अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय और भारत के सुप्रीम कोर्ट की भूमिकाएं

जौनपुर

 03-10-2018 01:16 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

हम सभी जानते हैं कि समाज के लिए कानून बहुत महत्वपूर्ण है। कानून को समाज में शांति बनाए रखने और उसे समस्या मुक्त करने के लिए मनुष्य द्वारा बनाया गया था। सोचिए यदि कानून ना होता तो लोगों को गैरकानूनी कार्य करने के लिए कितनी स्वतंत्रता मिल जाती। इसलिए यह समाज के लिए एक दिशा निर्देशक के रूप में कार्य करता है। ऐसे ही विश्व में कई देश हैं, और इनके बीच के मतभेदों को सुलझाता है ‘अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय’ (International Court of Justice)।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का प्रमुख न्यायिक अंग है। यह जून 1945 में संयुक्त राष्ट्र के चार्टर द्वारा स्थापित किया गया था और अप्रैल 1946 में इसके द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया था। इस न्यायालय का उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों द्वारा सामने रखे गये विवादों की सुनवाई एवं निपटारा करना और अधिकृत संयुक्त राष्ट्र अंगों और विशेष एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत किए गए कानूनी प्रश्नों पर सलाहकार के रूप में अपनी राय देना है।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में न्यायाधीशों को कैसे चुना जाता है?
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में 15 न्यायाधीश होते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद द्वारा नौ साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं, इन न्यायाधीशों का चुनाव एक समय में मतदान द्वारा होता है, किंतु ये एक दूसरे से स्वतंत्र होते हैं।
निर्वाचित होने के लिए, उम्मीदवार के पास दोनों पक्षों से पूर्ण बहुमत प्राप्त होनी चाहिए, जो प्रायः अधिक पक्ष जुटाव और वोटिंग के कई दौर की ओर जाता है।
न्यायाधीशों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा को वार्षिक शरद ऋतु (सर्दियों का मौसम) के दौरान न्यूयॉर्क (New York) में आयोजित किया जाता है, और निर्वाचित न्यायाधीश अगले वर्ष के 6 फरवरी को कार्यालय में प्रवेश करते हैं।
अदालत में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए हर तीसरे साल पांच न्यायाधीश दुबारा चुने जाते हैं। न्यायाधीशों की नियुक्ति के संबंध में मुख्य शर्त यह होती है कि दो न्यायाधीश एक देश से नहीं चुने जा सकते हैं।
प्रत्येक न्यायाधीश को $172,978 ( Rs 1,26,33,448.23) का वार्षिक मूल वेतन प्राप्त होता है।

ये तो हुई बात अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के बारे में परन्तु अधिकांश देशों का अपना एक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) भी होता है, तो चलिए बताते हैं आपको भारत के उच्चतम न्यायालय के बारे में।

भारत का उच्चतम न्यायालय सबसे उच्च अपीलीय अदालत है जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ अपील सुनता है। इसके अलावा, राज्यों के बीच के विवादों और मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन से संबंधित याचिकाओं को आमतौर पर उच्च्तम न्यायालय के समक्ष सीधे रखा जाता है।

भारत के स्वतंत्र और स्वायत्त देश बनने के दो दिन बाद 28 जनवरी 1950 में भारत का उच्च्तम न्यायालय अस्तित्व में आया। इसके उद्घाटन सत्र को संसद परिसर में ‘चैंबर ऑफ प्रिंसेस’ में आयोजित किया गया था। 28 जनवरी 1950 को उद्घाटन सत्र के बाद भारत की सर्वोच्च अदालत ने संसद में सुनवाई शुरु की। वहीं वर्तमान में यह भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है।

न्यायाधीशों की योग्यताएँ:
व्यक्ति भारत का नागरिक हो।
उच्च न्यायालय (High Court) का न्यायाधीश या दो या दो से अधिक न्यायालयों में लगातार कम से कम पांच वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो या किसी उच्च न्यायालय या न्यायालयों में लगातार दस वर्ष तक अधिवक्ता (Advocate) रह चुका हो।
वह व्यक्ति राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होना चाहिए।
राष्ट्रपति के फैसले के आधार पर किसी प्रतिष्ठित विद्वान या विशेषज्ञ को भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया जा सकता है।

वहीं एक बार उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद वे 65 वर्ष की आयु तक पद पर बने रहते है। इनको महाभियोग द्वारा हटाया जा सकता है। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 2,80,000 रूपये मासिक वेतन एवं अन्य न्यायाधीशों को 2,50,000 रूपये मासिक वेतन प्राप्त होता है।

उच्चतम न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार में आने वाले मामले:
वसीयत, विवाह, तलाक, कंपनी कानून व न्यायालय की अवमानना से संबंधित मामले।
संसद सदस्यों व राज्य विधानमंडल सदस्यों के निर्वाचन संबंधी विवाद।
राजस्व संबंधी मामले।
नागरिकों के मूल अधिकारों का प्रवर्तन।
उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ अपील की सुनवाई।

बिना शांति के समाज का विकास संभव नहीं है और शांति के लिए लोगों को कानून के नियमों का पालन नियमित रूप से करना चाहिए।

संदर्भ:
1.https://www.icj-cij.org/en/court
2.https://en.wikipedia.org/wiki/International_Court_of_Justice
3.https://www.thehindu.com/news/international/how-are-judges-elected-to-the-international-court-of-justice/article20619816.ece
4.https://en.wikipedia.org/wiki/Supreme_Court_of_India



RECENT POST

  • सर्दियों के मौसम में नटखट पशुओं की मस्ती
    व्यवहारिक

     16-12-2018 11:34 AM


  • जानवरों को मृत्यु के बाद भी जीवित रखने की एक कला, चर्मपूरण
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     15-12-2018 01:27 PM


  • ‘चपाती’ (रोटी) का एक स्वादिष्ट और रोचक इतिहास
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     14-12-2018 12:00 PM


  • आखिरकार क्या है पासपोर्ट, इसका क्या उपयोग है, और कैसे इसे बनवाया जाए?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-12-2018 11:08 AM


  • जीवाणु और विषाणु के मध्य अंतर
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     12-12-2018 12:01 PM


  • अपराध तहकीकात में उपयोगी साबित होता हुआ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग
    डीएनए

     11-12-2018 11:34 AM


  • स्‍वादों में एक विशिष्‍ट पांचवे स्‍वाद वाले शिताकी मशरूम
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     10-12-2018 11:14 AM


  • महान अर्थशास्त्री चाणक्य का ज्ञान
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     09-12-2018 10:00 AM


  • सर्दियों की पसंदीदा मटर को जानें बेहतर
    साग-सब्जियाँ

     08-12-2018 10:50 AM


  • अधिकांश लोगों को होते हैं ये दृष्टि दोष
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     07-12-2018 12:58 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.