कोशिकाओं का जन्म-मृत्यु चक्र

जौनपुर

 28-11-2018 01:44 PM
कोशिका के आधार पर

संसार के जन्म-मृत्यु के चक्र से तो हम सब परिचित हैं, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि हमारे इस शरीर के अंदर रह रही कोशिकाएं भी जन्म-मृत्यु के चक्र से गुजरती हैं या नहीं? हमारे शरीर में एक दिन में कोशिका विभाजन के फलस्वरूप 1000 करोड़ से अधिक कोशिकाएं जन्म लेती हैं, और उसी समय समान संख्या में पुरानी कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है। ये कोशिकाओं का प्राकृतिक स्वाभाव है, लेकिन कई बार कोशिकाएं रोग, कोई चोट लगने या कोशिका के भाग के जीव की मृत्यु के परिणामस्वरूप मृत्यु हो सकती है। कोशिकाओं की मृत्यु के प्रकार निम्नलिखित हैं:

प्रोग्राम्ड सेल डेथ (programmed cell death):
इसमें अणुओं (Molecules) की एक श्रृंखला कोशिकाओं की मृत्यु का कारण बनती हैं। शरीर इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अनावश्यक या असामान्य कोशिकाओं को हटाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक परिपक्व मानव भ्रूण में उंगलियों और पैर की उंगलियों में अंतर होता है, क्योंकि उंगलियों में उपस्थित एपोप्टोस कोशिकाओं की संख्या सब में अलग होती हैं।

एपोप्टोसिस या टाइप I सेल-डेथ और ऑटोफैजी या टाइप II सेल-डेथ (Apoptosis or Type I cell-death, and autophagy or Type II cell-death):
ये प्रोग्रामड सेल डेथ के ही रूप होते हैं। एपोप्टोस अनावश्यक कोशिकाओं और अस्वस्थ कोशिकाओं को समाप्त कर शरीर को स्वस्थ रखने में एक महत्वपुर्ण भूमिका निभाता है। वहीं ऑटोफैजी कोशिका की नियमित क्रियाविधि का प्राकृतिक रूप है, जो अनावश्यक या निष्क्रिय घटक को अलग करती है।

नेक्रोसिस (Necrosis):
नेक्रोसिस गैर-शारीरिक प्रक्रिया, जैसे कोशिकाओं में संक्रमण या चोट के कई अलग अलग रूपों के परिणामस्वरूप होती है।

माइटोटिक केटास्ट्रॉफे (Mitotic catastrophe):
माइटोटिक केटास्ट्रॉफे में समयपूर्व या अनुचित रूप से कोशिकाओं का सूत्री विभाजन में प्रवेश कोशिकाओं की मृत्यु का कारण बनता है। जो कैंसर कोशिकाएं विकिरण या अन्य कैंसर विरोधी इलाज के संर्पक में होती हैं, उनमें कोशिकाओं की मृत्यु आम होती है।

समान्य रूप से कोशिकाओं की जन्म और मृत्यु हमारे शरीर के लिए लाभदायक होती है, लेकिन समस्या तब उत्पन्न होती है, जब कोशिकाओं की मृत्यु प्रक्रिया में कुछ अनुचित हो जाएं। कोशिकाओं में प्रक्रिया के विपरीत गतिविधि कई गंभीर बिमारी का संकेत हो सकती है। आज के समय में वैज्ञानिकों के अनुसार 50 से अधिक ऐसी बिमारियां हैं, जो कोशिकाओं की मृत्यु में असंतुलन के कारण होती है। जैसे:

