आखिर क्यों मारा गया था जौनपुर के सुलतान को छल से?

जौनपुर

 22-03-2019 09:01 AM
मघ्यकाल के पहले : 1000 ईस्वी से 1450 ईस्वी तक

जौनपुर शर्की साम्राज्‍य का प्रमुख केन्‍द्र था। जौनपुर के शर्की वंश की स्थापना मलिक सरवर ने की थी।

शर्की साम्राज्य की राजनीति में बीबी राजी ने एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई । यह अपने पति के जीवनकाल के दौरान तथा उसकी मृत्‍यु के बाद भी सत्‍ता में मार्गदर्शक की भूमिका निभाती रहीं। वह सैय्यद सुल्तान मुबारक शाह की बेटी थी और यह अपनी बुद्धिमत्‍ता और परोपकारी स्वभाव के लिए जानी जाती थी। अपने बेटे (सुल्तान हुसैन शाह शर्की) के शासनकाल के दौरान, इन्‍होंने सत्‍ता की शक्ति अपने हाथों में ले ली तथा अपने कल्याण और प्रजा की देखभाल की। ऊपर दी गयी तस्वीर जौनपुर के लाल दरवाज़ा मस्जिद की है जिसे बीबी राजी ने बनवाया था।

बीबी राजी का विवाह शर्की युवराज से हुआ था, महमूद शर्की ने इस विवाह का प्रस्‍ताव 1427 ई. में दिल्ली के सैय्यद शासकों और जौनपुर के शर्कियों के बीच दोस्ती को मजबूती प्रदान करने के लिए स्वीकार किया था। लोदियों ने सैय्यदों पर विजय प्राप्‍त कर सत्‍ता हड़प ली। बीबी राजी ने लोदियों से अपने पूर्वजों का बदला लेने के लिए अपने पति को उनके विरूद्ध अभियान चलाने के लिए विवश किया। परिणामस्‍वरूप सुल्तान महमूद शर्की ने दिल्ली की सेना के खिलाफ मार्च किया और वर्ष 1452 में नरेला की लड़ाई लड़ी तथा लोदियों को हराया। कुतुब खान को बंदी बनाकर दिल्‍ली ले जाया गया तथा बीबी राजी के कारण इनके साथ उदारतापूर्वक व्यवहार किया गया। अंतत: इस प्रकार दोनों परस्पर विरोधी दलों के बीच शांति संधि हुई।

वर्ष 1457 ई. में सुल्तान महमूद शर्की के आकस्मिक निधन हो गयी, बीबी राज़ी ने राजकुमार भीखान खान को मोहम्मद शाह शर्की की उपाधि पर सिंहासन पर बैठाया। जल्द ही बीबी राजी को अपनी गलती का एहसास हुआ क्योंकि नया सुल्तान एक चालाक और स्वार्थी व्यक्ति था। उसे अपनी माँ से या अपने भाइयों से कोई लगाव नहीं था। उसने जौनपुर के कोतवाल को आदेश दिया कि वह कुतुब खान लोदी और हसन खान को मार डाले, जिन्हें बीबी राजी के निरीक्षण में रखा गया था।

अपने इरादे को पूरा करने के लिए सुल्तान किसी भी सीमा तक जा सकता था। उसने अपनी माता और अन्‍य राजकुमारों के समक्ष शांति वार्ता का प्रस्‍ताव रखा। जब बीबी राजी बातचीत के लिए गईं तो जौनपुर के कोतवाल ने हसन खान को सुल्तान मोहम्मद शर्की के आदेश पर मार दिया। कन्नौज पहुँचने पर जब यह समाचार बीबी राजी को मिला तो उन्‍हें सुल्तान मोहम्मद शर्की की दुष्टता का एहसास हुआ। जब वह राजकुमार हसन खान की मृत्‍यु का शोक मना रही थी, तो सुल्तान ने उन्‍हें उनके अन्‍य बेटों को जल्‍द ही मारने की धमकी दी। इस घटना ने बीबी राजी को एक बड़ा कदम उठाने के लिए विवश कर दिया और उन्‍होंने तुरंत हुसैन शाह शर्की को सिंहासन पर बैठाकर रईसों के साथ तख्तापलट (शांतिपूर्ण क्रांति) कर दिया।

सुल्तान मुहम्मद शर्की का विरोध करने के लिए मलिक मुबारक गंग और मलिक अली गुजराती ने नए सुल्‍तान का साथ दिया और इस लड़ाई में सुल्तान मुहम्मद मारा गया। इसकी मौत की योजना भी बीबी राजी ने बनायी जिसने बड़ी चतुराई से एक पहरेदार को रिश्‍वत देकर सुल्‍तान के तीर से सिरे हटवा दिये, जिस कारण उसके पास लड़ने के लिए तलवार ही शेष रह गयी थी और वह आसानी से मारा गया।

सुल्तान हुसैन शाह ने अपनी माँ का सम्मान किया और उनकी अनुभवी सलाह पर कार्य किया। बीबी राजी की मृत्यु 1477 ई. में इटावा में हुई। इस घटना से सुल्तान बहुत दुखी हुआ। यहां तक कि सुल्तान बहलोल लोदी ने भी इनकी मृत्‍यु पर शोक अभिव्‍यक्‍त किया क्‍योंकि वह दिल से इनका बहुत सम्‍मान करते थे।

संदर्भ:

1. http://ir.amu.ac.in/4402/1/DS%204034.pdf
2. http://deepak-indianhistory.blogspot.com/2011/05/sharqi-dynasty-of-jaunpur.html



RECENT POST

  • ईस्टर (Easter) के दिन ईश्वर को समर्पित संगीत
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     20-04-2019 06:32 PM


  • क्या सच में अकबर द्वारा सुनाई गयी थी जौनपुर के काजी को मौत की सजा?
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     20-04-2019 10:00 AM


  • क्यों मनाया जाता है ईसाई त्यौहार ईस्टर (Easter)?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-04-2019 09:29 AM


  • श्रमण परंपरा: बौद्ध और जैन धर्म में समानताएं और मतभेद
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-04-2019 11:08 AM


  • जौनपुर का काजी और जुम्मन की मनोरंजक लोककथा
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-04-2019 12:27 PM


  • जाने सल्तनत काल में किस प्रकार संगठित की जाती थी जौनपुर सरकार
    मघ्यकाल के पहले : 1000 ईस्वी से 1450 ईस्वी तक

     16-04-2019 04:08 PM


  • शास्त्रीय संगीत जगत में ख्‍याल शैली का विकास
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     15-04-2019 02:09 PM


  • मुस्लिम समुदाय के बुनियादी मूल्यों को व्यक्त करता त्यौहार, ईद-उल-फित्तर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-04-2019 07:30 AM


  • थाईलैंड में अयुत्या (Ayutthaya) और भारत में अयोध्या
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-04-2019 07:15 AM


  • जलियांवाला बाग हत्याकांड का गांधी जी पर प्रभाव
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-04-2019 07:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.