भारत का एक अद्भुत मेंढक राना टायग्रीना

जौनपुर

 31-01-2019 01:49 PM
मछलियाँ व उभयचर

मेंढक एक उभयचर जीव है, जो पानी और ज़मीन दोनों जगह पर रह सकता है। विश्‍व में मेढकों की विभिन्‍न रंग बिरंगी प्रजातियां पायी जाती हैं। मेंढक मुख्‍यतः आर्द्र भूमि में पाये जाते हैं। पर आज हम किसी आम मेंढक की बात नहीं करने जा रहे। हम बात करेंगे मेंढक के एक विशेष प्रकार की। क्या आपने जौनपुर में कभी कोई ऐसा मेंढक देखा है जिसका आकार आम मेंढक के मुकाबले काफी विशाल हो? यदि हाँ, तो डरिये नहीं, आपने एक बुलफ्रॉग (Bullfrog) देखा होगा जो कि विशाल मेंढकों का एक प्रकार है। भारत में यदि मेंढकों की बात की जाए तो भारतीय उपमहाद्वीप में पाये जाने वाले राना टायग्रीना (Rana Tigrina) बुलफ्रॉग का नाम आना स्‍वभाविक है। राना टायग्रीना प्रकृति में ज्यादातर एकान्तवासी और रात्रिचर होते हैं। ऐसा माना जाता है कि जब यह अद्भुत मेंढक भयभीत होते हैं तो भूमि के समान ही पानी की सतह पर भी कूद सकते हैं।

यह बुलफ्रॉग मुख्‍यतः म्यांमार, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नेपाल में व्‍यापक रूप से पाए जाते हैं, साथ ही मालदीव और मेडागास्कर में भी इनकी प्रजाति उपलब्‍ध है। बुलफ्रॉग मीठे पानी वाली आर्द्रभूमि और जलीय आवास पसंद करते हैं। सामान्‍यतः ये तटीय और वन क्षेत्रों में रहना पसंद नहीं करते हैं। ये ऐसा स्थान चुनते हैं जहां ये स्थायी जल स्रोतों के पास छेद और झाड़ियों में निवास कर सकें। यह मेंढक लंबे समय तक पानी में नहीं रहता है; यह अपना अधिकांश समय छिपने और आसपास की वनस्पतियों में भोजन करने में व्यतीत करता है। वे विभिन्न प्रकार के कीड़ों, चूहे, छछूंदर, युवा मेंढक, केंचुए, छोटे साँप और छोटे पक्षियों को खाते हैं।

इनके शरीर का आकार चपटा होता है। इनमें गर्दन तथा पूँछ नहीं होती हैं। इसके शरीर का ऊपरी भाग जैतुनी हरा तथा बीच-बीच में काले धब्बे युक्त होता है। इसके शीर्ष हिस्से को थूथन कहते हैं, जिसके दोनों ओर पार्श्व में नासिका छिद्र होते हैं। गर्दन की अनुपस्थिति के कारण सिर सीधे धड़ से जुड़ा होता है। यही कारण है कि मेंढक का सिर अचल होता है। मेंढक एकलिंगी होता है अर्थात् नर मेंढक तथा मादा मेंढक अलग-अलग होते हैं। नर मेंढक में स्वर रज्जु (Vocal cord) विकसित होते हैं जिससे ये ऊँची आवाज कर सकता है। एक नर भारतीय बुलफ्रॉग चमकदार पीले रंग का होता है, जिसके मुंह के नीचे दो चमकदार नीली थैलियाँ होती हैं। यह नर अपने इन रंगों का प्रयोग मादा मेंढक को आकर्षित करने के लिए करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ द्वारा इस बुलफ्रॉग को लाल सूची में शामिल नहीं किया गया है जिसका अर्थ है कि यह मेंढक खतरे की सूची में नहीं हैं।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Hoplobatrachus_tigerinus
2.http://www.wild-facts.com/2013/indian-bullfrog/
3.https://www.iucnredlist.org/species/58301/11760496



RECENT POST

  • पशुधन और मुर्गीपालन क्षेत्रों पर लॉकडाउन का प्रभाव
    स्तनधारी

     21-01-2021 01:53 AM


  • यदि भुगतान क्षमता के नजरिए से देखें तो भारत का यातायात जुर्माना विश्व में सबसे अधिक है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     20-01-2021 12:15 PM


  • भारतीय नागरिकता से संबंधित कुछ विशेष पहलू
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     19-01-2021 12:36 PM


  • सदियों पुराना है सोने के प्रति भारतीयों के प्रेम का इतिहास
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     18-01-2021 12:52 PM


  • जीवन का असली आनंद है, दूसरों को खुशी देना
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 11:57 AM


  • सारण में ‘छनना’ के निर्माता हुए महामारी से प्रभावित
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:34 PM


  • मन और आत्मा को शुद्ध करने का साधन हैं, इस्लामिक कला के ज्यामितीय और संग्रथित प्रतिरूप
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:58 AM


  • एक दूसरे के साथ प्रेम और आंनद के साथ रहने का प्रतीक है, मकर संक्रांति
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:31 PM


  • मानव विकास सूचकांक देश के विकास के स्तर पर नजर रखने के लिए अनिवार्य है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:26 PM


  • आखिर क्‍यों नहीं छापती सरकार असीमित पैसे?
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:46 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id