कैंसर (Cancer):
कैंसर कई प्रकार के होते हैं, और ये सभी कोशिकाओं में असंतुलन से ही शुरू होते हैं। इसमें कोशिकाएं मरती नहीं हैं और निरन्तर बढ़ने लगती हैं, जो ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। एक बढ़ता ट्यूमर अपने आस-पास की कोशिकाओं को भी नष्ट कर देता है और शरीर के स्वस्थ ऊतकों (Tissues) को भी नुकसान पहुंचाता है। कई बार कैंसर की कोशिकाएं वास्तविक ट्यूमर से अलग हो जाती हैं और शरीर के अन्य क्षेत्रों में फैलने लगती हैं। ऊपर प्रस्तुत चित्र में कैंसर कोशिकाओं को दर्शाया गया है।

अल्जाइमर रोग (Alzheimer's disease and cell death):
अल्जाइमर रोग में, नियोकोर्टेक्स और हिप्पोकैम्पस (जो स्मृति को नियंत्रित करते हैं) में न्यूरॉन्स के आसपास असामान्य प्रोटीन का गठन होने लगता है। साथ ही मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के अन्य हिस्सों में शारीरिक क्षति भी न्यूरॉन्स की मृत्यु और निष्क्रियता का कारण बन सकती है। जब इन न्यूरॉन्स की मृत्यु होती है, तो लोग अपनी याद रखने और रोजमर्रा के कार्य करने की क्षमता को खो देते हैं।

एचआईवी (HIV):
केवल कोशिका की मृत्यु से ही बिमारी नहीं फैलती है, कई बार कुछ अन्य रोगों के घटक भी जीवित रहने के लिए इन तंत्रों का उपयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, ‘ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी)- Human immunodeficiency virus (HIV)’। एचआईवी शरीर के एक विशिष्ट प्रकार की प्रतिरक्षा प्रणाली कोशिका (जिसे टि-हेल्पर कोशिका कहते हैं) पर हमला करता है। जब एचआईवी इन कोशिकाओं को नष्ट कर देते हैं, तो शरीर के पास अन्य संक्रमणों से लड़ने की ताकत नहीं बचती है। वहीं यदि वायरस द्वारा अधिक टि-हेल्पर कोशिकाएं नष्ट कर दी जाती हैं, और जल्द इलाज ना होने पर ‘एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम(एड्स)- Acquired Immune Deficiency Syndrome (AIDS)’ होने की संभावना बढ़ जाती है।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Cell_death
2.http://www.deathreference.com/Bl-Ce/Cell-Death.html
3.https://ki.se/en/research/live-and-let-die-the-implications-of-cell-death-for-health-and-illness
4.https://www.medicalnewstoday.com/articles/318927.php



RECENT POST

  • तत्वमीमांसा या मेटाफिजिक्स क्या है, और क्यों ज़रूरी है?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     24-01-2022 10:55 AM


  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूल आवाज को सुनाता वीडियो
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     23-01-2022 02:30 PM


  • कैसे छिपकली अपनी पूंछ के एक हिस्से को खुद से अलग कर देती हैं ?
    रेंगने वाले जीव

     22-01-2022 10:30 AM


  • स्लम पर्यटन इतना लोकप्रिय कैसे हो गया और यह लोगों को कैसे प्रभावित करता है
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     21-01-2022 10:07 AM


  • घुड़दौड़ का इतिहास एवं वर्तमान स्थिति
    स्तनधारी

     20-01-2022 11:42 AM


  • दैनिक जीवन सहित इंटीरियर डिजाइन में रंगों और रोशनी की भूमिका
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     19-01-2022 11:10 AM


  • पानी के बाहर भी लंबे समय तक जीवित रह सकती हैं, उभयचर मछलियां
    मछलियाँ व उभयचर

     17-01-2022 10:52 AM


  • हिन्दू देवता अचलनाथ का पूर्वी एशियाई बौद्ध धर्म में महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2022 05:39 AM


  • साहसिक गतिविधियों में रूचि लेने वाले लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है माउंटेन बाइकिंग
    हथियार व खिलौने

     16-01-2022 12:50 PM


  • शैक्षणिक जगत में जौनपुर की शान, तिलक धारी सिंह महाविद्यालय
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     15-01-2022 06:28 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id