जौनपुर से थे बनारस रियासत के दीवान

जौनपुर

 23-02-2019 11:20 AM
सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

जौनपुर अपने आप में बहुत से रहस्यों और एक रोचक इतिहास को समेटे हुए है। इसी इतिहास को, काशी नरेश महाराजा विभूति नारायण के दीवान खान बहादुर अली जामिन जैदी की बेटी रबाब जामिन ने अपनी एक पुस्तक “फ्रॉम द डेप्थ ऑफ मेमोरीज- अ फॅमिली सागा” (From the Depth of Memories - A Family saga), में उजागर किया है। यह पुस्तक पिता के लिए एक बेटी की श्रद्धांजलि है। इस पुस्तक में काशी नरेश के दीवान, सैयद अली जामिन जैदी और कजगांव, जौनपुर, मुरादाबाद, बनारस जैसी जगहों के बारे में बहुत सी जानकारी मिलती है।

रबाब जामिन बताती है कि आज़ादी के पहले तक बनारस एक ऐसी रियासत रही है जहां हमेशा से जौनपुर की सय्यद परिवार के दीवान रहे हैं। उनके पिता (जो कि कजगांव के रहने वाले थे) ने अपने करियर की शुरूआत ब्रिटिश भारत सरकार की प्रशासनिक सेवा से की थी, वे डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त किये गये थे। ब्रिटिश सरकार द्वारा उनके पिता को 1939 में खान बहादुर और 1944 में एम.बी.ई. (ब्रिटिश साम्राज्य का सदस्य) की उपाधियों से भी सम्मानित किया गया था। खान बहादुर अली जामिन उस घराने से ताल्लुक रखते थे जिसके पुरखे हमेशा से काशी नरेश के यहाँ दीवान रहे और बनारस के काम काज में अहम् भूमिका निभाते रहे थे।

सन 1939 में काशी नरेश राजा आदित्य नारायण सिंह ने अली जामिन को दीवान काशी नरेश की पेशकश की गई थी। अपने अंतिम समय में राजा आदित्य नारायण सिंह ने दीवान अली जामिन साहब को बुलाया और अपने पुत्र विभूति नारायण का हाथ उनके हाथ में दे दिया और कहा "मैं अपमे बेटे को आपकी सुरक्षा में रख रहा हूँ। कृपया इसके साथ-साथ इसके सिंहासन की भी रक्षा करें।" जुलाई 1947 में विभूति नारायण के हाथ में काशी की सत्ता दे दी गयी। उस समय भारत की रियासतें सीधे तौर पर अंग्रेजों द्वारा शासित नहीं थीं, लेकिन उनके शासक ब्रिटिश क्राउन (British Crown) के अधीन थे।

परंतु भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ने 1947 में देशी रियासतों पर ब्रिटिश क्राउन की अधीनता को समाप्त कर दिया। अक्टूबर 1947 को महाराजा विभूति नारायण सिंह द्वारा बनारस राज्य को संयुक्त प्रांत के साथ भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में मिला दिया गया। 1948 में अली जामिन को रामनगर में एक सभा को संबोधित करने के दौरान दिल का दौरा पड़ा और उसके बाद अपनी खराब सेहत के कारण उन्होंने त्यागपत्र दे दिया और मुरादाबाद में अपने परिवार के साथ रहने लगे, जहां उनका देहांत हो गया और इसी के साथ बनारस में जौनपुर के सय्यद मुस्लिम दीवान का अध्याय भी ख़त्म हो गया। इनसे पहले सय्यद परिवार से सैयद मोहम्मद नजमुद्दीन (रबाब जामिन के दादा) और मौलाना सैयद गुलशन अली (रबाब जामिन के परदादा) बनारस राज्य में दीवान रह चुके थे। 16 सितम्बर 1948 को दीवान काशी नरेश अली जामिन के त्यागपत्र देने के बाद हादी अखबार ने लिखा कि बनारस राज्य एक हिन्दू राज्य होने के बाद भी यहाँ के दीवान जौनपुर के सय्यद परिवार के हुआ करते थे और सय्यद अली जामिन उनमे से अंतिम दीवान थे।

रबाब जामिन ने अपने बीते हुए दिनों को याद करते हुए बाताया कि एक बार ऐसा हुआ कि, “रामलीला का अवसर था जिसमें महाराजा विभूति नारायण को हाथी पर सबसे आगे सवारी करनी थी लेकिन वे उस समय अजमेर के मायो कॉलेज में पढ़ रहे थे और उनकी अनुपस्थिति में सबसे बड़ा पद दीवान का था और खान बहादुर अली जामिन को सबसे आगे हाथी पर बैठना था लेकिन वो भी उस दिन अनुपस्थिति थे तो रबाब जामिन को दीवान काशी नरेश की पुत्री होने के कारण उन्हें हाथी पर बैठने का अवसर मिला। उन्हें अब तक याद है कि महावत आया और उसने हाथी से बोला “बीबी को सलाम करों” और हाथी ने घुटने पर बैठ के सूंड उठा के उनका माथा छु के सलाम किया और फिर उन्हें हाथी पर बिठाया गया।

संदर्भ:
1. http://jaunpur29.rssing.com/chan-56908392/all_p1.html
2. https://www.jaunpurcity.in/2014/03/old-ramleela-of-benaras-during-life-of.html
3. https://www.youtube.com/watch?v=pAq7GPcDMek
4. https://www.jaunpurcity.in/2014/03/from-depth-of-memories-family-saga-by.html




RECENT POST

  • हमारे देश के गणतंत्र दिवस से जुड़ी कुछ रोचक बातें
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     26-01-2020 11:00 AM


  • ब्रोकली में भी पाए जा सकते हैं कुछ गणितीय गुण
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     25-01-2020 10:00 AM


  • दरियां हैं हर घर के सौन्दर्य का हिस्सा
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     24-01-2020 10:00 AM


  • अत्यंत प्रतिकूल वातावरण में भी वृद्धि करते हैं ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल
    निवास स्थान

     23-01-2020 10:00 AM


  • कैसे किया जाता है ईंट का निर्माण
    खनिज

     22-01-2020 10:00 AM


  • मेसोपोटामिया और सिन्धु घाटी सभ्यता के बीच व्यापार संबंध
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     21-01-2020 10:00 AM


  • क्या आत्मजागरूक होते हैं, रीसस मकाक (Rhesus macaque) बन्दर?
    स्तनधारी

     20-01-2020 10:00 AM


  • जापानी फिल्म संस्कृति की झलक प्रदर्शित करती प्रमुख फिल्में
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     19-01-2020 10:00 AM


  • स्वास्थ्य व पर्यावरण समस्याओं से निपटने में सहायक सिद्ध हो सकती है कॉकरोच फार्मिंग
    तितलियाँ व कीड़े

     18-01-2020 10:00 AM


  • जौनपुर में प्रचलित है शीतला माता की पूजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2020 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.