कैसे अधिकांश कीट कर लेते हैं कीटनाशकों से लड़ने की क्षमता विकसित?

जौनपुर

 11-10-2018 01:25 PM
तितलियाँ व कीड़े

वर्तमान समय में बाज़ार में नये-नये और शक्तिशाली कीटनाशक प्रतिवर्ष आते रहते हैं। परंतु क्या आपने गौर किया है कि समय के साथ, पहले के कीटनाशक जल्द ही निष्प्रभावी होते जा रहे हैं या उनमें रासायनिक पदार्थों की डोज़ (Dose) प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है। जिसके परिणाम स्वरूप फिर से नये कीटनाशक की तलाश शुरू हो जाती है। यह गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यदि इसी तरह से कीटनाशकों के विरूद्ध कीट प्रतिरोधिकता बढ़ती रही तो वह दिन दूर नहीं जब फसलों में कीट प्रबंधन असंभव हो जाएगा। अत: समय रहते विशेष रूप से किसानों, वैज्ञानिकों एवं सरकार को सचेत होने की आवश्यकता है।

कीटों में कीटनाशक प्रतिरोधिकता एक जैविक प्रक्रिया है जो कि पीढ़ी दर पीढ़ी अनुवांशिक परिवर्तन के कारण होती है। कीट में मौजूद जीन (Gene) कीटनाशक की विषाक्तता के विरूद्ध स्वयं को परिवर्तित कर लेते हैं। इस कारण कीटनाशक प्रभावहीन हो जाते हैं। यदि यह कीटनाशक बार-बार प्रयोग किया जाता है, तो कीट की आगे की पीढ़ी में प्रतिरोधी कीटों की संख्या बढ़ती जाती है। पूर्व समय (1940) में DDT (डाइक्लोरो डाइफिनाइल ट्राइक्लोरोईथेन/ Dichloro Diphenyl Trichloroethane) और अन्य प्रभावशाली कीटनाशकों का उपयोग कीटों के विरूद्ध प्रयोग किया गया था। उस समय में कीटों से निजात पाने के लिये इनकी कम मात्रा भी पर्याप्त होती थी, और ये मात्रा मनुष्यों तथा अन्य जीवों के लिये हानिकारक भी नहीं होती थी। परंतु समय के साथ देखा गया कि कम डोज़ इन कीटों पर अप्रभावी होती जा रही है और डोज़ बढ़ाने पर ये रसायन हमारे लिये ही नहीं अपितु प्रकृति के लिये भी हानिकारक बनते जा रहे हैं। साथ ही साथ यह भी देखा गया कि कीटों की ये कीटनाशक प्रतिरोधिकता एक से अधिक कीटनाशकों के लिये भी विकसित होती जाती है।

सर्वप्रथम इसका पता घरेलू मक्खी में चला था और बाद में DDT के अधिक प्रयोग से अनेक क्षेत्रों में मच्छर भी इसके प्रतिरोधी हो गए थे। दरसल कीटों में कुछ ऐसे एंज़ाइम (Enzyme) होते हैं जो इन रसायनों को नुकसान न करने वाले सापेक्ष पदार्थ में तोड़ देते हैं। यह प्रक्रिया बिल्कुल वैसी ही है जैसे एंटीबायोटिक (Antibiotic) के लगातार इस्तेमाल से बैक्टीरिया में उत्परिवर्तन के कारण एक प्रतिरोध क्षमता पैदा हो जाती है। कालांतर बैक्टीरिया पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम होने लगा है या हम ये भी कह सकते हैं कि बिल्कुल खत्‍म होने लगा है।

कीटनाशक प्रतिरोधिकता बढ़ने के कारण

1. अनुवांशिक परिवर्तन:- किसी भी कीट के विरूद्ध एक कीटनाशक के प्रयोग से कीट उस रसायन के विरूद्ध अपने अन्दर अनुवांशिक परिवर्तन कर लेते हैं। जिसके कारण पीढ़ी दर पीढ़ी कीटों के मरने का प्रतिशत कम हो जाता है।

2. उच्च प्रजनन क्षमता:- आमतौर पर कीटों में उच्च प्रजनन क्षमता होती है अर्थात उनमें अण्डे देने की क्षमता अधिक होती है। जो कीट रसायनों का वार नहीं झेल पाते, वे तो मर जाते हैं परंतु प्रतिरोधी कीट जीवित रहते हैं और अगली पीढ़ी में न मरने वाले कीटों की संख्या बहुत अधिक हो जाती है।

3. एक कीटनाशक का बार-बार प्रयोग:- हर कीटनाशक की निश्चित समय तक असर करने की अवधि होती है। यदि एक कीटनाशक का बार-बार छिड़काव करते हैं तो कीट में प्रतिरोधिकता बढ़ना स्वाभाविक है।

इस प्रतिरोध के विकास से बचने का एक तरीका शायद स्पष्ट दिखता है: विभिन्न कीटनाशकों का उपयोग करें, केवल एक कीटनाशक पर निर्भर न रहें। एक ही कीटनाशक का लगातार प्रयोग करने से कीट प्रतिरोधिकता बढ़ती है। अत: एक छिड़काव के बाद दूसरा छिड़काव अन्य समूह के कीटनाशक से किया जाना चाहिए।

संदर्भ:
1.https://www.colonialpest.com/how-do-insects-become-resistant-to-insecticides/
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Pesticide_resistance



RECENT POST

  • मुगलकालीन प्रसिद्ध व्‍यंजन जर्दा
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     20-10-2020 08:47 AM


  • नौ रात्रियों का पर्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-10-2020 07:21 AM


  • कोविड-19 से लड़ रहे रोगियों के लिए आशा का स्रोत बना है, गीत ‘येरूशलेमा’
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-10-2020 10:10 AM


  • भारत में मिट्टी के स्वस्थ्य के प्रशिक्षण में नहीं बना कोविड-19 रुकावट
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     16-10-2020 10:22 PM


  • मनुष्य के अच्छे दोस्त- फायदेमंद कीट
    तितलियाँ व कीड़े

     16-10-2020 05:44 AM


  • महामारी प्रसार का मुख्य कारण माने जाने वाले चूहे, टीके के विकास में अब बन गए हैं
    स्तनधारी

     14-10-2020 04:15 PM


  • क्या है आल्हा रामायण का इतिहास और क्यूँ है वो इतनी ख़ास?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2020 03:03 PM


  • विकास या पतन की और ले जाती सड़कें
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     12-10-2020 03:10 PM


  • रोजगार उत्पन्न करने में सहायक है, जौनपुर निर्मित दरियों का निर्यात
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     12-10-2020 02:04 AM


  • जलवायु परिवर्तन के एक संकेतक के रूप में कार्य करता है, नोक्टिलुका स्किन्टिलन
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     11-10-2020 03:29 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id