गर्मियों में भी जाते है कई प्राणी निष्क्रियता की अवस्था में

जौनपुर

 07-03-2019 11:04 AM
निवास स्थान

हाइबरनेशन (Hibernation) यानी की शीत निष्क्रियता (जिसे सर्दियों की नींद भी कहते है) के बारे में तो हम सभी ने सुना ही होगा, इसमें समतापी प्राणी शरद ऋतु में सुप्तावस्था में चले जाते है। इस अवस्था में इनकी शारीरिक क्रियाएँ रुक जाती हैं या बहुत क्षीण हो जाती है। परंतु क्या आपको ये पता है कि कई असमतापी प्राणी गर्मियों के महीनों में गर्मी के कुप्रभाव से बचने के लिये कुछ अवधि के लिये छायादार और नम जगह पर सुप्तावस्था में चले जाते है, इस स्थिति को ग्रीष्म निष्क्रियता या एस्टीवेशन (Estivation) कहते है।

ग्रीष्म निष्क्रियता शीत निष्क्रियता के समान ही होता है या हम ये भी कह सकते है कि ग्रीष्म निष्क्रियता, शीत निष्क्रियता का ग्रीष्म संस्करण है जिसमे जानवर उच्च तापमान और सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए निष्क्रियता की स्थिति में चले जाते हैं। ग्रीष्म निष्क्रियता में भी शीत निष्क्रियता के समान ही प्राणियों की उपापचयी दर धीमी हो जाती है और शारीरिक तापमान कम हो जाता है और हृदय स्पंदन भी कम हो जाता है। परंतु ग्रीष्म निष्क्रियता कम समय के लिये होती है और ये पूर्णता सुप्तावस्था में नहीं जाते है, इसका मतलब है कि वे तेज़ी से जाग कर स्थितियों के प्रति प्रतिक्रिया करने में सक्षम होते हैं। हालांकि इस अवस्था में मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि रुक जाती है, लेकिन फिर भी, ये जानवर आवाज, प्रकाश और तापमान पर प्रतिक्रिया करते हैं।

ग्रीष्म निष्क्रियता अधिकांशतः रेगिस्तान या उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में रहने वाले जानवरों में देखी जाती है। इन जानवरों में निष्क्रिय अवस्था में ऊर्जा का उपयोग सक्रिय अवस्था की तुलना में 70-100 गुना तक कम हो जाता है। जो जानवर ग्रीष्म निष्क्रियता की अवस्था में जाते हैं, उनमें मोटी-पूंछ वाले लीमर (जिनमें सबसे पहले ग्रीष्म निष्क्रियता की प्रक्रिया ज्ञात हुई थी), कई सरीसृप और उभयचर जिनमें उत्तरी अमेरिकी रेगिस्तानी कछुएं, चित्तीदार कछुएं, कैलिफ़ोर्निया टाइगर सैलामैंडर, मेंढक, मगरमच्छ, कुछ घोंघे एंव मछलियां (जैसे लंगफिश) तथा कुछ कीड़े जैसे मधुमक्खी, मच्छर, चींटियाँ, और लेडीबग आदि शामिल हैं। ये सभी जानवर ग्रीष्म निष्क्रियता में गर्म तथा शुष्क जलवायु और भोजन तथा पानी की कमी के कारण जाते हैं। ये अवस्था इन्हें गर्मी के मौसम में जीवित रहने में सक्षम बनाती है।

ग्रीष्म निष्क्रियता में भी जानवर पूर्व तैयारी के चरण से गुजरते हैं, जिसमें ये भोजन और पानी का पर्याप्त मात्रा में भंडारण करते हैं, जो लंबे समय तक चल सकता है, ये भोजन वसा के रूप में संग्रहीत होता है, जो जीवित रहने के लिये इन्हें ऊर्जा प्रदान करता है। जैसे ही मौसम में बदलाव आता है ये धीरे-धीरे सक्रिय होने लगते है और पूरी तरह से सक्रिय होने में इन्हें कुछ घंटे लग जाते हैं।

ग्रीष्म निष्क्रियता और शीत निष्क्रियता के बीच अंतर

संदर्भ:
1. http://sciencenetlinks.com/daily-content/6/27/
2. https://www.worldatlas.com/articles/what-is-estivation-animals-that-estivate.html
3. https://www.quora.com/What-kind-of-animals-hibernate-in-the-summer
4. https://biodifferences.com/difference-between-hibernation-and-aestivation-estivation.html



RECENT POST

  • इस्लाम और रमज़ान का एक महत्वपूर्ण पहलू : निय्याह
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-04-2021 10:00 AM


  • गोल्डन सिटी ऑफ़ राजस्थान (Golden City of Rajasthan) की एक सैर
    मरुस्थल

     11-04-2021 10:00 AM


  • शर्की सल्तनत और खलीफत
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-04-2021 10:16 AM


  • मनुष्यों और अन्य जीवों के शरीर में अंग पुनर्जनन की क्षमता में भिन्नता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-04-2021 10:01 AM


  • लाभदायक के साथ नुकसानदायक भी हो सकती है, अनुबंध खेती
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     08-04-2021 09:45 AM


  • जौनपुर बाजार की खास विशेषता है, जमैथा खरबूज
    साग-सब्जियाँ

     07-04-2021 10:10 AM


  • पर्यावरण और मालिकों के लिए काफी लाभदायक है पेड़ों की छोटे पैमाने पर खेती
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     06-04-2021 09:58 AM


  • पक्षी कैसे इतनी मधुर आवाज़ में गाते हैं?
    पंछीयाँ

     05-04-2021 09:49 AM


  • ईस्टर (Easter) पर अंडों का महत्व और प्रतीकवाद
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     04-04-2021 10:00 AM


  • अजीनोमोटो (MSG) स्वादिष्ट अथवा भ्रान्ति!
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     03-04-2021 10:21 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id