लुप्तप्राय भारतीय स्टार कछुए और उनकी तस्करी

जौनपुर

 05-10-2018 02:10 PM
रेंगने वाले जीव

यदि धरती पर मौजूद सभी जीव-जन्तुओं, पशुओं, मनुष्यों की बात की जाए तो सबसे ज्यादा उम्र वाले जीवों में से कछुआ एक है। भारत में स्थलीय कछुओं और जलीय कछुओं दोनों की कई जातियाँ पाई जाती हैं। हिंदू धर्म के अनुसार कछुआ रखना बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु का एक रूप कछुआ था। भगवान विष्णु ने कछुए का रूप धारण कर के समुद्र मंथन के समय मंद्रांचल पर्वत को अपने कवच पर थामा था। परंतु क्या आप जानते हैं कि भारत में कछुओं की कुछ प्रजातियों को घरों में पालना या उनका व्यापार करना गैर-कानूनी है। इंडियन स्टार टोर्टोइज (Indian Star Tortoise) या जियोकेलोन एलिगांस (Geochelone elegans) भी उन सरीसृपों में से एक है जिनका व्यापार करना और घरों में रखना दोनों ही अवैध है।

भारतीय स्टार कछुए की खूबसूरती और इसे पालने से भाग्य बदल जाने की धारणा ही इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारी मांग की बड़ी वजह है, जबकि ये स्टार कछुए संरक्षित प्रजाति के अंतर्गत आते हैं और इसकी तस्करी गैर-कानूनी है। इन्हें इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंज़र्वेशन ऑफ़ नेचर (IUCN- International Union for Conservation of Nature) की लुप्तप्राय प्रजातियों की लाल सूची में 'अतिसंवेदनशील' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह प्रजाति वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची IV में भी सूचीबद्ध है और भारत के भीतर या उससे बाहर इस प्रजाति का स्वामित्व और व्यावसायिक रूप से व्यापार करना अवैध है। परंतु फिर भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इनकी तस्करी बड़े पैमाने पर की जा रही है।

भारतीय स्टार कछुए 10 इंच तक बढ़ सकते हैं। ये ज्यादातर शाकाहारी होते हैं और घास, फल, फूल, और पौधों की पत्तियों पर जीवित रहते हैं। इसकी खूबसूरत पीली और काली ढाल पर तारे की आकृति और पिरामिडी उभार होती है। ये लकीर आमतौर पर संकीर्ण और बहुत अधिक होती हैं। यही वजह है कि विदेशों में पालतू जानवर के रूप में उपयोग के लिये बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिये इन प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है।

हाल में कछुओं की तस्करी की एक घटना जौनपुर में सामने आई। एक महिला तस्कर को जौनपुर व वाराणसी की संयुक्त टीम ने कैंट रेलवे स्टेशन से 105 कछुओं के साथ पकड़ा। बरामद कछुओं की कीमत लाखों आंकी गई। वर्ष 2017 में दो दिसंबर को शाहगंज रेलवे स्टेशन पर जी.आर.पी. व आर.पी.एफ. के जवानों ने दून एक्सप्रेस से 12 बोरों में 505 कछुए बरामद किये। इसके बाद तीन सितंबर को आर.पी.एफ. शाहगंज ने सियालदह एक्सप्रेस के जनरल बोगी से दो बोरे में रखे 56 कछुओं को बरामद किया। कछुओं को पश्चिम बंगाल में ले जाकर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेचा जाना था। जानकारों की मानें तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक कछुए की कीमत तकरीबन ₹5000 है, जबकि यहां लोकल एजेंट प्रत्येक कछुए को ₹500 से ₹1000 की दर से उठाते हैं।

