स्‍वादों में एक विशिष्‍ट पांचवे स्‍वाद वाले शिताकी मशरूम

जौनपुर

 10-12-2018 11:14 AM
फंफूद, कुकुरमुत्ता

यदि मशरूम के इतिहास पर नज़र डाली जाए तो यह बड़ा ही प्राचीन और रोचक रहा है। चीनी लोगों ने इसे दवा के रूप में उपयोग किया तो वहीं मिस्र के राजाओं ने इसे शाही भोजन का दर्जा दिया। मशरूम की एक नई प्रजाति का इजात करने के जुनून में फ्रांस के एक व्‍यक्ति (17वीं शताब्दी में) ने एक गुफा में इसकी फसल उगाई। 18वीं शताब्‍दी के अंत तक यूरोप और अमेरिका में इसका व्‍यापार प्रारंभ हो गया था तो वहीं पेंसिल्वेनिया के किसानों ने इन्हें घर के अंदर उगाने के नए तरीके विकसित किये। मशरूमों की एक विस्‍तृत श्रृंखला में नाम आता है ‘शिताकी मशरूम’ का।

इस मशरूम की खेती प्रमुखतः एशियाई देशों में की जाती है तथा यह यहां का प्रमुख खाद्य मशरूम भी है। शिताकी मशरूम का उपयोग पारंपरिक दवाओं के रूप में भी देखने को मिलता है जिस कारण इसे औषधीय मशरूम भी माना जाता है। इस मशरूम का जापानी नाम शिताकी, ‘शि’ और ‘ताकी’ के मेल से बना है। शि का अर्थ यहाँ ‘कास्टानोप्सिस कस्पीडाटा’ (Castanopsis cuspidata) नामक वृक्ष से है जिसके सड़े हुए तने पर इसकी खेती की जाती है। और 'ताकी' यानी खाने योग्य। इसे सामान्‍यतः ‘सॉ-टूथ ओक मशरूम’ (Sawtooth Oak Mushroom), ‘ब्लैक फॉरेस्ट मशरूम’ (Black Forest Mushroom), ‘ब्लैक मशरूम’, ‘गोल्डन ओक मशरूम’ (Golden Oak Mushroom) या ‘ओकवुड मशरूम’ (Oakwood Mushroom) भी कहा जाता है। शिताकी मशरूम पेड़ों की सड़ी हुई लकड़ी, विशेष रूप से - शी, चेस्टनट, ओक, मेपल, बीच, स्वीटगम, पोप्लर, हॉर्नबीम, आयरन वुड, शहतूत और शिंकापिन की क्षयकारी लकड़ी पर समूह में उगता है। इसके प्राकृतिक रूप से उगने के लिए दक्षिण पूर्व एशिया की गर्म और नम जलवायु उपयुक्त हैं।

100 ग्राम, कच्चे शिताकी मशरूम में 34 कैलोरी (Calorie) और 90% पानी के साथ-साथ, 7% कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate), 2% प्रोटीन (Protein) और 1% से कम वसा की मात्रा होती है। यह विटामिन बी (Vitamin B) का भरपूर स्रोत होते हैं तथा कुछ आवश्यक खनिजों के मध्यम स्तर इनमें पाये जाते हैं। जब लगभग 10% पानी सूख जाता है, तो कई पोषक तत्वों की सामग्री काफी बढ़ जाती है। सभी मशरूम की तरह, शिताकी सूर्य के प्रकाश से अल्ट्रावायलेट बी (Ultraviolet B) किरणों के लिए अपने आंतरिक एर्गोस्टेरोल (Ergosterol) के संपर्क में विटामिन डी2 उत्पन्न करते हैं।

शिताकी मशरूम का स्वाद ‘उमामी’ (Umami) कहलाता है। जापानी भाषा से लिए गए शब्द, उमामी को एक ‘सुखद स्वादिष्ट स्वाद’ के रूप में जाना जा सकता है। इस शब्‍द का इजात जापानी रसायनज्ञ किकुने इकेदा द्वारा 1908 में ‘स्वादिष्ट’ को ध्‍यान में रखते हुए किया गया। उमामी मूल स्वादों (मीठा, खट्टा, कड़वा, और नमकीन) से अलग एक पांचवा स्वाद है, जिसे स्वादिष्ट के रूप में वर्णित किया गया है जिसमें शोरबा और पके हुए मांस की विशेषता मिलती है। लोग उन स्वाद ग्रंथियों के माध्यम से उमामी का स्वाद लेते हैं जो आमतौर पर ग्लूटामेट (Glutamate) जैसा स्वाद देते हैं, जो कि मांस-शोरबा और किण्वित उत्पादों में व्यापक रूप से मौजूद होता है और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (Monosodium Glutamate/MSG) के रूप में कुछ खाद्य पदार्थों में डाला जाता है। चूंकि उमामी पारंपरिक स्वाद के बजाय अपना अलग और विशिष्‍ट स्‍वाद है, इसलिए वैज्ञानिक अब उमामी को एक अलग स्वाद मानते हैं। जीभ और मुंह के सभी क्षेत्रों में अधिकांश स्वाद ग्रंथियों का अपना स्थान है, इसके बावजूद उमामी स्वाद का पता लगाया जा सकता है। आप पारमेज़ान चीज़ (Parmesan Cheese), समुद्री शैवाल, मिसो और मशरूम जैसे खाद्य पदार्थों में उमामी का स्वाद ले सकते हैं, जिसमें एमिनो एसिड (Amino acid), ग्लूटामेट का उच्च स्तर होता है। 1985 में, हवाई के उमामी अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी (Umami International Symposium) ने निर्धारित किया कि उमामी इस पांचवें स्वाद के लिए वैज्ञानिक शब्द होगा।

ताजा और सूखे शिताकी के पूर्वी एशिया के व्यंजनों में कई उपयोग हैं। जापान में, उन्हें मिसो सूप में परोसा जाता है, जो शाकाहारी डिश में आधार के रूप में उपयोग किया जाता है और उबले हुए व्यंजनों में एक सामग्री के रूप में उपयोग किया जाता है। चीनी व्यंजनों में, उन्हें बुद्ध की मिठाई जैसे शाकाहारी व्यंजनों में अक्सर फ्राई करके पकाया जाता है। एक प्रकार के उच्च शिताकी को जापानी में डोनको (Donko) कहा जाता है और चीनी में डोन्गू (Donggu) (शाब्दिक रूप से सर्दी का मशरूम) कहा जाता है। इस मशरूम की एक और उच्च श्रेणी को चीनी में हुआगु (Huagu) कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘मशरूम का फूल’ होता है, जिसमें मशरूम की ऊपरी सतह पर फूल-जैसे दरार वाले पैटर्न (Pattern) होते हैं। इनको कम तापमान पर उत्पादित किया जाता है। यह पता लगाने के लिए शोध चल रहे हैं कि क्या शिताकी मशरूम वाकई में रोगों को ठीक करती है, हालांकि आज तक पर्याप्त मानव शोध के रूप में कोई भी ऐसा प्रभाव सिद्ध नहीं हुआ है। जैविक उर्वरक और हार्डवुड से खाद के उत्पादन में भी शिताकी मशरूम के उपयोग पर शोध जारी है।

संदर्भ:
1.
http://www.berkeleywellness.com/healthy-eating/food/recipes/article/mushrooms-nutritious-source-umami
2.https://www.thespruceeats.com/what-is-umami-1664724
3.https://en.wikipedia.org/wiki/Shiitake
4.https://en.wikipedia.org/wiki/Umami



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