संगीत जगत में जौनपुर के सुल्तान की देन- राग जौनपुरी

जौनपुर

 11-02-2019 04:36 PM
ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

भारतीय शास्त्रीय संगीत के रागों में राग जौनपुरी का एक विशेष महत्व है। विद्वानो के अनुसार जौनपुर के सुल्तान हुसैन शर्की ने राग जौनपुरी की रचना की थी। इस राग को आसावरी थाट से उत्पन्न माना गया है। 15 वीं शताब्दी में जौनपुर एक स्वतंत्र सल्तनत थी और वाराणसी के बाद जौनपुर को ही संगीत और संगीतकारों के केंद्र के रूप में जाना जाता था। लोककथाओं के आनुसार राग जौनपुरी जौनपुर से जुड़ा हुआ है, यहीं इसका विकास हुआ था।

विशेषता
राग जौनपुरी दिन के रागों में अति मधुर व सर्वप्रिय राग है। राग जौनपुरी एक सुबह का राग है, इस राग को गाने का समय दिन का दूसरा प्रहर है। यह एक नरम और मनभावन राग है।
आरोह:- सा रे म प ध नी सां
अवरोह:- सां नी ध प म ग रे सा
पकड़:- म प , नी ध प , ध म प ग - रे म प

भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक रहस्यमय बात ये है कि इसमें दो रागों के स्वर समान होते हैं परंतु इन स्वरों का प्रयोग अलग अलग राग में भिन्न भिन्न तरीके से किया जाता है। हर राग में स्वर अलग अलग तरीके से गाए जाते हैं जिससे दो रागों को अलग किया जाता है। उदाहरणत: राग जौनपुरी, राग दरबारी कान्हड़ा और राग अडाना में स्वर समान होते हैं किंतु जिस तरह से ये गाए जाते हैं वो हर राग में पूरी तरह से अलग होता हैं। यदि आप इन राग के गाने के समय पर नज़र डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि राग कान्हड़ा और राग अडाना मध्यरात्रि के समय गाए जाते हैं, जबकि राग जौनपुरी के स्वर दिन के दूसरे प्रहर में सबसे मधुर लगते हैं।

हिन्दी फिल्म जगत में अनेक सदाबहार गीत राग जौनपुरी में गाए गये हैं, जो आज भी श्रोता के मन को भा जाते हैं। जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं :
गीत- चितनंदन आगे नाचूंगी
फिल्‍म- दो कलियां (1968)
गीत-दिल छेड़ कोई ऐसा नगमा
फिल्‍म- इंस्‍पेक्‍टर(1956)
गीत-दिल में हो तुम आंखों में तुम
फिल्‍म-सत्‍यमेव जयते (1985)
गीत-घुंघट के पट खोल
फिल्‍म-जोगन(1950)
गीत-जाएं तो जाएं कहां समझेगा कौन यहां
फिल्‍म-टैक्‍सी ड्राइवर(1954)
गीत-मेरी याद में तुम ना आंसू बहाना
फिल्‍म-मदहोश(1951)

इस लिंक (https://www.youtube.com/watch?v=RPPMHvXciNA&feature=youtu.be) में आप राग जौनपुरी पर आधारित एक संगीतमय कार्यक्रम देख सकते हैं जिसमें इस राग की बंदिश, सरगम, आरोह, अवरोह, गत, और गायन समय आदि के बारे में बताया गया है। इसके अलावा एक अन्य लिंक (https://www.youtube.com/watch?v=YcNO9lMWGqU&feature=youtu.be) में आप मेवाती घराने के संगीतकार संजीव अभयंकर (पंडित जसराज के प्रसिद्ध शिष्य) के स्वरों में राग जौनपुरी को भी सुन सकते हैं।

संदर्भ:
1.https://youtu.be/YcNO9lMWGqU
2.https://youtu.be/RPPMHvXciNA
3.https://en.wikipedia.org/wiki/Jaunpuri
4.https://chandrakantha.com/raga_raag/film_song_raga/jaunpuri.shtml
5.https://abhijitbhaduri.com/2012/04/22/the-charm-of-raga-jaunpuri/



RECENT POST

  • जौनपुर की अद्भुत मृदा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-07-2020 03:37 PM


  • आईएसएस को आपकी छत से देखा जा सकता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     04-07-2020 07:22 PM


  • भारत के दलदल जंगल
    जंगल

     03-07-2020 03:16 PM


  • शाश्वत प्रतीक्षा का प्रतीक है नंदी (बैल)
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-07-2020 11:09 AM


  • शिल्पकारों के कलात्मक उत्साह को दर्शाती है पेपर मेशे (Paper mache) हस्तकला
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     01-07-2020 11:53 AM


  • इत्र उद्योग में जौनपुर का गुलाब
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:18 PM


  • अंतरिक्ष की निरंतर निगरानी के महत्व को रेखांकित करते हैं, क्षुद्रग्रह हमले
    खनिज

     30-06-2020 06:59 PM


  • परी कथा से कम नहीं है- भारतीय आभूषणों का इतिहास
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     29-06-2020 10:20 AM


  • क्या है, फिल्म शोले के गीत महबूबा से जुड़ा दिलचस्प तथ्य
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     28-06-2020 12:15 PM


  • जौनपुर की अपनी प्राचीन पाक कला
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     27-06-2020 09:25 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.