जौनपुर की फ़ोटो खीचने वाला पहला व्यक्ति

जौनपुर

 21-11-2018 01:54 PM
द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

इतिहास को किताबों में तो ईसा पूर्व से ही संजोया जा रहा था किंतु कैमरे के आगमन ने इसकी प्रमाणिकता को और अधिक बढ़ा दिया। साथ ही कैमरे ने इसकी रोचकता को भी बढ़ा दिया। कैमरे से इतिहास को समेटने का दौर 19वीं सदी में प्रारंभ हुआ। भारत में कैमरे का आगमन 19वीं सदी में ही ईस्‍ट इंडिया कंपनी द्वारा कर दिया गया था। इसके आगमन के पश्‍चात ही भारत को तस्‍वीरों में समेटने का दौर प्रारंभ हुआ। जिसमें भारत की वास्‍तुकला, प्राकृतिक दृश्‍य और संस्‍कृति इत्‍या‍दि शामिल थे। इन्‍हीं ऐतिहासिक तस्‍वीरों में जौनपुर की भी तस्‍वीरें शामिल हैं।

जौनपुर को सर्वप्रथम (1870 में) कैमरे में बेग्लार, जोसेफ डेविड (Beglar, Joseph David) द्वारा कैद किया गया। जिसमें इन्‍होंने जामा मस्‍जिद (http://jaunpur.prarang.in/posts/1654/postname) और लाल दरवाजा मस्जिद को शामिल किया, जो सल्‍तनत काल की वास्‍तुकला का एक खूबसूरत उदाहरण है, जिसे शर्की शासकों द्वारा 15वीं शताब्‍दी के मध्‍य में तैयार किया गया। यह तस्‍वीर लाल दरवाज़ा मस्जिद को दर्शाती है तथा इसे इन्‍होंने भारतीय पुरातात्‍विक सर्वेक्षण के लिए खींचा था। इस तस्‍वीर में मुख्‍य द्वार से मस्जिद को आवृत्‍त करते हुए दर्शाया गया है जिसके एक छोर से मस्जिद का गुम्‍बद दिखाई दे रहा है तथा दीवार पर की गयी नक्‍काशी एक उत्‍कृष्‍ट वास्‍तुकला को दर्शा रही है।


जोसेफ बेग्लार सार्वजनिक कार्य विभाग में कार्यकारी अभियंता और पुरातात्विक सर्वेक्षणकर्ता थे। इनका जन्म 1845 में ढाका में हुआ था। इन्होंने ढाका में अपनी प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की और जब उनके पिता चिन्सुराह में रहने के लिए अपने परिवार के साथ गए, तो वहाँ बैग्लर ने हुगली कॉलेज में दाखिला लिया और उसके बाद सिबपुर इंजीनियरिंग कॉलेज गए, जहां उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की योग्यता प्राप्त की। उनके भारतीय पुरातत्त्व का ज्ञान बंगाल सरकार से छुप नहीं सका और उन्हें बोध-गया में प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर में पुरातात्विक उत्खनन अधीक्षक के रूप में रखा गया। साथ ही उन्होंने नैहाटी के पास जयंती पुल के निर्माण को अधिसूचित किया, जिसे 1887 में खोला गया था।

जोसफ बेग्लार ने कुछ समय भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के निर्देशक रहे एलेग्जेंडर कनिंघम के दिशा निर्देशों पर भी कार्य किया था। असल में जोसेफ बेग्लार के पिता टिफलिस (कौकेसस) प्रांत में कारबाख (करबाख वर्तमान में पूर्वी अर्मेनिआ और दक्षिण पश्चिम अजरबैजान का एक भौगोलिक क्षेत्र है, जो कि कौकेसस के ऊंचे इलाकों से लेकर कुरा और अरस नदियों के बीच के निचले इलाकों तक फैला हुआ है) के अंतिम स्वतंत्र राजकुमार के बेटे थे। जोसेफ की मृत्यु 24 अप्रैल 1907 में हुई और इनका स्मारक चिन्सुराह में इनके पिता ‘डेविड फ्रीडोन मेलिक बेग्लर’ के स्मारक के पास स्थित है।

संदर्भ:
1.http://jaunpur.prarang.in/posts/1654/postname
2.https://books.google.co.in/books?id=BlreO8bmK30C&pg=PA309&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false
3.http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/photocoll/m/019pho000001003u00709000.html
4.https://en.wikipedia.org/wiki/Karabakh



RECENT POST

  • विश्व भर में अपनाया गया है, भारतीय व्यंजन को
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     28-02-2020 12:00 PM


  • भारतीय सेना में भर्ती के लिए आवश्यक है कठिन परिश्रम और आवश्यक शारीरिक दक्षता
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-02-2020 11:40 AM


  • क्या कृत्रिम बारिश हो सकती है हमारे लिए एक वरदान?
    जलवायु व ऋतु

     26-02-2020 04:25 AM


  • क्या जौनपुर सहित सम्पूर्ण भारत में उपयोगी सिद्ध होगी फेशियल-रिकग्निशन (Facial Recognition) प्रणाली?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     25-02-2020 03:00 PM


  • इंसान और जानवर, कौन किसके घर में सेंध लगा रहा है?
    स्तनधारी

     24-02-2020 03:00 PM


  • जीवन का सार सिखाती एक लघु फिल्म – “द एग (The Egg)”
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-02-2020 03:30 PM


  • त्रिशूल का अन्य संस्कृतियों में महत्व
    हथियार व खिलौने

     22-02-2020 01:30 PM


  • रहस्यमयी गाथाओं को समेटे है जौनपुर का त्रिलोचन महादेव मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-02-2020 11:30 AM


  • मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट (Metropolitan Museum of Art) में संरक्षित है जौनपुर की जैन कल्पसूत्र पाण्डुलिपि
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-02-2020 12:00 PM


  • संक्रामक रोगों के खिलाफ कैसे लड़ता है टीकाकरण
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     19-02-2020 11:00 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.