12 दिसंबर 2017 में दो पुरुष चेन्नई हवाईअड्डे में चॉकलेट के डब्बे में 210 स्टार कछुओं को ले जाते हुए पकड़े गए थे। वहीं उसी वर्ष अगस्त में 2,500 स्टार कछुए जोकि लगभग 25 लाख रुपये के थे, अवदी (चेन्‍नई) के एक घर से जब्त किए गए थे। इन आंकड़ों को देखकर सरीसृप विशेषज्ञ और व्यापक संरक्षण समुदाय बहुत चिंतित हैं, क्योंकि 2004 के आंकड़ों के अनुसार भी 10,000 से 20,000 कछुओं की पूरी श्रृंखला को अवैध रूप से बाहर ले जाया गया था। भारतीय स्टार कछुओं को गांव के लोगों द्वारा एकत्र किया जाता है, जो उन्हें मध्यस्थों को बेचते हैं। फिर कछुओं को अत्यधिक संगठित, पेशेवर तस्करी करने वालों को बेचा जाता है। जो उन्हें देश से बाहर थाईलैंड, मलेशिया, ताइवान और अन्य वन्यजीव व्यापार केंद्रों में भेज देते हैं। इस प्रकार विदेशों में जाकर स्टार कछुओं की तस्करी कानूनी हो जाती है। उदाहरण के लिए थाईलैंड में अपने देश के कछुओं की रक्षा करना कानूनी है, लेकिन गैर-प्रजातियों के व्यापार के खिलाफ कोई कानून नहीं है।

कानून मज़बूत होने के बाद भी इस संरक्षित प्रजाति की तस्करी पर लागम नहीं लग पा रही है। अब समय है कि हम ही सभी अपनी वन्य जीव संपदा की रक्षा करें और सिर्फ चंद पैसों के लिये अपने देश की धरोहर को ना बेचें। ये हमारी जिम्मेदारी है कि अपने देश के वन्य जीवों की रक्षा हम स्वयं करें।

भारतीय स्टार कछुए भौगोलिक घटना के तीन व्यापक क्षेत्रों में पाए जाते हैं: उत्तर-पश्चिम भारत (गुजरात, राजस्थान) और आसपास के दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान, तमिलनाडु के पूर्वी एवं दक्षिणी भाग, आंध्र प्रदेश तथा पूर्वी कर्नाटक से ओडिशा तथा संपूर्ण श्रीलंका।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Indian_star_tortoise
2.https://www.thenewsminute.com/article/210-baby-star-tortoises-rescued-chennai-why-are-they-smuggled-begin-73099
3.https://timesofindia.indiatimes.com/city/chennai/why-smugglers-are-after-star-tortoises/articleshow/60303178.cms
4.https://news.nationalgeographic.com/2015/11/151125-Indian-star-tortoise-smuggling-pet-trade/
5.https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/relationships/pets/banned-in-india/articleshow/64691806.cms
6.https://www.jagran.com/uttar-pradesh/jaunpur-woman-turtle-smuggler-arrested-105-turtles-recovered-18486813.html
7.http://www.iucnredlist.org/details/39430/0



RECENT POST

  • पारंपरिक परिधान के रूप में प्रयोग की जाती है पगड़ी
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     09-12-2019 12:46 PM


  • हैरतंगेज़ करतबों से भरा सर्कस
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     08-12-2019 12:15 PM


  • कार्बन उत्सर्जन भी है, जलवायु परिवर्तन का एक कारक
    जलवायु व ऋतु

     07-12-2019 11:17 AM


  • कृषि को काफी प्रभावित करती है मृदा अपरदन
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-12-2019 11:45 AM


  • क्या है, ऋण वित्तपोषण (Debt Financing) और इक्विटी वित्तपोषण (Equity Financing) )के मध्य अंतर
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     05-12-2019 01:30 PM


  • जौनपुर में पायी जाती हैं शहतूत की विभिन्न प्रजातियां
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     04-12-2019 11:16 AM


  • सदियों से उपयोग में लाया जा रहा है सोना
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     03-12-2019 12:21 PM


  • एड्स के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है, भारत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     02-12-2019 11:52 AM


  • बीटल्स के एल्बम में भारतीय वाद्य यंत्रों का उपयोग
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     01-12-2019 10:00 AM


  • जौनपुर के लिए अच्छा विकल्प है, मोतियों का उत्पादन
    समुद्री संसाधन

     30-11-2019 11:49 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.