जौनपुर के सबसे अलंकृत ऐतिहासिक मंदिरों में से एक गोमतेश्वर महादेव मंदिर

जौनपुर

 24-10-2018 03:27 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

शिराज़-ए-हिंद के नाम से प्रसिद्ध जौनपुर गोमती नदी के किनारे बसा एक सुंदर शहर है जिसका अपना एक वि‍शि‍ष्टि ऐति‍हासि‍क और धार्मिक अस्तिब‍त्वल है। एक समय ऐसा भी था जब यह तट तपस्वी, ऋषि‍यों एवं महाऋषि‍यों के चि‍न्तीन व मनन का एक प्रमुख स्थदल हुआ करता था। इसी कारण से आज भी गोमती किनारे यहाँ बहुत से मंदिर देखे जा सकते हैं। जिनमें से एक प्रमुख ऐतिहासिक गोमतेश्वर महादेव मंदिर केराकत के प्रांगण में स्थित है।

केराकत, जौनपुर जिले से 25 कि.मी. पूर्व में और वाराणसी से 45 कि.मी. दक्षिण में स्थित है। यह जौनपुर और औंरिहर से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा है। यहां की एक प्रमुख विशेषता यह है कि गोमती नदी यहाँ यू(U)-आकार में बहती है जो कि मिट्टी को उपजाऊ बनाती है। यहां गोमतेश्वणर महादेव मन्दिर (सिहौली) के साथ-साथ काली माता मन्दिर और देवेश्वर महादेव मन्दिर (हुरूहुरी) भी स्थित है।


गोमेतेश्वर महादेव मंदिर का अर्थ है ‘गोमती नदी का महान देवता’। यह भगवान शिव को समर्पित मध्यकालीन मंदिरों के समूह में सबसे बड़ा और सबसे अलंकृत हिंदू मंदिर है। इसे भारत में मध्यकालीन काल के संरक्षित मंदिरों के सर्वोत्तम उदाहरणों में से एक माना जाता है। महादेव के इस प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर की महिमा को लेकर तमाम बातें प्रचलित हैं। कथा कहानियों पर विश्वास करें तो, यह मंदिर हर्षवर्धन काल में बनाया गया था। परंतु इस शिवलिंग को हमलावरों द्वारा नष्ट कर दिया गया था। बाद में करीब 1990 में कुछ ग्रामीणों को यहां शिवलिंग पुनः प्राप्त हुआ और इस मंदिर को पुनर्निर्मित किया गया। श्रद्धालुओं की मानें तो उनका कहना है कि सावन माह में भगवान शिव पार्वती संग मृत्यु लोक में विचरण करते हैं। इस माह में सच्चे मन से की गई भोलेनाथ की पूजा का मनवांछित फल अवश्य मिलता है।

यह मंदिर अब लोगों की आस्था का प्रतीक बन चुका है। यहां प्रत्येक दिन सुबह-शाम आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। सावन के महीने में तो जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों की भीड़ सी लग जाती है। मंदिर में सावन के महिने में प्रत्येक दिन रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाता है और शाम को शिव महिमा के भजनों को गाया जाता है।

गोमती नदि में आपको गोमतीचक्र भी मिलते हैं। गोमती नदी में मिलने वाला ये गोमती चक्र एक ऐसा नाम है जो अधिकतम हिन्दुओं में प्रसिद्ध है। वास्तव में गोमती चक्र टर्बिनिडे (Turbinidae) कुल के एक दुर्लभ समुद्री घोंघे का कवच है। इसमें ‘चक्र’ शब्द संस्कृत से लिया गया है। गोमती चक्र का उपयोग आभूषणों में भी किया जाता है। इसका इस्तेमाल प्राचीन सेल्टिक और यूनानियों द्वारा भी किया जाता था। इसे हिंदुओं द्वारा पवित्र माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह बच्चों के लिए सुरक्षा प्रदान करता है। इससे धन, समृद्धि, सुख, स्वास्थ्य, व्यवसाय विकास, मन की शांति, समाज में प्रतिष्ठाह और सफलता मिलती है। गोमती चक्र के एक ओर से खोल जैसा होता है, जबकि दूसरी तरफ वृत्ताकार डिजाइन के साथ चक्कर की तरह दिखता है और चपटा होता है।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Gomateshwar_Mahadev_Temple,Kerakat
2.https://www.jagran.com/uttar-pradesh/jaunpur-11515496.html
3.https://en.wikipedia.org/wiki/Kerakat
4.https://en.wikipedia.org/wiki/Gomti_Chakra
5.http://hindi.webdunia.com/astrology-articles/gomati-chakra-totke-116111400055_1.html
6.https://www.youtube.com/watch?v=GXJCQS2pxBY



RECENT POST

  • भविष्य की आधुनिक संचार तकनीकें बनाएंगी मानव जीवन को और भी सरल
    संचार एवं संचार यन्त्र

     22-11-2019 11:49 AM


  • आधुनिक विज्ञान में वेदिक दर्शन का प्रभाव
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-11-2019 11:39 AM


  • क्या निजी वन पेड़ों का संरक्षण कर सकते हैं?
    जंगल

     20-11-2019 11:46 AM


  • डिजिटल अर्थव्यवस्था से हो सकता है उभरते देशों को लाभ
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     19-11-2019 11:04 AM


  • नागरिक बन्दूक स्वामित्व, अपराध दर को किस प्रकार प्रभावित करता है
    हथियार व खिलौने

     18-11-2019 01:37 PM


  • कौनसी भाषाएँ हैं विश्व की सबसे प्राचीन
    ध्वनि 2- भाषायें

     16-11-2019 07:48 PM


  • मानव गतिविधियों के कारण खतरे में आ सकते हैं ग्रेटर फ्लेमिंगो
    पंछीयाँ

     16-11-2019 11:19 AM


  • विलुप्त हो रही है जौनपुर की नेवार मूली प्रजाति
    साग-सब्जियाँ

     15-11-2019 12:48 PM


  • भारत में मधुमेह के विभिन्न आयामों का वर्गीकरण
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     14-11-2019 11:59 AM


  • अटाला मस्जिद के समान है खालिस मिखलीस मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     13-11-2019 11:28 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.