जौनपुर वासी जा सकते हैं श्रीलंका अब केवल चार घंटे में

जौनपुर

 22-12-2018 10:00 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

छुट्टियों के इस महीने में अधिकांश घरों के बच्चों ने घर पर घुमने जाने की जिद पकड़ ली होगी। यदि आपका 4 लोगों का परीवार है तो आप लगभग 1.5 लाख के भीतर की अंतरराष्ट्रीय यात्रा कर सकते हैं। वहीं जौनपुर से लगभग तीन घंटे के सफर में अयोध्या जाना जीतना आसान है उतना ही अब रामायण की खूबसूरत नगरी श्रीलंका पर आप केवल चार घंटे में पहुंच सकते हैं। एयर लंका अब वाराणसी से कोलंबो तक सीधी उड़ान प्रदान करती है। जैसा कि आप जानते हैं, वाराणसी हवाई अड्डा जौनपुर से सिर्फ 1 घंटा दूर है, आप अपने पासपोर्ट के साथ जा सकते है और लंका में पहुँचते ही आपको वीजा प्रदान कर दिया जाएगा। श्रीलंका अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है, तो आइए आपको बताते हैं श्रीलंका की रोमांचक जगहों के बारे में।

1) चिलाव:
चिलाव श्रीलंका में सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण रामायण से संबंधित स्थानों में से एक है, क्योंकि यहाँ लोकप्रिय मुन्नेश्वरम मंदिर और मनावरी मंदिर स्थित हैं। श्रीलंका रामायण यात्रा में यह दोनो मंदिर मुख्य हैं। ऐसा माना जाता है कि मुन्नेश्वरम मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह श्रीलंका में हिंदुओं का सबसे पुराना मंदिर भी माना जाता है। भगवान राम ने यहाँ पर अपने ब्राह्मण हत्या दोष से मुक्त होने के लिए भगवान शिव की प्रार्थना की थी। भगवान शिव ने उन्हें दोष से छुटकारा पाने के लिए मनावरी, थिरुकोनेश्वरम, तिरुकेतेश्वरम और रामेश्वरम में चार शिव लिंगों को स्थापित करने और उनसे प्रार्थना करने की सलाह दी। वहीं चिलाव से लगभग 6 कि.मी. दूर मनावरी मंदिर है, जहाँ भगवान राम ने पहला शिवलिंग स्थापित किया था। चूंकि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान राम ने की थी, इसे रामलिंगम भी कहा जाता है।

2) सिगिरिया:
सिगिरिया को लायन रॉक (Lion Rock) भी कहा जाता है, यह प्राचीन श्रीलंका की राजधानी थी और साथ ही यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। जिसे आपको अपनी श्रीलंका की यात्रा के दौरान भूलना नहीं चाहिए। ऊपर प्रस्तुत किया गया चित्र लायन रॉक का ही है। वहां के स्थानीय लोगों द्वारा इसे दुनिया के आठवें अजूबे के रूप में माना जाता है। इस प्राचीन किले का पुरातात्विक महत्व, हर साल इसकी ओर हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ नागुलिया जुफा भी है जो उन स्थानों में से एक माना जाता है जहा रावण ने माता सीता को कैद कर रखा था।

3) त्रिंकोमाली:
अपने सुनहरे रेतीले समुद्र तटों के अलावा, श्रीलंका के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में त्रिंकोमाली ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, क्योंकि यहाँ ऐतिहासिक कोनेश्वरम मंदिर स्थित है। रावन के भक्ति से प्रसन्न होकर इस मंदिर का निर्माण भगवान शिव के आदेश पर अगस्त्य मुनि ने किया था। इसे दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम द्वारा तीसरा शिवलिंग यहां स्थापित किया गया था। यह मैदानों और हिंद महासागर के कुछ शानदार दृश्य प्रदान करता है।

