है। ऐसी स्थिति में दिल्‍ली, मुंबई, बैंगलोर आदि के समान सिलेंडर एलपीजी के स्‍थान पर पाइप्ड एलपीजी (Piped LPG) को विकल्‍प के रूप में चुनना एक बड़ा प्रश्‍न खड़ा कर रहा है।

एलपीजी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (अंग्रेजी में: Liquefied petroleum gas) रसोई गैस है जो रिफाइनरी (refinery) का एक उत्पाद है। यह ज्यादातर C3 और C4 (3 परमाणुओं और 4 परमाणुओं वाला कार्बन (carbon)) हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) से बनी होती है, तथा इसे तरल रूप में रखने के लिए दबाव डाला जाता है। वितरण के अंतिम चरण में गैस को तरल में परिवर्तित करने की लागत बहुत ज्‍यादा होती है। इसे सिलेंडर में संचित कर के रखा जाता है। घरेलू क्षेत्रों में विशेष रूप से डिजाइन किए गये पाइप (Pipe) के माध्‍यम से गैस उपयोग किया जाता है। किंतु इसमें भी कई खतरे देखने को मिलते हैं। एलपीजी में प्रोपेन (Propane) और ब्यूटेन (Butane) नामक गैस होती हैं जो हवा से भारी होती हैं। इसलिए रिसाव की स्थिति में इसका फैलाव धीमी गति से होता है। रिसाव के दौरान यह सतह में एकत्रित हो जाती है तथा धीरे धीरे वाष्‍पीकृत होकर आसपास के वातावरण में फैल जाती है। जो ऊष्‍मा के संपर्क में आते ही विस्‍फोटित हो जाती है। कई बार ऐसे मामले भी देखने को मिले हैं कि असावधानी के कारण लीक गैस मात्र बिजली के बल्‍ब जलाने भर से प्रज्‍वलित हो उठी है।

पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस (अंग्रेजी में: Piped natural gas)) सस्‍ती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है, जिसे आज एलपीजी (LPG) के स्‍थान पर विकल्‍प के रूप में चुना जा रहा है। पीएनजी में ज्यादातर मीथेन((Methane) एक प्रकार का गैस) होती है, जो हवा से भी हल्‍की होती है। यह एलपीजी के समान ही ज्‍वलनशील है साथ ही रिसाव की स्थिति में इसका फैलाव एलपीजी की तुलना में ज्‍यादा व्‍यापक होता है। जिससे खतरे की स्थिति अपेक्षाकृत कम हो जाती है। यह गैसीय अवस्था में होती है तथा इसी अवस्‍था में पाइप लाइन (Pipe Line) के माध्‍यम से एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान में स्‍थानांतरित की जाती है। पीएनजी की आपूर्ति पाइप के माध्यम से गैस कंपनियों द्वारा की जाती है। आमतौर पर, गैस कंपनी कनेक्शन (Connection) लगाने के साथ साथ उपभोक्ता को सभी सावधानियां बताती है और किसी भी समस्या या शिकायत का निवारण करने के लिए एक टेलीफ़ोन नंबर भी प्रदान करती है।

एलपीजी और पीएनजी दोंनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। अतः इनके सफल उपयोग के लिए सावधानी और कुशल आधारभूत संरचना का होना अत्‍यंत आवश्‍यक है। जौनपुर शहर भविष्‍य में पीएनजी को एक बेहतर विकल्‍प के रूप में चुन सकता है। यदि वह इसके सफल संचालन हेतु एक अच्‍छी आधारिक संरचना तैयार कर सकें।

संदर्भ :
1. https://bit.ly/2KUGANW
2. https://bit.ly/2L3LiZQM
3. https://bit.ly/2KSgvyQ
4. https://bit.ly/2UTDyhz



RECENT POST

  • कैसे बनाये खट्टे-मीठे दही भल्ले
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     21-07-2019 11:00 PM


  • विश्‍व भर में क्‍यों प्रसिद्ध है मोनालीसा?
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-07-2019 11:06 AM


  • जौनपुर के जनजीवन के लिए हानिकारक है कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग
    शारीरिक

     19-07-2019 11:27 AM


  • क्या होगा जब सूर्य होगा ख़त्म?
    जलवायु व ऋतु

     18-07-2019 11:54 AM


  • जौनपुर से प्राप्‍त 9वीं शताब्‍दी ईसा पूर्व के मृदभाण्‍ड
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     17-07-2019 01:42 PM


  • क्या भारतीय सांख्य और दर्शन से प्रेरित है पाइथागोरस प्रमेय?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-07-2019 02:16 PM


  • कैसे होता है मौसम और ऋतुओं में परिवर्तन?
    जलवायु व ऋतु

     15-07-2019 12:46 PM


  • प्रात: कालीन राग रामकली और उसकी अभिव्यक्ति
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     14-07-2019 09:00 AM


  • जहाँ तर्क की हुई हार, वहाँ अन्धविश्वास का हुआ प्रचार
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-07-2019 11:45 AM


  • उत्तरप्रदेश में आदर्श श्रेणी का स्टेशन है जौनपुर जंक्शन
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     12-07-2019 12:58 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.