क्या हमारे जौनपुर में एक भी चर्च नहीं है?

जौनपुर

 26-12-2018 10:00 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

ईसाई धर्म विश्‍व स्‍तर पर व्‍यापकता से फैल रहा है जिस कारण कुछ दुष्ट लोग इसे व्‍यवसाय के रूप में भी देखने लगते हैं तथा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इनके उपदेशों के माध्‍यम से भ्रमित करते हैं। ऐसा ही एक ज्योति सत्संग प्रार्थना केंद्र जौनपुर में बनाया गया था, जो वास्‍तव में धर्म के नाम पर अनुचित कार्यों को बढ़ावा दे रहे थे। जिसे हाल ही में बंद करवा दिया गया है।

जौनपुर के ईसाई वाराणसी के डायोसीस के अधीन आते हैं। अभिलेखों के मुताबिक आखिरी शताब्दी तक जौनपुर में 600 कैथोलिक थे, लेकिन उनमें से कोई ये नहीं जानता था कि जौनपुर में चर्च कहां है। उनमें से अधिकांश कैथोलिक शायद से कोर्ट या सेना में थे। 1971 में फादर डोमिनिक करिकट्टिल ने एक किराए के घर में चर्च खोला। 1974 में मैरी इमाक्यूलेट के उर्सुलिन यहां शामिल हुए थे। उर्सुलिन सिस्टरस के पास कक्षा 12 वीं तक का एक स्कूल था। तब 1997 में, फादर पीटर कोलाको ने शहर से 7 किमी दूर सिद्दीकपुर में जमीन का एक टुकड़ा खरीदा और वहां सेंट जॉन्स नामक एक और स्कूल की स्थापना की थी। तिरुचिरापल्ली के सेंट ऐनी की सिस्टरस सिद्दीकपुर में शामिल हुई थी।

वहीं जौनपुर के जीवन ज्योति सत्संग प्रार्थना केंद्र को बंद करने के पीछे का कारण यह है कि संस्था के संचालन गरीब लोगों को ईसाई धर्म की तरफ आकर्षित कर रहे थे और उनके ऊपर हिंदू धर्म के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया था। साथ में ऐसा भी माना जा रहा है कि वहीं उन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने लोगों को ठीक करने के लिए "जादुई तेल" और "जादुई पानी" के उपयोग का प्रचार उन्हें मुर्ख बनाया। साथ ही संस्था के संचालकों पर दवाओं के नाम पर प्रतिबंधित पदार्थों को देना, धोखाधड़ी, पूजा स्थल को अपवित्र करने और आपराधिक साजिश आदि आरोप भी लगाए गए हैं।

वहीँ दूसरी ओर संस्था का कहना है कि उन पर लगाये गए सभी इलज़ाम झूठे हैं और वे खुद भी हिन्दू ही हैं तथा सभी हिन्दू त्यौहार भी मनाते हैं। उनका कहना है कि यह धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि मन परिवर्तन करने का प्रयास था। चाहे जो भी हो, धर्म के नाम पर इस प्रकार का मुद्दा अच्छा नहीं लगता तथा लोगों को इस विषय पर लड़ने से बेहतर, एक दूसरे के साथ भिन्न धर्मों द्वारा बताई गयीं अच्छी बातें साझा करनी चाहिए ताकि हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकें।

संदर्भ:
1.http://www.dioceseofvaranasi.org.in/our-parishes/Jaunpur
2.https://bit.ly/2LyXjmj



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