4) नुवरा एलीया:
आध्यात्मिक यात्रियों के लिए श्रीलंका की यात्रा में यह एक सबसे अच्छा गंतव्य है, क्योंकि यहाँ रामायण कथा से संबंधित लोकप्रिय स्थानों के बीच दिवूरमपोला, गायत्री पीठम और सीता अम्मान मंदिर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि गायत्री पीठम में रावण के पुत्र मेघनाथ ने भगवान शिव की तपस्या की थी, जिसके बदले भगवान शिव ने मेघनाथ को अत्यधिक शक्तिशाली शक्तियां प्रदान की थी। नुवरा एलीया से लगभग 5 कि.मी. पर सीता अम्मान मंदिर है, जो सीता देवी भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि यह अशोक वाटिका की एक जगह है, और मंदिर के पास स्थित नदी में देवी सीता स्नान करती थी। नुवरा एलीया के समीप हकगला गार्डन (जिसे अशोक वटिका माना जाता है) भी जाने के लिए एक सुंदर जगह है। नुवरा एलिया से 20 कि.मी. दूर स्थित दिवुरुम्पोला मंदिर स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सीता देवी ने अपनी अग्नि परीक्षा इसी स्थान पर दी थी और यह मंदिर उन्हें ही समर्पित है।

5) कोलंबो:
कोलंबो श्रीलंका की राजधानी और देश की सबसे बड़ी शहर भी है। यहाँ रामायण से संबंधित दो प्रसिद्ध मंदिरे भी स्थापित है। ये दो मंदिर अन्जनेयर हनुमान मंदिर और केलनिया मंदिर है जो केलनिया के विहाराया के नाम पर स्थापित है।

आप श्रीलंका में एला, रामबोड़ा, मन्नार में राम सेतु, डोलू कांदा संजीवनी माउंटेन आदि कई ऐतिहासिक जगाओं पर जा सकते हैं। वहीं यहाँ पर याला नेशनल पार्क दुनिया में सबसे ज्यादा तेंदुओं का घर है, साथ ही यहां कई प्रकार की चिड़ियां भी है और कई अन्य जानवर भी जिन्हें देखकर आपको हैरत भी होगी और मजा भी आएगा। प्रकृति की सुंदरता यदि आप देखना चाहते हैं तो इस जगह पर जरूर जाएं। साथ ही यहाँ पर साहसिक खेल भी खेल सकते हैं, जैसे ट्रेकिंग और हाइकिंग, डाइविंग (diving), सागर में मछली पकड़ना, रॉक क्लाइंबिंग (rock climbing), हॉट एयर बैलूनिंग (hot air ballooning), व्हेल (whale) मछलियों को देखना आदि।

संदर्भ:
1.https://www.trawell.in/blog/must-visit-ramayana-related-places-in-sri-lanka/
2.http://www.srilanka.travel/s



RECENT POST

  • भारत के हितों में गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पुनरुद्धार और प्रभावशीलता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     08-07-2020 06:48 PM


  • भारत में नवपाषाण स्वास्थ्य बदलाव
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     08-07-2020 07:44 PM


  • सूफीवाद पर सबसे प्राचीन फारसी ग्रंथ : कासफ़-उल-महज़ोब
    ध्वनि 2- भाषायें

     07-07-2020 04:55 PM


  • जौनपुर की अद्भुत मृदा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-07-2020 03:37 PM


  • आईएसएस को आपकी छत से देखा जा सकता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     04-07-2020 07:22 PM


  • भारत के दलदल जंगल
    जंगल

     03-07-2020 03:16 PM


  • शाश्वत प्रतीक्षा का प्रतीक है नंदी (बैल)
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-07-2020 11:09 AM


  • शिल्पकारों के कलात्मक उत्साह को दर्शाती है पेपर मेशे (Paper mache) हस्तकला
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     01-07-2020 11:53 AM


  • इत्र उद्योग में जौनपुर का गुलाब
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:18 PM


  • अंतरिक्ष की निरंतर निगरानी के महत्व को रेखांकित करते हैं, क्षुद्रग्रह हमले
    खनिज

     30-06-2020 06:59 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.